राजस्थान में 31 जुलाई से नए निजी स्कूलों की मान्यता के आवेदन शुरू, शिक्षा मंत्री दिलावर ने दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 20 जुलाई को जयपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में घोषणा की कि राज्य में नए निजी स्कूलों को मान्यता प्रदान करने हेतु 31 जुलाई 2026 से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मान्यता प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सरल बनाया जाएगा, और प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।
बैठक में क्या हुए निर्णय
शिक्षा संकुल, जयपुर में सोमवार को आयोजित इस बैठक में दिलावर ने निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया और लंबित आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सरकार के सभी नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रथम स्तर की निरीक्षण समिति आवेदन प्राप्ति के सात दिनों के भीतर निरीक्षण पूरा कर अपनी रिपोर्ट जमा करे। इसके पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रिपोर्ट की जाँच कर 15 दिनों के भीतर उसे आगे प्रेषित करेंगे, और अंत में शिक्षा निदेशक मान्यता देने पर अंतिम निर्णय लेंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
दिलावर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निरीक्षण पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हों और समिति के गठन से लेकर रिपोर्ट जमा करने तक की संपूर्ण प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाए। अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई प्रत्येक कमी को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए और आवेदन केवल निर्धारित प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएं।
छात्र सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री ने बैठक में कहा कि छात्रों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मान्यता प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन कर सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ किया जाएगा। निरीक्षण दलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों के बैठने की व्यवस्था, स्कूल भवन एवं कक्षाओं, प्रार्थना स्थल, परिसर में आवागमन की सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक बुनियादी ढाँचे और सुरक्षा इंतजामों का गहन मूल्यांकन करें।
दिलावर ने यह भी निर्देश दिया कि छात्रों को स्कूल परिसर के बाहर नहीं, बल्कि सुरक्षित रूप से स्कूल के भीतर ही अभिभावकों को सौंपा जाए।
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
मंत्री ने अधिकारियों को डमी छात्रों का नामांकन करने वाले स्कूलों, स्कूल समय में छात्रों को कोचिंग भेजने वाले संस्थानों, बिना मान्यता के संचालित स्कूलों और शिक्षा से जुड़े अनिवार्य नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
इसके साथ ही दिलावर ने स्पष्ट किया कि फीस बकाया होने के आधार पर किसी भी छात्र का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) या अन्य शैक्षणिक दस्तावेज नहीं रोके जाने चाहिए। ऐसे मामलों में छात्रों या अभिभावकों को परेशान करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह पहल राजस्थान में निजी स्कूल क्षेत्र को अधिक जवाबदेह और विनियमित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और आने वाले हफ्तों में इसके क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।