राबड़ी देवी की सुरक्षा कटौती पर प्रभुनाथ सिंह यादव का हमला, बोले- जनता को असली मुद्दों से भटकाने की साज़िश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में की गई कटौती को लेकर पटना में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। 6 जून को राबड़ी देवी के बड़े भाई प्रभुनाथ सिंह यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस फैसले को जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश करार दिया।
प्रभुनाथ सिंह यादव का आरोप
प्रभुनाथ सिंह यादव ने कहा कि यह पूरा कदम राजनीतिक माहौल बिगाड़ने और जनता को बुनियादी समस्याओं से दूर रखने के इरादे से उठाया गया है। उन्होंने राबड़ी देवी को बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में याद दिलाया और कहा कि जनता ने खुद उन्हें उस पद तक पहुँचाया था। उन्होंने राबड़ी देवी की तुलना देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी से करते हुए कहा कि जिस तरह किरण बेदी का नाम पूरे देश में सम्मान के साथ लिया जाता है, उसी तरह बिहार में राबड़ी देवी का भी एक विशेष और अपरिहार्य स्थान है।
जनता की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया
सुरक्षा कटौती के विरोध में उमड़ रही भीड़ के बारे में प्रभुनाथ सिंह यादव ने कहा कि इन लोगों को किसी ने नहीं बुलाया — यह जनता की अपनी भावना है जो अपने नेता के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ स्वतः सड़कों पर आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में पूरे बिहार की जनता इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज़ उठाएगी।
शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
प्रभुनाथ सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि जब बिहार के स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और शिक्षा व्यवस्था अनेक चुनौतियों से जूझ रही है, तब सरकार बड़े-बड़े वादे करने में व्यस्त है। आलोचकों का कहना है कि सुरक्षा कटौती का मुद्दा उठाकर सरकार शासन की विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
बिहार गृह विभाग का आदेश
बिहार गृह विभाग ने हाल ही में एक आधिकारिक आदेश जारी कर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को दी गई सुरक्षा में कटौती का निर्णय लिया। राज्य सरकार के अनुसार यह फैसला राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद की गई सिफारिशों पर आधारित है। इसी आदेश के तहत तेज प्रताप यादव को दी गई 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा भी वापस ले ली गई है।
आगे क्या होगा
यह विवाद बिहार की राजनीति में नया मोर्चा खोल सकता है, खासकर तब जब RJD पहले से ही सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ विपक्षी एकजुटता बनाने में जुटी है। प्रभुनाथ सिंह यादव के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।