पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला: एडमिन ब्लॉक बंद करने पर 18 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में नॉन-टीचिंग कर्मचारियों के प्रदर्शन ने 29 अक्टूबर 2026 को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक-2 के दोनों दरवाज़े बंद करने के आरोप में 18 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस कार्रवाई के बाद परिसर में तनाव और गहरा हो गया है, जबकि कर्मचारी एसोसिएशन ने आंदोलन और तेज़ करने की चेतावनी दी है।
मुख्य घटनाक्रम
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, नॉन-टीचिंग कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक-2 के दोनों दरवाज़े बंद कर दिए, जिससे ब्लॉक में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर निकलने में परेशानी हुई और पूरे दिन दफ्तर का कामकाज ठप रहा।
प्रशासन ने इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता करार देते हुए सख्त रुख अपनाया। जारी नोटिस में संबंधित 18 कर्मचारियों को 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे तक लिखित स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तय समय तक संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों की मांगें और एसोसिएशन का पक्ष
नॉन-टीचिंग कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान गुरजीत गोपालपुरी ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों को नियमित (रेगुलर) करने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा, 'इसी के विरोध में यूनिवर्सिटी के गेट बंद कर रोष प्रदर्शन किया गया।'
कर्मचारियों का कहना है कि उनमें से कई पिछले कई वर्षों से अस्थायी आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। नियमितीकरण के आश्वासन बार-बार मिले, परंतु संबंधित फाइलें अब तक लंबित पड़ी हैं।
आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी
प्रशासन के नोटिस के बावजूद एसोसिएशन ने अपना मोर्चा जारी रखने का ऐलान किया है। गोपालपुरी ने बताया कि एसोसिएशन ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के निकट मोर्चा शुरू कर दिया है और एसोसिएशन के सदस्यों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया, तो यूनिवर्सिटी को पूर्ण रूप से बंद किया जाएगा — एक कदम जो हज़ारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित कर सकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रशासन ने कर्मचारियों से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने की अपील की है। हालाँकि, कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2026 की सुबह 10 बजे की समय-सीमा अब बेहद निकट है। यदि कर्मचारी संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देते, तो विभागीय कार्रवाई शुरू हो सकती है, जिससे विवाद और बढ़ने की आशंका है। इस समूचे घटनाक्रम का सीधा असर पंजाबी यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत हज़ारों विद्यार्थियों पर भी पड़ सकता है।