राजस्थान सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश पर रोक: फोटो-वीडियो के लिए प्रिंसिपल की लिखित अनुमति अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान शिक्षा विभाग ने 17 अगस्त 2026 को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों — जिनमें मीडियाकर्मी भी शामिल हैं — के प्रवेश को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत छात्रों या स्कूल गतिविधियों से संबंधित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए संस्थान प्रमुख की पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य कर दी गई है।
मुख्य आदेश और प्रावधान
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना प्रिंसिपल या अधिकृत अधिकारी की अनुमति के कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकता। परिसर में आने वाले प्रत्येक विजिटर को विजिटर रजिस्टर में अपनी पूरी जानकारी दर्ज करानी होगी।
बाहरी व्यक्तियों को क्लासरूम, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी, हॉस्टल, खेल के मैदान और रेस्टरूम जैसे क्षेत्रों में — जहाँ छात्र गतिविधियाँ संचालित हो रही हों — तब तक प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जब तक उनके साथ प्रिंसिपल, कोई शिक्षक या अधिकृत अधिकारी न हो।
छात्रों की गोपनीयता और सुरक्षा पर जोर
आदेश में छात्रों की तस्वीरें, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी को किसी भी माध्यम से एकत्र करने या प्रसारित करने पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाया गया है — विशेषकर जब ऐसी सामग्री उनकी गोपनीयता, सम्मान या सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हो। यह प्रावधान बाल संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान
यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करता है, निकलने से मना करता है, अनधिकृत रूप से फोटो या वीडियो लेने का प्रयास करता है, अथवा स्कूल गतिविधियों में बाधा डालता है, तो प्रिंसिपल को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करें। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता से ऐसे व्यक्ति को परिसर से बाहर भी निकाला जा सकता है।
प्रिंसिपल को मिले विशेष अधिकार
नई गाइडलाइंस के तहत प्रिंसिपल को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी ऐसे विजिटर को प्रवेश से रोक सकते हैं, जिसकी उपस्थिति स्कूल की सुरक्षा, अनुशासन, छात्रों की गोपनीयता या शैक्षणिक वातावरण के लिए हानिकारक हो सकती है।
सख्त अनुपालन के निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों और संस्थान प्रमुखों को इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह आदेश राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों पर लागू होगा और आने वाले दिनों में इसके क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी।