रामपुर में बेकार एंबुलेंस से बने मोबाइल स्टोर: रेहड़ी-पटरी वालों को मिला स्थायी रोजगार

Click to start listening
रामपुर में बेकार एंबुलेंस से बने मोबाइल स्टोर: रेहड़ी-पटरी वालों को मिला स्थायी रोजगार

सारांश

रामपुर में एक अनोखी पहल के तहत बेकार सरकारी एंबुलेंस को मोबाइल दुकानों में बदला गया है, जिससे रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार का अवसर मिला है। जानें इस पहल का महत्व!

Key Takeaways

  • बेज़ा एंबुलेंस को मोबाइल दुकानों में बदला गया है।
  • रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार मिला है।
  • यह पहल जीरो वेस्ट मॉडल पर आधारित है।
  • स्थानीय व्यापारियों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया गया है।
  • भविष्य में और वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे।

रामपुर, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में कचरे के संसाधन में परिवर्तन की दिशा में एक नई और अभिनव पहल शुरू की गई है। रामपुर जिला प्रशासन ने पुरानी और बेकार पड़ी सरकारी एंबुलेंस को संशोधित करके उन्हें मोबाइल दुकानों में बदल दिया है, जिससे रेहड़ी-पटरी संचालकों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

इस पहल के तहत, आठ पुरानी एम्बुलेंस को ‘वैनशॉप’ के रूप में रूपांतरित किया गया है और इन्हें फोटो चुंगी क्षेत्र में स्थापित वेंडिंग जोन में चलाया जा रहा है, जिससे छोटे व्यवसायियों को स्थायी रोजगार का ठिकाना मिला है। जिला प्रशासन ने “जीरो वेस्ट मॉडल” की अवधारणा के तहत कबाड़ में बदल चुकी सरकारी संपत्ति को पुनः उपयोगी संसाधन में परिवर्तित करते हुए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त किया है।

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि जिला कार्यालय परिसर में कई एंबुलेंस लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी थीं। इन्हें कबाड़ के रूप में छोड़ने के बजाय प्रशासन ने इन्हें मॉडिफाई करके आकर्षक मोबाइल दुकानों में बदलने का निर्णय लिया।

नगर पालिका परिषद की सहायता से इन वाहनों को आधुनिक वैनशॉप के रूप में तैयार किया गया और इन्हें शहर के फोटो चुंगी क्षेत्र में विकसित वेंडिंग जोन में रेहड़ी-पटरी संचालकों को उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि पहले शहर में असंगठित रूप से लगे ठेले और रेहड़ी-पटरी के कारण अतिक्रमण और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी।

नगर पालिका को समय-समय पर अभियान चलाकर इन्हें हटाना पड़ता था, जिससे छोटे व्यापारियों के सामने रोजगार को लेकर अस्थिरता बनी रहती थी। इस समस्या के समाधान के लिए वेंडिंग जोन विकसित कर उन्हें व्यवस्थित स्थान प्रदान किया गया है। इस वेंडिंग जोन में अब मोबाइल दुकानों के माध्यम से कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं, फास्ट फूड, बच्चों के खिलौने और दैनिक उपयोग का सामान एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रहा है।

स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान धीरे-धीरे एक छोटे बाजार के रूप में विकसित हो रहा है, जहां उन्हें विभिन्न प्रकार की वस्तुएं आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी ने वेंडिंग जोन का निरीक्षण कर दुकानदारों से बातचीत भी की।

दुकानदारों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अब उन्हें व्यवसाय के लिए सुरक्षित और स्थायी स्थान मिल गया है। उन्होंने कहा कि पहले रोजाना हटाए जाने का डर बना रहता था, लेकिन अब वे व्यवस्थित तरीके से अपना कारोबार चला पा रहे हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। यह पहल प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के उद्देश्य के अनुरूप छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Point of View

बल्कि यह एक दृष्टांत भी है कि कैसे स्थानीय प्रशासन कचरे का सही उपयोग कर सकता है। ऐसे प्रयास निश्चित रूप से समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और अन्य नगर पालिकाओं के लिए एक उदाहरण बन सकते हैं।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

रामपुर में एंबुलेंस को मोबाइल दुकानों में क्यों बदला गया?
एंबुलेंस को मोबाइल दुकानों में बदलने का उद्देश्य बेकार सरकारी संपत्ति का उपयोग करना और रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
कितनी एंबुलेंस को वैनशॉप में परिवर्तित किया गया है?
इस पहल के तहत आठ पुरानी एंबुलेंस को वैनशॉप के रूप में विकसित किया गया है।
इस पहल का लाभ किसे मिल रहा है?
इस पहल का लाभ मुख्य रूप से रेहड़ी-पटरी संचालकों को मिल रहा है, जिन्हें अब सुरक्षित और स्थायी स्थान पर व्यापार करने का अवसर मिला है।
क्या यह पहल अन्य शहरों में भी लागू की जाएगी?
हां, जिला प्रशासन ने बताया है कि भविष्य में अन्य शहरों में भी ऐसे वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे।
इस पहल का सामाजिक प्रभाव क्या है?
यह पहल स्थानीय समुदाय में रोजगार सृजन करने और छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Nation Press