राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच पर भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल बोले — 'पाप करने वाले को सजा मिलेगी'
सारांश
मुख्य बातें
भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल ने अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर के चढ़ावे विवाद में एसआईटी (विशेष जांच दल) गठन के सरकारी फैसले का स्वागत किया है। 17 जून को एक निजी समारोह के सिलसिले में रायपुर पहुंचे मित्तल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिसने भी चढ़ावे में हेरफेर का पाप किया है, उसे कड़ी सजा अवश्य मिलनी चाहिए।
एसआईटी जांच पर मित्तल की प्रतिक्रिया
मित्तल ने कहा, 'राम मंदिर मामले में एसआईटी का गठन सराहनीय कदम है। देश के किसी भी मंदिर के मामले में इतनी तेज़ी पहले नहीं देखी गई।' उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार — दोनों की इस विषय पर गंभीरता की सराहना की। उनके अनुसार मंदिर परिसर में इस प्रकार की गड़बड़ी पूरी तरह अस्वीकार्य है और दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए।
अलीगढ़ के नाम परिवर्तन पर समर्थन
कथावाचक रामभद्राचार्य के उस सुझाव का समर्थन करते हुए कि अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ किया जाए, मित्तल ने कहा कि इतिहास को सही करना प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है। उन्होंने तर्क दिया कि यह देश पृथ्वीराज चौहान और महाराणा प्रताप जैसे वीरों की विरासत है और इसे मुगल शासकों की दृष्टि से परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए।
लव जिहाद और धर्मांतरण पर चिंता
मित्तल ने लव जिहाद को सनातन समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बताया और परिवारों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंदू परिवारों की बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाना चाहिए।
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से सख्त कानून बनाने की अपील की। उनके अनुसार धर्मांतरण सनातन समाज को भीतर से कमजोर कर रहा है। उन्होंने आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विश्व में लगभग 250 करोड़ ईसाई हैं जबकि हिंदुओं की संख्या लगभग 100 करोड़ के आसपास है, इसलिए धार्मिक जागरूकता आवश्यक है।
आगे क्या
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी की जांच जारी है और इसके निष्कर्षों का इंतजार है। मित्तल जैसे सांस्कृतिक व्यक्तित्वों की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि यह मामला धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ा है और व्यापक सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।