22 सितंबर 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT की 105 पेज रिपोर्ट पर विहिप संतुष्ट, सुरेंद्र जैन बोले — अधिकांश आरोप मनगढ़ंत

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT की 105 पेज रिपोर्ट पर विहिप संतुष्ट, सुरेंद्र जैन बोले — अधिकांश आरोप मनगढ़ंत

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की 105 पेज की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई और अदालत ने संतोष जताया। विहिप नेता सुरेंद्र जैन ने कहा — अधिकांश आरोप मनगढ़ंत थे और दोषियों को सजा मिलेगी। मामला अब अगले कानूनी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की 105 पेज की चार्जशीट रिपोर्ट पेश की गई।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दो दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल होगी।
सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार मीडिया में जिन कीमती वस्तुओं की चर्चा थी, वे सभी सुरक्षित हैं ।
सुरेंद्र जैन ने कहा — अधिकांश आरोप मनगढ़ंत थे और जिम्मेदारों को माफी माँगनी चाहिए।
BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा — SIT की जाँच जारी है और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जाँच को लेकर संतोष व्यक्त किया है। 22 सितंबर 2026 को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में पेश की गई 105 पेज की चार्जशीट रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लगाए गए अधिकांश आरोप मनगढ़ंत थे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने राजनीतिक कारणों से भगवान राम का विरोध किया।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ

डॉ. जैन ने बताया, सर्वोच्च न्यायालय में एसआईटी की रिपोर्ट दाखिल की गई और अदालत ने उस पर संतोष व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायालय को सूचित किया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दो दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि किसी के पास नए सबूत या सूचना हो, तो वह एसआईटी को सौंपे, क्योंकि जाँच अभी बंद नहीं हुई है।

कीमती वस्तुओं को लेकर कोर्ट का स्पष्टीकरण

डॉ. जैन के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि मीडिया या अन्य माध्यमों से जिन कीमती वस्तुओं को लेकर चर्चा हुई थी, वे सभी सुरक्षित हैं। जिन वस्तुओं की रसीदें नहीं जा सकीं, वे भी सुरक्षित हैं और रसीदें जारी करने की प्रक्रिया पहले से चालू है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि अधिकांश आरोप तथ्यहीन थे।

परिवारवाद के आरोप पर विहिप का पलटवार

परिवारवाद के आरोपों को नकारते हुए डॉ. जैन ने कहा कि किसी व्यक्ति को झूठे तरीके से चंपत राय का भतीजा बताया गया, जबकि दोनों की जाति और क्षेत्र भी समान नहीं थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर में कोई वित्तीय लेन-देन नहीं होता, प्रसाद निःशुल्क मिलता है और वीआईपी पास भी धन के आधार पर नहीं दिए जाते। उनके अनुसार, कुछ घटनाओं को आधार बनाकर संपूर्ण व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं है।

भाजपा नेता का बयान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि एसआईटी बेहतरीन कार्य कर रही है और सर्वोच्च न्यायालय मामले की निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने लगातार गिरफ्तारियाँ की हैं और चोरी की तह तक पहुँचने का काम जारी है। शाहदेव ने यह भी कहा कि इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की निरंतर नज़र बनी हुई है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि यह मामला तब से राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना है, जब से अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का आरोप सामने आया था। डॉ. जैन ने इसे 'गंदी राजनीति' करार देते हुए कहा कि सत्ता के लिए भगवान राम और उनके भक्तों की आस्था को अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि यदि कोर्ट और एसआईटी के बाहर कुछ भी कहा जाए, तो वह स्वतः संज्ञान ले। एसआईटी की जाँच जारी है और आगामी दिनों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला अगले कानूनी पड़ाव पर पहुँचेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विहिप का यह दावा कि 'अधिकांश आरोप मनगढ़ंत थे' एक राजनीतिक स्थिति है, न कि न्यायिक निष्कर्ष। यह ध्यान देने योग्य है कि SIT की जाँच अभी बंद नहीं हुई है और कोर्ट ने स्वयं नए सबूत देने की अपील की है — यानी मामला पूरी तरह बंद नहीं है। 'रामद्रोह' जैसी भाषा का राजनीतिक उपयोग एक धार्मिक संस्था से जुड़े आपराधिक मामले को विमर्श के एक अलग धरातल पर ले जाता है, जहाँ जवाबदेही की बजाय आस्था केंद्र में आ जाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद असली जाँच — अदालत में साक्ष्य की परीक्षा — अभी शुरू होनी है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट क्या कहती है?
SIT ने सुप्रीम कोर्ट में 105 पेज की चार्जशीट रिपोर्ट पेश की, जिस पर अदालत ने संतोष व्यक्त किया। रिपोर्ट के अनुसार मीडिया में जिन कीमती वस्तुओं को लेकर चिंता जताई गई थी, वे सभी सुरक्षित हैं और रसीदें जारी करने की प्रक्रिया पहले से चालू है।
विहिप नेता सुरेंद्र जैन ने क्या कहा?
विहिप नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि SIT जाँच से यह स्पष्ट हो गया है कि राम मंदिर को लेकर लगाए गए अधिकांश आरोप मनगढ़ंत थे। उन्होंने आरोप लगाने वालों से माफी माँगने की अपील की और कहा कि जो वास्तव में दोषी हैं, उन्हें सजा मिलेगी।
क्या SIT की जाँच पूरी हो गई है?
नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि SIT की जाँच अभी बंद नहीं हुई है। यदि किसी के पास नए सबूत या जानकारी हो, तो वह SIT को सौंप सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दो दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
परिवारवाद के आरोपों पर विहिप का क्या कहना है?
डॉ. जैन ने परिवारवाद के आरोपों को झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी को गलत तरीके से चंपत राय का भतीजा बताया गया, जबकि दोनों की जाति और क्षेत्र भी अलग-अलग हैं। राम मंदिर में न कोई वित्तीय लेन-देन होता है और न ही पैसों के आधार पर वीआईपी पास दिए जाते हैं।
इस मामले में BJP का क्या रुख है?
BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने SIT की जाँच की सराहना की और कहा कि सुप्रीम कोर्ट खुद इस मामले की निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों इस मामले पर नज़र रखे हुए हैं और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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