राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सपा पोस्टर पर मंत्री संजय निषाद का पलटवार, बोले — 'संतों को घसीटना बंद करो'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने 1 सितंबर 2026 को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के पोस्टर पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें अयोध्या मंदिर में कथित लूट के आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ चेतावनी दी गई थी। उन्होंने साफ कहा कि इस विवाद में संतों और साधु-महात्माओं को घसीटना सर्वथा अनुचित है।
मुख्य घटनाक्रम
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित आरोपियों को निशाना बनाया गया। इस पोस्टर में संतों की भूमिका को लेकर भी संकेत दिए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कड़ा विरोध जताया।
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री संजय निषाद ने कहा, 'जो लोग राम मंदिर बनाने में मदद करने, पूजा-अर्चना करने या सेवा करने के लिए कभी वहाँ नहीं गए, उनका इससे क्या लेना-देना है? न तो सरकार इस चोरी में शामिल है और न ही संत।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'चोर कोई भी हो सकता है, किसी की नीयत खराब हो सकती है और संविधान के प्रावधानों के अनुसार सजा दी जाती है। सरकार की बात है, सरकार से लड़िए — संत महात्माओं को घसीटना गलत है।'
निषाद ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण कर रहा है। उनके अनुसार, यदि संत महात्माओं पर निराधार आरोप लगाए जाएंगे, तो संत समाज स्वाभाविक रूप से विरोध में खड़ा होगा।
सीएम योगी के एआई वीडियो पर आपत्ति
सपा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कथित अमर्यादित एआई वीडियो प्रसारित किए जाने पर निषाद ने कहा, 'यह देश और प्रदेश के एक यशस्वी मुख्यमंत्री का अपमान है और उस जनता का अपमान है जिसने उन्हें चुना है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की धरती है — इस तरह का काम यहाँ शोभा नहीं देता।'
राजनीतिक रिश्तों पर टिप्पणी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साले राजीव त्रिपाठी द्वारा सपा का समर्थन किए जाने पर पूछे गए सवाल पर निषाद ने कहा कि राजनीति में पारिवारिक रिश्ते आड़े नहीं आते। उन्होंने उदाहरण दिया, 'माधवराव सिंधिया कांग्रेस में थे जबकि उनकी माँ विजयाराजे सिंधिया भारतीय जनता पार्टी (BJP) में थीं — एक ही घर में माँ-बेटे अलग-अलग पार्टियों में काम करते थे। लोगों की अपनी-अपनी विचारधारा होती है।'
राहुल गांधी की एफआईआर पर प्रतिक्रिया
उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर निषाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस का दोहरा चरित्र है — ये नॉन-इश्यू को इश्यू बनाते हैं और असली इश्यू को नजरअंदाज करते हैं। इनका न दलितों से मतलब है, न पिछड़ों से।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राम मंदिर से जुड़े मामले को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग लेने की संभावना है, जबकि मंदिर प्रशासन और जाँच एजेंसियाँ मामले की पड़ताल जारी रखे हुए हैं।