राजौरी फ्लैश फ्लड: बेला मार्केट और बेला कॉलोनी में 60 दिन का प्रतिबंध, निर्माण और वाहन आवाजाही बंद
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में 18-19 जुलाई की दरम्यानी रात तवी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद जिला प्रशासन ने 23 जुलाई को सख्त एहतियाती आदेश जारी किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अभिषेक शर्मा ने बेला मार्केट और बेला कॉलोनी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 60 दिनों के लिए वाहनों की आवाजाही और सभी प्रकार के निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिए हैं। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की संबंधित धाराओं के तहत जारी किया गया है।
आपदा का घटनाक्रम
18 और 19 जुलाई की रात राजौरी की तवी नदी में आई फ्लैश फ्लड ने बेला मार्केट, बेला बस स्टैंड, बेला कॉलोनी, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और नदी के बाएं किनारे तक की सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचाया। बाढ़ का पानी बेला रोड तक पहुँच गया और सामान्य नदी तट से आगे बनी इमारतों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
22 जुलाई को सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, राजौरी के कार्यकारी अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि संयुक्त निरीक्षण दल — जिसमें कार्यकारी अभियंता, हाइड्रोलिक सर्किल के अधीक्षण अभियंता और विभागीय कर्मचारी शामिल थे — ने मौके का जायजा लिया। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र की जीपीएस लोकेशन दर्ज की गई और केएमएल फाइल तथा जियो-रेफरेंस्ड सीमा मानचित्र तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपा गया।
प्रतिबंध का दायरा
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में निम्नलिखित गतिविधियाँ पूरी तरह वर्जित रहेंगी: नई इमारतों का निर्माण, खुदाई, नींव का काम, मिट्टी भराई, प्लिंथ निर्माण, मरम्मत, बदलाव, निर्माण मशीनरी का उपयोग, निर्माण सामग्री का भंडारण, मलबा डालना, प्राकृतिक जल निकासी में बाधा और भूमि उपयोग में परिवर्तन। यदि किसी को अपरिहार्य कारणों से ऐसा कोई कार्य करना हो, तो जिलाधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति और संबंधित तकनीकी एवं योजना प्राधिकरणों की मंजूरी अनिवार्य होगी।
इसके अतिरिक्त, बेला मार्केट, बस स्टैंड, बेला कॉलोनी के जलमग्न हिस्से और बेला रोड तक किसी भी व्यक्ति, समूह या निजी वाहन के प्रवेश, आवाजाही, घूमने या एकत्र होने पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्रशासन ने पुलिस और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सभी मुख्य एवं संपर्क मार्गों तथा पैदल रास्तों पर बैरिकेडिंग की जाए।
खतरे की स्थिति अभी भी बरकरार
प्रशासन के अनुसार, तकनीकी रिपोर्ट, मौजूदा मौसम और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इलाके में कटाव, जमीन धंसने, इमारतों की संरचनात्मक कमजोरी और दोबारा जलभराव का खतरा अभी भी बना हुआ है। राजौरी तवी नदी का जलस्तर और नदी किनारे की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, विशेष रूप से घनी आबादी वाले बेला क्षेत्र में।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में मानसून के कारण कई नदियाँ उफान पर हैं और आपदा प्रबंधन तंत्र पर दबाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि राजौरी जिले में नदी किनारे अनधिकृत निर्माण पहले भी चिंता का विषय रहा है।
अनुपालन और अपवाद
जिलाधिकारी ने अतिरिक्त उपायुक्त, तहसीलदार और संबंधित इंजीनियरिंग विभागों को संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करने, चल रहे निर्माण कार्यों को तुरंत बंद कराने और 24 घंटे के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हालाँकि, यह आदेश राहत एवं बचाव कार्यों में लगे एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, मेडिकल टीमों और कार्यपालक मजिस्ट्रेटों पर लागू नहीं होगा। विस्तृत हाइड्रोलॉजिकल, हाइड्रोलिक और भूमि उपयोग सर्वे तथा सुरक्षित निर्माण सीमा तय होने तक ये प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे।