पूर्वी चंपारण में चोरी बाइक गिरोह का भंडाफोड़: 28 मोटरसाइकिल बरामद, 12 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की पूर्वी चंपारण पुलिस ने 29 जुलाई 2026 को चोरी की मोटरसाइकिलों के संगठित अवैध कारोबार के खिलाफ जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। चिरैया और शिकारगंज थाना पुलिस की संयुक्त छापेमारी में दो अलग-अलग गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए कुल 28 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की गईं और 12 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, चिरैया थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिकरहना के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने छापेमारी की। इस कार्रवाई में 8 आरोपी पकड़े गए और उनके कब्जे से 21 मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। इसी कड़ी में शिकारगंज थाना पुलिस ने एक अन्य सूचना पर स्वतंत्र कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 7 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं।
गिरोह का तरीकाकार
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों के मूल इंजन और चेसिस नंबर मिटाकर उन पर फर्जी नंबर पंच करते थे। इसके बाद उसी नंबर के आधार पर नकली नंबर प्लेट और जाली पंजीकरण दस्तावेज तैयार किए जाते थे, जिससे बाइक को वैध दिखाया जा सके। गिरोह के सदस्य दस्तावेज उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर इन मोटरसाइकिलों को ₹25,000 से ₹30,000 की कम कीमत पर बेच देते थे।
पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा, 'यह पूर्वी चंपारण पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। दोनों मामलों में कुल 28 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह एक संगठित गिरोह का नेटवर्क प्रतीत हो रहा है, जो फर्जी इंजन एवं चेसिस नंबर, जाली पंजीकरण और कागजात तैयार कर चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री करता था। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।'
आगे की जांच
दोनों मामलों में संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बरामद मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने के लिए उनके मूल इंजन और चेसिस नंबर का तकनीकी सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों अथवा राज्यों से जुड़े हैं या नहीं। गौरतलब है कि बिहार में चोरी के वाहनों का अंतर-जिला नेटवर्क पहले भी सामने आ चुका है, और इस मामले में अंतर-राज्यीय कड़ी की संभावना को पुलिस गंभीरता से खंगाल रही है।