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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच पर भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल बोले — 'पाप करने वाले को सजा मिलेगी'

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच पर भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल बोले — 'पाप करने वाले को सजा मिलेगी'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी गठन पर भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल ने रायपुर में खुलकर बात की — दोषियों को सजा, अलीगढ़ का नाम बदलने का समर्थन और छत्तीसगढ़ में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून की माँग — तीन मुद्दों पर एक साथ मुखर हुए।

मुख्य बातें

भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल ने 17 जून को रायपुर में राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी गठन को सराहनीय कदम बताया।
उन्होंने कहा कि मंदिर में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
कथावाचक रामभद्राचार्य के सुझाव का समर्थन करते हुए अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने की वकालत की।
छत्तीसगढ़ सरकार से सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की अपील की।
विश्व में लगभग 250 करोड़ ईसाइयों के मुकाबले हिंदुओं की संख्या 100 करोड़ बताते हुए धार्मिक जागरूकता पर जोर दिया।

भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल ने अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर के चढ़ावे विवाद में एसआईटी (विशेष जांच दल) गठन के सरकारी फैसले का स्वागत किया है। 17 जून को एक निजी समारोह के सिलसिले में रायपुर पहुंचे मित्तल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिसने भी चढ़ावे में हेरफेर का पाप किया है, उसे कड़ी सजा अवश्य मिलनी चाहिए।

एसआईटी जांच पर मित्तल की प्रतिक्रिया

मित्तल ने कहा, 'राम मंदिर मामले में एसआईटी का गठन सराहनीय कदम है। देश के किसी भी मंदिर के मामले में इतनी तेज़ी पहले नहीं देखी गई।' उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार — दोनों की इस विषय पर गंभीरता की सराहना की। उनके अनुसार मंदिर परिसर में इस प्रकार की गड़बड़ी पूरी तरह अस्वीकार्य है और दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए।

अलीगढ़ के नाम परिवर्तन पर समर्थन

कथावाचक रामभद्राचार्य के उस सुझाव का समर्थन करते हुए कि अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ किया जाए, मित्तल ने कहा कि इतिहास को सही करना प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है। उन्होंने तर्क दिया कि यह देश पृथ्वीराज चौहान और महाराणा प्रताप जैसे वीरों की विरासत है और इसे मुगल शासकों की दृष्टि से परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए।

लव जिहाद और धर्मांतरण पर चिंता

मित्तल ने लव जिहाद को सनातन समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बताया और परिवारों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंदू परिवारों की बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाना चाहिए।

धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से सख्त कानून बनाने की अपील की। उनके अनुसार धर्मांतरण सनातन समाज को भीतर से कमजोर कर रहा है। उन्होंने आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विश्व में लगभग 250 करोड़ ईसाई हैं जबकि हिंदुओं की संख्या लगभग 100 करोड़ के आसपास है, इसलिए धार्मिक जागरूकता आवश्यक है।

आगे क्या

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी की जांच जारी है और इसके निष्कर्षों का इंतजार है। मित्तल जैसे सांस्कृतिक व्यक्तित्वों की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि यह मामला धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ा है और व्यापक सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना यह भी उजागर करती है कि देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थल पर पारदर्शी वित्तीय निगरानी तंत्र अभी भी पर्याप्त नहीं है। कन्हैयालाल मित्तल जैसे सांस्कृतिक व्यक्तित्वों के बयान एक व्यापक सामाजिक-राजनीतिक विमर्श को दर्शाते हैं जिसमें धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही, नाम परिवर्तन की राजनीति और धर्मांतरण विरोधी कानून एक साथ उठाए जा रहे हैं। यह विमर्श धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक एजेंडे से अलग करके देखे जाने की माँग करता है — जो मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज कर देती है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हेरफेर के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला धार्मिक संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस का केंद्र बन गया है।
कन्हैयालाल मित्तल ने एसआईटी जांच पर क्या कहा?
भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल ने एसआईटी गठन को सराहनीय बताया और कहा कि किसी भी मंदिर के मामले में इतनी तेज़ी से पहले कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दोषियों को कठोरतम सजा देने की माँग की।
अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने के सुझाव पर मित्तल का क्या रुख है?
मित्तल ने कथावाचक रामभद्राचार्य के इस सुझाव का समर्थन किया। उनका कहना है कि इतिहास को सही करना सभी भारतीयों की जिम्मेदारी है और यह देश पृथ्वीराज चौहान व महाराणा प्रताप जैसे वीरों की विरासत है।
मित्तल ने छत्तीसगढ़ सरकार से क्या अपील की?
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से जल्द से जल्द सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की अपील की। उनके अनुसार धर्मांतरण सनातन समाज को भीतर से कमजोर कर रहा है।
कन्हैयालाल मित्तल रायपुर क्यों आए थे?
भजन गायक कन्हैयालाल मित्तल एक निजी समारोह में शामिल होने के लिए 17 जून को रायपुर पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने मीडिया से बातचीत में ये विचार साझा किए।
राष्ट्र प्रेस
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