राहुल गांधी का भाजपा पर कटाक्ष, कहा- विदेश नीति अब सरकार की निजी नीति बन गई है

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राहुल गांधी का भाजपा पर कटाक्ष, कहा- विदेश नीति अब सरकार की निजी नीति बन गई है

सारांश

राहुल गांधी ने भाजपा पर विदेशी नीति को निजी बनाकर उपयोग करने का आरोप लगाया है। महिला आरक्षण बिल पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। क्या भाजपा ने विदेश नीति को मजाक बना दिया है?

Key Takeaways

  • राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर विदेश नीति को निजी नीति बनाने का आरोप लगाया।
  • महिला आरक्षण बिल को लागू करने की जरूरत है।
  • प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर विपक्ष ने सवाल उठाए।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विदेश नीति और महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया है। विपक्ष के सांसदों ने आरोप लगाया है कि भाजपा अपनी व्यक्तिगत नीतियों के तहत विदेश नीति का उपयोग कर रही है। भाजपा के शासन में जनता परेशान है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "हमारी विदेश नीति अब केंद्र सरकार की व्यक्तिगत नीति बन गई है। यह एक यूनिवर्सल मजाक बन गई है। यदि हमारे प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं, तो हमारी विदेश नीति भी कॉम्प्रोमाइज्ड है। यह हमारे लिए क्या स्थिति है? क्या लोग इसका नुकसान नहीं उठाएंगे? यह तो बस शुरुआत है, आगे और भी समस्याएँ आएंगी। अमेरिका और इजरायल जैसी शक्तियाँ जो कहेंगी, प्रधानमंत्री मोदी वही कहेंगे।"

महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "मेरे अनुसार, इस पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। पहले उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे क्या पेश करना चाहते हैं। क्या आरक्षण का कोई सिस्टम होगा? आरक्षण कैसे दिया जाएगा? इसके बाद ही हम आगे बढ़ सकते हैं।"

संसद में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर उन्होंने कहा, "जब प्रधानमंत्री मोदी संसद में बोल रहे थे, ऐसा लगा जैसे कोई न्यूज एंकर बोल रहा है। न्यूज एंकर भी टीवी पर उनसे अधिक जानकारी दे रहे हैं। रिपोर्ट आ रही है कि पाकिस्तान बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश बीच में है और हम कुछ नहीं कर रहे हैं।"

महिला आरक्षण बिल पर सपा सांसद इकरा चौधरी ने कहा, "यह बिल पिछले लोकसभा में पास हो चुका था। अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि इसे लागू करने के लिए क्या तैयारियाँ की जा रही हैं। इसे केवल कागजों पर पास नहीं होना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू होना आवश्यक है। हमें खुशी है कि सरकार इस बिल पर विचार कर रही है, लेकिन इसे असल में कैसे लागू किया जाएगा, यह देखना अभी बाकी है।"

उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह पहले ही पास हो चुका था, लेकिन इसका कोई रोडमैप नहीं था। एक महिला होने के नाते मैं इसका स्वागत करती हूं और यह बिल जल्द से जल्द लागू होना चाहिए।"

आप सांसद संजय सिंह ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, "भाजपा जनगणना से भाग रही है। २०११ की जनगणना के आधार पर २०२९ में चुनाव कैसे हो सकता है? हर १० साल में जनगणना होनी चाहिए, लेकिन आप जनगणना से भागते हैं। आप जातीय जनगणना से भी भागते हैं।"

Point of View

जो दर्शाता है कि विपक्ष केंद्र सरकार की विदेश नीति को गंभीरता से ले रहा है। जबकि महिला आरक्षण बिल पर भी उनकी बातें विचारणीय हैं, यह स्पष्ट है कि वर्तमान समय में राजनीतिक संवाद आवश्यक है।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी ने विदेश नीति के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि विदेश नीति अब केंद्र सरकार की निजी नीति बन गई है और यह एक मजाक जैसा हो गया है।
महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष का क्या कहना है?
विपक्ष का मानना है कि बिल को केवल कागजों पर पास नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे सही तरीके से लागू करना आवश्यक है।
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