राम गोपाल यादव का दावा: चुनाव खत्म होते ही बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
सारांश
Key Takeaways
- राम गोपाल यादव का बयान, चुनाव खत्म होते ही कीमतों में वृद्धि की संभावना।
- पश्चिम एशिया संघर्ष का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर।
- दिल्ली में बिजली दरों में वृद्धि का कारण उद्योगपतियों की प्राथमिकता।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव, महिला आरक्षण और दिल्ली की बिजली दरों पर अपने विचार साझा किए। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, "अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का नकारात्मक प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। होटल बंद हो रहे हैं और व्यावसायिक गैस के दाम 22 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।
राम गोपाल यादव ने बताया कि तेल और पेट्रोल की कमी के कारण ऑयल कंपनियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। उनका मानना है कि भाजपा सरकार चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के खत्म होते ही 50-60 रुपये प्रति लीटर डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ा सकती है।
दिल्ली में बिजली दरों में वृद्धि के संकेतों पर राम गोपाल यादव ने कहा, "सरकार को आम जनता की कोई परवाह नहीं है। उनकी चिंता सिर्फ उद्योगपतियों की है ताकि उनका घाटा न हो।"
13 मार्च को राम गोपाल यादव ने कहा था, "कई स्थानों पर लोग पेट्रोल और गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। लोगों में भय का वातावरण है और यह भय स्वाभाविक है। यह डर इसलिए भी है, क्योंकि कच्चा तेल उन्हीं क्षेत्रों से आता है जहां युद्ध चल रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "हम घरेलू स्तर पर कितना उत्पादन करते हैं? हमारी उत्पादन क्षमता बहुत कम है। हमारे कुल उपभोग का 4-5 प्रतिशत भी नहीं। जिन क्षेत्रों से तेल आता है, वहीं युद्ध हो रहा है और आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यदि कोई कहता है कि देश में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी, तो यह सच्चाई नहीं है।"
17 मार्च को राम गोपाल यादव ने राज्य सभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बारे में कहा, "यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब विधानसभा अध्यक्ष सत्ताधारी दल का होता है और वह अन्य पार्टियों के विधायकों को प्रभावित करता है। किसी भी पार्टी के लिए अपने सदस्यों को पूरी तरह नियंत्रित करना संभव नहीं है, लेकिन भाजपा जिस तरीके से काम कर रही है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भाजपा का इतिहास अन्य दलों को तोड़ने और सरकारें गिराने का रहा है।"