सोनम वांगचुक का अनशन खत्म: BJP नेता सुभाष शर्मा ने मान सरकार पर साधा निशाना, आंगनवाड़ी बीमा घोषणा को बताया 'चुनावी दिखावा'
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ में 24 जुलाई को पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने जलवायु एवं शिक्षा अधिकार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त करने के फैसले का स्वागत किया और साथ ही आम आदमी पार्टी (AAP) की मान सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। शर्मा ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए घोषित ₹60 लाख के जीवन बीमा कवर को 'चुनावी मौसम का दिखावा' करार दिया और कहा कि साढ़े चार साल की विफलताओं को अंतिम समय की घोषणाओं से नहीं ढका जा सकता।
वांगचुक के अनशन पर BJP की प्रतिक्रिया
शर्मा ने कहा, 'हम सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने और सरकार में भरोसा जताने के फैसले का स्वागत करते हैं। सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मुझे विश्वास है कि जल्द ही कोई समाधान निकलेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि विरोध कर रहे छात्र भी संतुष्ट होंगे।
उन्होंने रेखांकित किया कि असली चुनौती पेपर लीक की समस्या को जड़ से समाप्त करना है और उस दिशा में काम जारी है।
प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश पर BJP का पक्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को लेकर उठे विवाद पर शर्मा ने कहा, 'विपक्ष की सोच सामंती है। हमारे प्रधानमंत्री एक जनसेवक हैं — उन्होंने हमेशा खुद को 'प्रधान सेवक' कहा है। वे जनता की इच्छा के अनुसार काम करते हैं, इसलिए उनके 'झुकने' का सवाल ही नहीं उठता। अगर इसे लोगों की बात सुनना भी माना जाए, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि जनता ही सर्वोपरि है।'
आंगनवाड़ी बीमा घोषणा पर तीखी आलोचना
पंजाब सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ₹60 लाख के जीवन बीमा कवर की घोषणा पर शर्मा ने कहा कि सरकार कार्यकाल के आखिरी पड़ाव में ऐसी घोषणाओं से जनता का दिल जीतने की कोशिश कर रही है, लेकिन लोग पहले से निराश हैं। उन्होंने कहा कि बीमा देना एक सकारात्मक कदम है, परंतु सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि पर मौन है।
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) अटका हुआ है। उनके अनुसार सफाई कर्मचारियों और मनरेगा कर्मियों पर लाठीचार्ज किया गया, जो सरकार की कर्मचारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
पेपर लीक और AAP का दोहरा रवैया
शर्मा ने फार्मेसी परीक्षा घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि उम्मीदवारों से ₹13 लाख लेकर नकल में मदद की गई। कुछ गिरफ्तारियाँ हुई हैं, लेकिन कई आरोपी अभी भी फरार हो सकते हैं और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप हैं।
शर्मा ने AAP पर दोहरे मानदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगा जाता है, जबकि पंजाब में खुद की कथित परीक्षा धांधली पर चुप्पी साधी जाती है और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज होता है।
रेलवे विकास परियोजनाओं में अड़चन
शर्मा ने यह भी कहा कि पंजाब में रेलवे विकास परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण और एनओसी (NOC) जारी करने के काम ठप पड़े हैं। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र आनंदपुर साहिब का उदाहरण देते हुए पंजाब सरकार से आग्रह किया कि वह इन अड़चनों को तत्काल दूर करे ताकि विकास कार्य शुरू हो सकें।
आलोचकों का कहना है कि मान सरकार के कार्यकाल में किए गए वादे — जिनमें सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करना शामिल था — अभी भी अधूरे हैं। अगले चुनाव से पहले इन मुद्दों का समाधान न होना AAP के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है।