पंजाब में गैर-हाजिर सरकारी अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, कार्मिक विभाग ने मांगी सूची
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार के कार्मिक विभाग ने 27 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी कर ड्यूटी से बिना अनुमति गैर-हाजिर रहने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभाग प्रमुखों को उसी दिन कार्यदिवस समाप्त होने तक अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपने का आदेश दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
कार्मिक विभाग के पत्र में कहा गया है कि विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के तमाम सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के सामूहिक रूप से अवकाश पर रहे, जिससे सरकारी कामकाज व्यापक रूप से प्रभावित हुआ।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि गैर-हाजिर पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध लागू सर्विस रूल्स के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि ऐसे सभी अधिकारियों को चिन्हित किया जाएगा।
अधिकारियों का पक्ष
कथित तौर पर अधिकारी पंजाब सरकार के खिलाफ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती, तब तक यह विरोध जारी रहेगा। उनका तर्क है कि सरकार को हर हाल में उनकी माँगों पर ध्यान देना होगा।
गौरतलब है कि सामूहिक अवकाश का यह कदम बिना किसी पूर्व सूचना के उठाया गया, जिसका असर शीर्ष स्तर तक महसूस किया गया और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली लगभग ठप हो गई।
आम जनता पर असर
सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों की अनुपस्थिति से आम नागरिकों को अपने ज़रूरी कार्यों — जैसे प्रमाण-पत्र, अनुमतियाँ और अन्य सरकारी सेवाएँ — में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दे रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
पंजाब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने विभागों में ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर तत्काल सूची तैयार करें। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी कामकाज को निर्बाध रूप से जारी रखना और नागरिक सेवाओं को बाधित होने से बचाना है।
क्या होगा आगे
सूची प्राप्त होने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सर्विस रूल्स के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू करेगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारी अधिकारियों के बीच मांगों को लेकर बातचीत किस दिशा में जाती है, क्योंकि दोनों पक्ष अभी अपने-अपने रुख पर अडिग हैं।