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रजनी तिवारी का सपा पर हमला: शराफत अली की महिला-विरोधी टिप्पणी 'पार्टी का असली चाल-चरित्र'

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रजनी तिवारी का सपा पर हमला: शराफत अली की महिला-विरोधी टिप्पणी 'पार्टी का असली चाल-चरित्र'

सारांश

यूपी मंत्री रजनी तिवारी ने सपा नेता शराफत अली की महिला-विरोधी टिप्पणी को 'बेहद निंदनीय' करार देते हुए गेस्ट हाउस कांड तक का हवाला दिया — और कहा कि यही सपा का असली चाल-चरित्र है।

मुख्य बातें

यूपी मंत्री रजनी तिवारी ने 13 जून को हरदोई में सपा नेता शराफत अली की महिला-विरोधी टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
तिवारी ने कहा कि शराफत अली ने अपनी ही पार्टी की महिला विधायक और महिला सांसद के बारे में अमर्यादित बयान दिया।
मंत्री ने गेस्ट हाउस कांड सहित सपा के पुराने विवादों का हवाला देते हुए इसे पार्टी का 'चाल-चरित्र' बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'अत्यंत सफल' बताया।
नीट अभ्यर्थियों को 15 मिनट अतिरिक्त समय देने के फैसले को उन्होंने युवाहित में बताया।

उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री रजनी तिवारी ने 13 जून को हरदोई में समाजवादी पार्टी (सपा) नेता शराफत अली द्वारा महिलाओं के विरुद्ध की गई अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस बयान से सपा का 'चाल-चरित्र' स्वयं उजागर हो जाता है।

मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया

रजनी तिवारी ने कहा, 'सपा नेता ने महिलाओं के संबंध में जो टिप्पणी की है, वह बेहद निंदनीय है। उनके इस कृत्य की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। अपनी ही पार्टी की महिला विधायक और महिला सांसद के बारे में जिस तरह की टिप्पणी वे कर रहे हैं, उससे उनकी महिलाओं के प्रति सोच और मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।'

गेस्ट हाउस कांड का संदर्भ

तिवारी ने सपा के इतिहास का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी के लिए यह कोई नई बात नहीं है। समय-समय पर उनके नेताओं का महिलाओं के प्रति व्यवहार सामने आता रहा है। चाहे मायावती के प्रति हुआ गेस्ट हाउस कांड हो या अन्य महिलाओं के संबंध में की गई टिप्पणियाँ, सपा नेताओं का रवैया हमेशा सवालों के घेरे में रहा है।' उन्होंने इसे 'समाजवादी पार्टी का असली चाल-चरित्र' करार दिया।

महिला सम्मान पर जोर

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के प्रति इस तरह की टिप्पणी करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। उन्होंने कहा, 'जहाँ महिलाओं का सम्मान नहीं होता, वहाँ न तो देश तरक्की कर सकता है और न ही प्रदेश। यह बेहद अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य है।'

केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की प्रगति

रजनी तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष अत्यंत सफल रहे हैं और भारत लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में 'डबल इंजन सरकार' के विकास कार्यों की भी प्रशंसा की।

नीट पर भी बोलीं मंत्री

नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिए जाने के निर्णय पर तिवारी ने कहा कि यह फैसला युवाओं के हित में है। उन्होंने कहा कि युवाओं की तरक्की से ही देश की तरक्की संभव है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच महिला मुद्दों पर राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि क्या भाजपा के अपने रैंकों में महिलाओं के प्रति व्यवहार की जवाबदेही उतनी ही तत्परता से होती है। असली सवाल यह है कि क्या यह प्रतिक्रिया नीतिगत बदलाव की ओर ले जाएगी या महज चुनावी बयानबाजी बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा नेता शराफत अली ने महिलाओं पर क्या टिप्पणी की?
रिपोर्टों के अनुसार, सपा नेता शराफत अली ने अपनी ही पार्टी की महिला विधायक और महिला सांसद के बारे में अमर्यादित टिप्पणी की, जिसे यूपी मंत्री रजनी तिवारी ने 'बेहद निंदनीय' करार दिया। टिप्पणी के सटीक शब्द स्रोत में उद्धृत नहीं हैं।
रजनी तिवारी ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
यूपी मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि सपा नेताओं का महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार कोई नई बात नहीं है। उन्होंने गेस्ट हाउस कांड का हवाला देते हुए इसे 'समाजवादी पार्टी का चाल-चरित्र' बताया।
गेस्ट हाउस कांड क्या था जिसका तिवारी ने जिक्र किया?
गेस्ट हाउस कांड 1995 की एक घटना है जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती पर लखनऊ के एक सरकारी गेस्ट हाउस में कथित तौर पर हमला हुआ था, जिसके लिए सपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया गया था। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज भी एक संवेदनशील मुद्दा है।
नीट पर रजनी तिवारी ने क्या कहा?
तिवारी ने नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला युवाओं के हित में है और युवाओं की तरक्की से ही देश आगे बढ़ेगा।
इस विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह विवाद भाजपा को सपा को महिला-विरोधी छवि में पेश करने का अवसर देता है। महिला मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए इस तरह के बयान और उन पर प्रतिक्रियाएँ राजनीतिक रूप से निर्णायक साबित हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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