17 अगस्त 2026
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राजस्थान सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश पर रोक: फोटो-वीडियो के लिए प्रिंसिपल की लिखित अनुमति अनिवार्य

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राजस्थान सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश पर रोक: फोटो-वीडियो के लिए प्रिंसिपल की लिखित अनुमति अनिवार्य

सारांश

राजस्थान शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों और मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगाई है। अब फोटो, वीडियो या लाइव स्ट्रीमिंग के लिए प्रिंसिपल की लिखित अनुमति जरूरी है — उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई का प्रावधान।

मुख्य बातें

राजस्थान शिक्षा विभाग ने 17 अगस्त 2026 को सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने वाली नई गाइडलाइंस जारी कीं।
फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए प्रिंसिपल की पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य।
प्रत्येक बाहरी विजिटर को विजिटर रजिस्टर में जानकारी दर्ज करानी होगी।
बिना अनुमति प्रवेश या बाधा डालने पर स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करने का आदेश।
छात्रों की गोपनीयता, सम्मान और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी भी सामग्री के प्रसार पर प्रतिबंध।
आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार द्वारा जारी; सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों को सख्त अनुपालन के निर्देश।

राजस्थान शिक्षा विभाग ने 17 अगस्त 2026 को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों — जिनमें मीडियाकर्मी भी शामिल हैं — के प्रवेश को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत छात्रों या स्कूल गतिविधियों से संबंधित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए संस्थान प्रमुख की पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य कर दी गई है।

मुख्य आदेश और प्रावधान

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना प्रिंसिपल या अधिकृत अधिकारी की अनुमति के कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकता। परिसर में आने वाले प्रत्येक विजिटर को विजिटर रजिस्टर में अपनी पूरी जानकारी दर्ज करानी होगी।

बाहरी व्यक्तियों को क्लासरूम, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी, हॉस्टल, खेल के मैदान और रेस्टरूम जैसे क्षेत्रों में — जहाँ छात्र गतिविधियाँ संचालित हो रही हों — तब तक प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जब तक उनके साथ प्रिंसिपल, कोई शिक्षक या अधिकृत अधिकारी न हो।

छात्रों की गोपनीयता और सुरक्षा पर जोर

आदेश में छात्रों की तस्वीरें, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी को किसी भी माध्यम से एकत्र करने या प्रसारित करने पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाया गया है — विशेषकर जब ऐसी सामग्री उनकी गोपनीयता, सम्मान या सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हो। यह प्रावधान बाल संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान

यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करता है, निकलने से मना करता है, अनधिकृत रूप से फोटो या वीडियो लेने का प्रयास करता है, अथवा स्कूल गतिविधियों में बाधा डालता है, तो प्रिंसिपल को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करें। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता से ऐसे व्यक्ति को परिसर से बाहर भी निकाला जा सकता है।

प्रिंसिपल को मिले विशेष अधिकार

नई गाइडलाइंस के तहत प्रिंसिपल को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी ऐसे विजिटर को प्रवेश से रोक सकते हैं, जिसकी उपस्थिति स्कूल की सुरक्षा, अनुशासन, छात्रों की गोपनीयता या शैक्षणिक वातावरण के लिए हानिकारक हो सकती है।

सख्त अनुपालन के निर्देश

शिक्षा विभाग ने सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों और संस्थान प्रमुखों को इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह आदेश राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों पर लागू होगा और आने वाले दिनों में इसके क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

शिक्षक उपस्थिति और मध्याह्न भोजन जैसे मुद्दों की मीडिया रिपोर्टिंग अक्सर नीतिगत सुधार की वजह बनती रही है। प्रिंसिपल-स्तर की अनुमति प्रणाली व्यावहारिक रूप से एक 'गेटकीपर' तंत्र बनाती है, जो असुविधाजनक रिपोर्टिंग को रोक सकती है। बाल संरक्षण का तर्क वैध है, लेकिन यह आदेश यह स्पष्ट नहीं करता कि अनुमति देने या न देने के लिए कोई अपील तंत्र भी होगा या नहीं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में नई गाइडलाइंस क्या हैं?
राजस्थान शिक्षा विभाग ने 17 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया है जिसके तहत बाहरी व्यक्तियों — जिनमें मीडियाकर्मी शामिल हैं — को सरकारी स्कूल परिसर में प्रवेश के लिए प्रिंसिपल की पूर्व अनुमति लेनी होगी। फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए लिखित अनुमति अनिवार्य है।
स्कूल में फोटो या वीडियो लेने के लिए क्या करना होगा?
किसी भी बाहरी व्यक्ति को छात्रों, शिक्षकों या स्कूल गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग के लिए प्रिंसिपल से पूर्व लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति ऐसा करना प्रतिबंधित है।
नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी?
यदि कोई बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करता है या फोटो-वीडियो लेने का प्रयास करता है, तो प्रिंसिपल को तत्काल स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करने का निर्देश है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की मदद से उस व्यक्ति को परिसर से बाहर निकाला जा सकता है।
यह आदेश किसने और क्यों जारी किया?
यह आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने जारी किया है। विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, गोपनीयता और सम्मान की रक्षा करना तथा स्कूल के शैक्षणिक वातावरण को बाधाओं से मुक्त रखना है।
क्या मीडियाकर्मी भी इस आदेश के दायरे में आते हैं?
हाँ, नई गाइडलाइंस में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि मीडियाकर्मी भी 'बाहरी व्यक्तियों' की श्रेणी में आते हैं। उन्हें भी स्कूल परिसर में प्रवेश और रिकॉर्डिंग के लिए प्रिंसिपल की अनुमति लेनी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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