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रेलवे टेंडर घोटाला: CBI ने नॉर्दर्न रेलवे के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर समेत तीन को ₹1 लाख की रिश्वत के साथ दबोचा

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रेलवे टेंडर घोटाला: CBI ने नॉर्दर्न रेलवे के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर समेत तीन को ₹1 लाख की रिश्वत के साथ दबोचा

सारांश

CBI ने नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय में ट्रैप ऑपरेशन के ज़रिए ₹1 लाख की रिश्वत लेते चीफ मैटेरियल्स मैनेजर समेत तीन को रंगे हाथ दबोचा। FIR में छह आरोपी; दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर में एक साथ छापेमारी।

मुख्य बातें

CBI ने 3 जुलाई 2025 को नॉर्दर्न रेलवे टेंडर भ्रष्टाचार मामले में FIR दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर , एक सीनियर क्लर्क और एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि शामिल हैं।
ट्रैप ऑपरेशन में ₹1 लाख की रिश्वत मौके से बरामद की गई।
FIR में कुल छह आरोपी नामजद; डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर और निजी कंपनी के दो प्रतिनिधि भी शामिल।
CBI ने नई दिल्ली , गाजियाबाद , बुलंदशहर और कानपुर में एक साथ छापेमारी कर दस्तावेज़ व डिजिटल उपकरण जब्त किए।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 3 जुलाई 2025 को नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय में रेलवे टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया — जिनमें नॉर्दर्न रेलवे के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, एक सीनियर क्लर्क और एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि शामिल हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार, इन अधिकारियों पर आरोप है कि वे सरकारी खरीद प्रक्रिया की आड़ में रेलवे टेंडर दिलाने के बदले अवैध रिश्वत वसूल रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

CBI ने 3 जुलाई को इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। एफआईआर में कुल छह आरोपियों को नामजद किया गया है — नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, सीनियर क्लर्क, एक निजी कंपनी और उसके दो प्रतिनिधि। इसके अलावा कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।

CBI के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में यह सामने आया कि नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के कुछ अधिकारी निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर निर्धारित सरकारी खरीद नियमों का उल्लंघन करते हुए संबंधित कंपनी को टेंडर दिलाने में अनुचित लाभ पहुँचा रहे थे।

ट्रैप ऑपरेशन और गिरफ्तारी

CBI ने इस मामले में सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान निजी कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा चीफ मैटेरियल्स मैनेजर को ₹1 लाख की रिश्वत दी जा रही थी, जिसे मौके पर ही बरामद कर लिया गया। इसके बाद दोनों सरकारी कर्मचारियों और रिश्वत देने वाले निजी व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र सरकार कई डिजिटल सुधार लागू कर रही है। गौरतलब है कि रेलवे में टेंडर भ्रष्टाचार के मामले नए नहीं हैं — CBI पिछले कई वर्षों में ऐसे मामलों की जाँच कर चुकी है।

तलाशी अभियान और बरामदगी

गिरफ्तारी के बाद CBI ने नई दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जाँच एजेंसी को अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली, जिन्हें आगे की जाँच के लिए जब्त कर लिया गया है।

आगे की जाँच

CBI के अनुसार इस मामले में आगे की जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर सहित एफआईआर में नामजद शेष आरोपियों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के ट्रैप ऑपरेशन सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार रोकने की दिशा में एक प्रभावी हथियार हैं, बशर्ते उच्च स्तर तक जाँच की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो नीचे के नियंत्रण निरर्थक हो जाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या CBI की जाँच केवल तीन गिरफ्तारियों तक सिमटेगी या FIR में नामजद डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर और अज्ञात अधिकारियों तक भी पहुँचेगी। रेलवे में टेंडर भ्रष्टाचार के बार-बार सामने आने वाले मामले बताते हैं कि व्यक्तिगत गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं हैं — ज़रूरत प्रणालीगत जवाबदेही की है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBI ने नॉर्दर्न रेलवे में किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
CBI ने नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, एक सीनियर क्लर्क और एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया। आरोप है कि ये अधिकारी सरकारी टेंडर दिलाने के बदले निजी कंपनी से अवैध रिश्वत ले रहे थे।
रेलवे टेंडर रिश्वत मामले में FIR में कितने आरोपी हैं?
FIR में कुल छह आरोपी नामजद हैं — चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, सीनियर क्लर्क, एक निजी कंपनी और उसके दो प्रतिनिधि। इसके अलावा कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जाँच जारी है।
CBI के ट्रैप ऑपरेशन में कितनी रिश्वत बरामद हुई?
CBI के ट्रैप ऑपरेशन में ₹1 लाख की रिश्वत मौके से बरामद की गई। यह रकम निजी कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा चीफ मैटेरियल्स मैनेजर को दी जा रही थी।
CBI ने छापेमारी कहाँ-कहाँ की?
गिरफ्तारी के बाद CBI ने नई दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
CBI के अनुसार आगे की जाँच जारी है और FIR में नामजद शेष आरोपियों — विशेषकर डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर — की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जब्त दस्तावेज़ों और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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