पेपर लीक पर धनीराम शांडिल का हमला: 'PM संसद में जवाब दें, वीडियो संदेश से नहीं चलेगा काम'
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने 24 जुलाई को शिमला में कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन पेपर लीक मामले में दोषियों पर ठोस कार्रवाई न होने के कारण छात्र आंदोलन अभी थमा नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए इसकी कड़ी भर्त्सना की।
वांगचुक का अनशन और छात्र आंदोलन की स्थिति
शांडिल ने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन एक उचित उद्देश्य के लिए था और उसका समाप्त होना स्वागतयोग्य है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की सक्रिय भागीदारी एक अच्छा संकेत है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मुख्य माँग — पेपर लीक के दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई — अभी तक पूरी नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन जारी है।
लाठीचार्ज की निंदा और छात्रों के अधिकार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि पेपर लीक के दोषियों पर समय रहते कड़ी कार्रवाई की गई होती, तो हालात इस स्तर तक नहीं बिगड़ते। उनके अनुसार, छात्रों के साथ बल प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। शांडिल ने कहा, 'छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत व विश्वास से होना चाहिए, बल प्रयोग से नहीं।' उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
पेपर लीक और बेरोज़गारी की दोहरी मार
शांडिल ने कहा कि देश में पहले से ही बेरोज़गारी एक गंभीर चुनौती है। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने से मेहनती और योग्य छात्र पीछे रह जाते हैं। इसी चिंता के चलते छात्रों ने शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि इस घटना की आलोचना केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका सहित विदेशों में भी हुई।
PM मोदी पर निशाना: संसद में दें जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए शांडिल ने कहा कि जब देश में इतनी गंभीर घटनाएँ हो रही हों और संसद में इस पर चर्चा चल रही हो, तब प्रधानमंत्री का सदन में उपस्थित रहकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना ज़रूरी है। दो बार सांसद रह चुके शांडिल ने कहा, 'संसद के बजाय वीडियो संदेशों के ज़रिए जवाब देना उचित नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद के माध्यम से ही विवादों का समाधान निकाला जाना चाहिए।'
परीक्षा सुधार और आगे की राह
शांडिल ने माँग की कि भविष्य में ऐसा कठोर कानून बनाया जाए जिससे परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो तथा पेपर लीक की संभावना पूरी तरह समाप्त हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार केंद्र सरकार और सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस पूरे प्रकरण से सबक लेते हुए छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।