सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: राजस्थान-UP के सरकारी स्कूलों में मीडिया प्रवेश और वीडियोग्राफी पर रोक के सर्कुलर को याचिका
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय में 23 अगस्त 2026 को एक अहम याचिका दाखिल की गई है, जिसमें राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश तथा वीडियोग्राफी पर रोक लगाने वाले सर्कुलर को असंवैधानिक घोषित कर रद्द करने की माँग की गई है। वकील नरेंद्र मिश्रा द्वारा दायर इस याचिका में केंद्र सरकार और सभी राज्यों को पक्षकार बनाया गया है।
याचिका में क्या है
याचिका में तर्क दिया गया है कि दोनों राज्य सरकारों के ये आदेश संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 19(1)(a) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 19(1)(g) (व्यवसाय की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 21 (जीने का अधिकार) और अनुच्छेद 21-A (शिक्षा का अधिकार) का उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन मौलिक अधिकारों की आड़ में नागरिकों और मीडिया की पहुँच को बाधित नहीं किया जा सकता।
राजस्थान का सर्कुलर: मुख्य प्रावधान
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार द्वारा 16 अगस्त 2026 को जारी आदेश के तहत राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पत्रकारों, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों सहित किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रिंसिपल या अधिकृत अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सर्कुलर के अनुसार, हर आगंतुक को विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके अलावा, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों, खेल के मैदानों और रेस्टरूम जैसे क्षेत्रों में बाहरी व्यक्ति तभी जा सकेंगे जब उनके साथ कोई शिक्षक या अधिकृत अधिकारी हो। फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव-स्ट्रीमिंग के लिए भी पूर्व अनुमति अनिवार्य की गई है।
विवाद का केंद्र: प्रेस की स्वतंत्रता बनाम स्कूल सुरक्षा
यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी स्कूलों की दशा और वहाँ की सुविधाओं को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर लगातार रिपोर्टिंग हो रही है। आलोचकों का कहना है कि ये सर्कुलर पारदर्शिता पर अंकुश लगाने की कोशिश है, जबकि राज्य सरकारों का तर्क है कि ये आदेश छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल की रक्षा के लिए जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसी तरह का सर्कुलर जारी किया था, जिसे अब इस याचिका में राजस्थान के आदेश के साथ चुनौती दी गई है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल होने के बाद अब यह देखना होगा कि न्यायालय इसे सुनवाई के लिए स्वीकार करता है या नहीं। यदि मामला स्वीकार होता है, तो केंद्र सरकार और दोनों राज्यों को अपना पक्ष रखना होगा। इस फैसले का असर देश के अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है, जहाँ इसी तरह के प्रतिबंध लागू हो सकते हैं या लागू होने की संभावना है।