एचपीवी टीकाकरण में उत्कृष्ट कार्य पर डॉ. रश्मि विज को पंजाब का राज्य स्तरीय डॉक्टर्स अवॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर की जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रश्मि विज को पंजाब सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय डॉक्टर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में पंजाब की सर्वाधिक कवरेज सुनिश्चित करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा सिविल अस्पताल के लिए प्रथम 'मुस्कान' सर्टिफिकेशन प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रदान किया गया।
पुरस्कार की पृष्ठभूमि और चयन प्रक्रिया
डॉ. विज के नामांकन की प्रक्रिया कई स्तरों से होकर गुजरी, जिसमें वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों, सिविल सर्जन और अन्य उच्च अधिकारियों ने उनके कार्य का मूल्यांकन किया। इस बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद ही उनका चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया गया। यह सम्मान स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने, टीकाकरण अभियानों को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के व्यापक योगदान को मान्यता देता है।
एचपीवी टीकाकरण अभियान में अमृतसर की भूमिका
जब पंजाब सरकार ने 14 से 15 वर्ष की किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया, तब अमृतसर की पूरी स्वास्थ्य टीम ने इसे मिशन के रूप में अपनाया। आशा वर्करों, एएनएम, मेडिकल अधिकारियों और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया तथा वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया। इन सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप अमृतसर एचपीवी टीकाकरण अभियान में पंजाब का अग्रणी जिला बना।
डॉ. विज के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और वर्ष 2006 से दुनिया के अनेक देशों में लगाई जा रही है। पहले यह वैक्सीन केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध थी, परंतु अब पंजाब सरकार इसे 14 से 15 वर्ष की लड़कियों को निःशुल्क उपलब्ध करा रही है, ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सके। यह पहल पंजाब को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग रहा है।
डॉ. विज की प्रतिक्रिया
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद डॉ. रश्मि विज ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग की टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।' उनके नेतृत्व में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया, जिसकी राज्य स्तर पर भी सराहना की गई।
डेंगू से बचाव पर जन-जागरूकता
इस अवसर पर डॉ. विज ने बरसात के मौसम में डेंगू से बचाव को लेकर भी लोगों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक शुक्रवार डेंगू विरोधी गतिविधियाँ चलाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कूलरों, गमलों, टायरों, फ्रिज की ट्रे और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि डेंगू का मच्छर साफ खड़े पानी में पनपता है। सप्ताह में कम से कम एक बार ऐसे सभी पात्रों को खाली करना आवश्यक है।
डॉ. विज ने यह भी सलाह दी कि गर्मी और बरसात के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ, तेज धूप से बचें तथा खुले और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखे, तो डेंगू सहित कई मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है।