मालाड विवाद: राज ठाकरे की अपील — मराठी-जैन समाज को बाँटने की साजिश से रहें सावधान
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने 26 जून 2026 को जैन समाज के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर दोनों समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। यह मुलाकात मुंबई के मालाड में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के जिरे टोप (शिरस्त्राण) पर जैन समाज का झंडा लगाए जाने से उपजे विवाद की पृष्ठभूमि में हुई।
विवाद की पृष्ठभूमि
मालाड में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के शिरस्त्राण पर जैन समाज का झंडा लगाए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन गई। इस घटना ने मराठी और जैन समुदायों के बीच मतभेद की आशंका को हवा दी, जिसके बाद मनसे प्रमुख ने हस्तक्षेप करना उचित समझा।
राज ठाकरे का स्पष्ट संदेश
राज ठाकरे ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल मराठी और जैन समाज के बीच जानबूझकर विवाद और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दोनों समुदायों से ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी राजनीतिक उकसावे में न आने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जैन मुनि पद्मसागर स्वयं उनके घर आ चुके हैं और उन्हें जैन समाज से कोई आपत्ति नहीं है।
धार्मिक आयोजन और सार्वजनिक व्यवस्था पर रुख
मनसे प्रमुख ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने या किसी धर्मगुरु के स्वागत पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि किसी हाउसिंग सोसायटी में जैन धर्मगुरु आते हैं, तो स्वागत के लिए कारपेट बिछाया जा सकता है और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उसे हटा देना चाहिए। हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे इंतजाम नहीं होने चाहिए जिनसे आम नागरिकों को असुविधा हो।
सामाजिक सौहार्द की अपील
राज ठाकरे ने कहा कि सभी धर्मों और उनकी आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन साथ ही सार्वजनिक व्यवस्था और अन्य नागरिकों की सुविधाओं का भी समान रूप से ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
आगे की राह
मनसे प्रमुख ने मराठी और जैन समाज से स्पष्ट अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक साजिश या भड़काऊ कोशिश का हिस्सा न बनें और आपसी विश्वास व सौहार्द के साथ आगे बढ़ें। उनके अनुसार, सामाजिक सौहार्द ही किसी भी विवाद का सबसे टिकाऊ समाधान है। यह देखना बाकी है कि मालाड में तनाव किस दिशा में जाता है और स्थानीय प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के लिए क्या कदम उठाता है।