राह-वीर योजना: घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेंगे ₹25,000, गडकरी बोले — हर साल 50 हजार जानें बचेंगी

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राह-वीर योजना: घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेंगे ₹25,000, गडकरी बोले — हर साल 50 हजार जानें बचेंगी

सारांश

सड़क हादसे में घायल की मदद करने वाले को अब सरकार ₹25,000 देगी — यही है राह-वीर योजना का वादा। गडकरी ने एम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि समय पर मदद से हर साल 50,000 जानें बचाई जा सकती हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 9 किमी एलिवेटेड खंड के निरीक्षण के दौरान यह ऐलान हुआ।

मुख्य बातें

राह-वीर योजना के तहत सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 का पुरस्कार मिलेगा।
दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के 8 दिन के इलाज के लिए सरकार अस्पताल को अधिकतम ₹1.5 लाख तत्काल उपलब्ध कराएगी।
एम्स के डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार समय पर सहायता से हर साल करीब 50,000 जानें बचाई जा सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 19 मई 2026 को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड खंड का निरीक्षण किया।
कालिंदी कुंज को सिग्नल-फ्री बनाने की योजना पर काम जारी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 19 मई 2026 को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के सराय काले खान से जैतपुर तक बने 9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड खंड का निरीक्षण किया और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए सरकार की 'राह-वीर योजना' का विस्तार से ब्यौरा दिया। इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले किसी भी नागरिक को सरकार की ओर से ₹25,000 का पुरस्कार दिया जाएगा।

राह-वीर योजना: क्या है प्रावधान

गडकरी ने बताया कि 'राह-वीर योजना' के अंतर्गत न केवल घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को ₹25,000 का इनाम मिलेगा, बल्कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को किसी भी अस्पताल में भर्ती कराने पर सरकार अधिकतम ₹1.5 लाख तक का इलाज खर्च आठ दिनों के लिए संबंधित अस्पताल को तत्काल उपलब्ध कराएगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि आर्थिक संकोच या कानूनी डर की वजह से कोई भी व्यक्ति घायल की मदद करने से न चूके।

गौरतलब है कि भारत में 'गुड सेमेरिटन' कानून पहले से मौजूद है, जो घायल की मदद करने वालों को पुलिस पूछताछ से सुरक्षा देता है। राह-वीर योजना उसी ढाँचे को आर्थिक प्रोत्साहन से और मजबूत बनाने की कोशिश है।

एम्स की रिपोर्ट: समय पर मदद से बचेंगी 50 हजार जानें

गडकरी ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यदि सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए, तो हर साल करीब 50,000 लोगों की जान बचाई जा सकती है। यह आँकड़ा सड़क सुरक्षा की तात्कालिकता को रेखांकित करता है — भारत में हर साल डेढ़ लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गँवाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या उन मामलों की होती है जहाँ समय पर चिकित्सा सहायता न मिल पाने से मौत होती है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निरीक्षण: कालिंदी कुंज को सिग्नल-फ्री बनाने की योजना

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा समेत कई नेता उपस्थित रहे। गडकरी ने कहा कि कालिंदी कुंज दिल्ली के सर्वाधिक ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में से एक है और सरकार इसे सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रैफिक समस्याएं लगातार बदलती रहती हैं और यह दावा करना उचित नहीं कि हर समस्या का पूर्ण समाधान संभव है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक योजना के जरिए ट्रैफिक दबाव को कम करने और नागरिकों को सतत विकास के साथ बेहतर राहत देने का प्रयास जारी रहेगा।

जागरूकता अभियान की अपील

गडकरी ने मीडिया और आम नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा और घायलों की मदद को लेकर जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या और वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना आसान नहीं, लेकिन सामूहिक जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन मिलकर सड़क पर होने वाली अनावश्यक मौतों को रोक सकते हैं।

राह-वीर योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा और पात्रता की शर्तें सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से जल्द जारी किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — पुरस्कार दावे की प्रक्रिया कितनी सरल है, यह तय करेगा कि आम नागरिक आगे आएगा या नहीं। भारत में 'गुड सेमेरिटन' कानून वर्षों से है, फिर भी लोग पुलिस झंझट के डर से घायलों को छोड़ देते हैं — महज आर्थिक प्रोत्साहन उस मनोवैज्ञानिक अवरोध को तोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं, जब तक दावा भुगतान की व्यवस्था पारदर्शी और त्वरित न हो। ₹1.5 लाख का अस्पताल-भुगतान प्रावधान स्वागतयोग्य है, पर यह भी देखना होगा कि निजी अस्पताल इस योजना में भाग लेने को तैयार होते हैं या नहीं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राह-वीर योजना क्या है?
राह-वीर योजना केंद्र सरकार की एक सड़क सुरक्षा पहल है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले किसी भी नागरिक को ₹25,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही, घायल के 8 दिन के इलाज के लिए सरकार अस्पताल को अधिकतम ₹1.5 लाख तत्काल उपलब्ध कराएगी।
राह-वीर योजना के तहत पुरस्कार कैसे मिलेगा?
योजना के अनुसार, जो व्यक्ति सड़क हादसे के घायल को किसी भी अस्पताल में भर्ती कराएगा, वह ₹25,000 के पुरस्कार का पात्र होगा। विस्तृत दावा प्रक्रिया और पात्रता शर्तें सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से जल्द जारी की जाने की उम्मीद है।
एम्स की रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
नई दिल्ली स्थित एम्स के डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, यदि सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए, तो हर साल करीब 50,000 लोगों की जान बचाई जा सकती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसी रिपोर्ट को राह-वीर योजना की जरूरत का आधार बताया।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एलिवेटेड खंड कहाँ तक बना है?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड खंड सराय काले खान से जैतपुर तक बनाया गया है। 19 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसका निरीक्षण किया।
कालिंदी कुंज को सिग्नल-फ्री कब तक बनाया जाएगा?
गडकरी ने निरीक्षण के दौरान बताया कि सरकार कालिंदी कुंज को सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में काम कर रही है, क्योंकि यह दिल्ली के सर्वाधिक ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में से एक है। हालाँकि, इसकी कोई निश्चित समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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