अशोक गहलोत ने राज्यसभा चुनावों में वोटिंग के नियमों में परिवर्तन की आवश्यकता बताई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अशोक गहलोत ने राज्यसभा चुनावों में वोटिंग के नियमों में परिवर्तन की आवश्यकता बताई

सारांश

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग की घटनाओं पर चिंता जताई है। उन्होंने वोटिंग के नियमों में बदलाव की आवश्यकता को उजागर करते हुए पार्टी के खिलाफ वोट डालने वाले विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।

मुख्य बातें

राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग पर चिंता व्यक्त की गई है।
अशोक गहलोत ने नियमों में बदलाव की मांग की है।
वोट दिखाने की प्रक्रिया अब प्रभावी नहीं रही है।
हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट जीती।
कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को नोटिस जारी किए हैं।

जयपुर, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनावों ने सियासी हलचलों को फिर से तेज कर दिया है। राज्यसभा चुनावों में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता अशोक गहलोत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हरियाणा, ओडिशा और बिहार में कांग्रेस विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में यह समझ से परे है कि विधायक वोट दिखाने के बावजूद क्रॉस वोटिंग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति मुझे राजस्थान में 2018 से 2023 के बीच हुए राज्यसभा चुनावों की याद दिलाती है, जहाँ हमने पार्टी हाईकमांड और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित की। कांग्रेस के 102 विधायकों के होते हुए भी 126 विधायकों का वोट कांग्रेस के उम्मीदवारों के पक्ष में आया, जबकि इन अतिरिक्त 24 विधायकों का वोट कांग्रेस पर्यवेक्षक नहीं देख सके। यह सब बिना किसी लालच के, केवल हाईकमांड के विश्वास के कारण संभव हुआ।

अशोक गहलोत ने आगे कहा कि अब राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के नियमों में बदलाव की जरूरत महसूस हो रही है, और इस मांग को कांग्रेस को उठाना चाहिए। यदि कोई विधायक राज्यसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ वोट देता है, तो उसकी सदस्यता रद्द हो जानी चाहिए। केवल वोट दिखाने की प्रक्रिया अब राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है।

यह उल्लेखनीय है कि हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट जीत ली थी। इस चुनाव के दौरान वोट की गोपनीयता के उल्लंघन और क्रॉस वोटिंग की अनेक शिकायतें सामने आई थीं। भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने जीत हासिल की, जबकि भाजपा समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा।

हरियाणा में क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस ने एक और विधायक को नोटिस जारी किया है। रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह को कांग्रेस की अनुशासन समिति ने नोटिस भेजा है। इससे पहले हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरीप्रसाद ने क्रॉस वोटिंग करने वाले चार विधायकों के नाम भी सार्वजनिक किए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का मामला न केवल पार्टी की आंतरिक राजनीति को प्रभावित करता है, बल्कि लोकतंत्र की भी परीक्षा लेता है। अशोक गहलोत का सुझाव कि वोटिंग के नियमों में बदलाव की आवश्यकता है, एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग क्या है?
क्रॉस वोटिंग तब होती है जब एक विधायक अपनी पार्टी के उम्मीदवार के बजाय किसी अन्य पार्टी के उम्मीदवार को वोट देता है।
अशोक गहलोत ने क्या कहा है?
अशोक गहलोत ने राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए वोटिंग के नियमों में बदलाव की आवश्यकता व्यक्त की है।
क्या विधायक की सदस्यता रद्द हो सकती है?
हां, गहलोत का कहना है कि यदि कोई विधायक पार्टी के खिलाफ वोट देता है, तो उसकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए।
हरियाणा में राज्यसभा चुनावों के परिणाम क्या थे?
हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट जीती थी, जबकि स्वतंत्र उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।
क्रॉस वोटिंग के लिए कांग्रेस ने क्या कदम उठाए हैं?
कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को नोटिस जारी किए हैं और अनुशासन समिति द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले