रघुराम कृष्ण राजू टॉर्चर मामले में बिहार कैडर के आईपीएस सुनील कुमार नाइक की 7 घंटे पूछताछ

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रघुराम कृष्ण राजू टॉर्चर मामले में बिहार कैडर के आईपीएस सुनील कुमार नाइक की 7 घंटे पूछताछ

सारांश

आंध्र प्रदेश पुलिस ने पूर्व सांसद रघु रामकृष्ण राजू के टॉर्चर मामले में बिहार के आईपीएस सुनील कुमार नाइक से गहन पूछताछ की। जानिए इस मामले के ताजा घटनाक्रम के बारे में।

Key Takeaways

  • रघु रामकृष्ण राजू को हिरासत में टॉर्चर का आरोप है।
  • बिहार कैडर के आईपीएस सुनील कुमार नाइक से 7 घंटे तक पूछताछ हुई।
  • आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रस्तुतियों के लिए निर्देश दिया है।
  • राजू का राजनीतिक इतिहास विवादास्पद है।
  • इस मामले में कई कानूनी पेचीदगियां हैं।

अमरावती, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश पुलिस ने पूर्व सांसद रघु रामकृष्ण राजू, जो वर्तमान में आंध्र प्रदेश विधानसभा के डिप्टी स्पीकर हैं, को हिरासत में टॉर्चर के मामले में गुरुवार को बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी एम सुनील कुमार नाइक से लगभग सात घंटे तक पूछताछ की।

बिहार फायर सर्विसेज के निदेशक सुनील कुमार नाइक से विजयनगरम के पुलिस सुपरिटेंडेंट एआर दामोदर ने पूछताछ की, जो इस मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर हैं। उन्होंने गुंटूर के सेंट्रल क्राइम स्टेशन में उनसे पूछताछ की।

सुनील नाइक शुक्रवार को फिर से इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के समक्ष पेश होंगे।

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, उन्हें 5 मार्च से 9 मार्च तक प्रतिदिन पुलिस के समक्ष पेश होना है। हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने पेश होने का आदेश दिया था।

23 फरवरी को पटना में आंध्र प्रदेश पुलिस ने सुनील नाइक को गिरफ्तार किया था, क्योंकि वह नोटिस जारी होने के बावजूद पूछताछ के लिए पेश नहीं हो रहे थे। हालांकि, पटना की एक अदालत ने उनके ट्रांजिट वारंट के लिए पुलिस की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद, पुलिस ने गुंटूर की एक अदालत से संपर्क किया, जिसने 26 फरवरी को गिरफ्तारी वारंट जारी किया।

इसके बाद आईपीएस अधिकारी ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दी थी। उनके वकील ने दलील दी कि उनके खिलाफ मामला राजनीतिक प्रेरित है।

कोर्ट को बताया गया कि सुनील नाइक का नाम एफआईआर में नहीं है और याचिकाकर्ता ने राजू को केवल हैदराबाद में एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था और उसे गुंटूर स्थानांतरित कर दिया था। उन्होंने उस समय के सांसद को कथित तौर पर कस्टोडियल टॉर्चर में शामिल होने से इनकार किया।

जस्टिस वेंकट ज्योतिर्मयी प्रताप ने आईपीएस अधिकारी को 5 मार्च या उससे पहले और 9 मार्च को अगली सुनवाई तक इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने पेश होने का निर्देश दिया।

रघुराम कृष्ण राजू को कथित तौर पर 2021 में पुलिस कस्टडी में टॉर्चर किया गया था, जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी। राजू, जो उस समय सांसद थे, को उस समय के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

राजू 2019 में नरसापुरम से वाईएसआरसीपी के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन बाद में वह बागी हो गए। उन्हें 14 मई, 2021 को हैदराबाद में उनके घर से सरकार के खिलाफ बोलने और कथित तौर पर राज्य में सांप्रदायिक अशांति भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

राजू 2024 के चुनावों से पहले तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) में शामिल हो गए और विधानसभा के लिए चुने गए। टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने उन्हें डिप्टी स्पीकर बनाया।

सुनील नाइक, जो उस समय आंध्र प्रदेश क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के डीआईजी के तौर पर डेप्युटेशन पर काम कर रहे थे, 2024 में बिहार लौट आए।

Point of View

बल्कि यह बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है। इस प्रकार के मामलों में कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता महत्वपूर्ण है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

रघु रामकृष्ण राजू को कब गिरफ्तार किया गया था?
रघु रामकृष्ण राजू को 2021 में गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में सुनील कुमार नाइक का क्या रोल है?
सुनील कुमार नाइक इस मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर हैं और उनसे पूछताछ की गई।
क्या सुनील नाइक का नाम एफआईआर में है?
नहीं, सुनील नाइक का नाम एफआईआर में नहीं है।
हाई कोर्ट ने सुनील नाइक को क्या निर्देश दिए?
हाई कोर्ट ने उन्हें 5 मार्च से 9 मार्च तक इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने पेश होने का निर्देश दिया।
राजू का राजनीतिक करियर क्या है?
राजू ने 2019 में वाईएसआरसीपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते और बाद में टीडीपी में शामिल हो गए।
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