रांची के ऑड्रे हाउस में तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला 2026 शुरू, 125 स्टॉल और निशुल्क प्रवेश

Click to start listening
रांची के ऑड्रे हाउस में तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला 2026 शुरू, 125 स्टॉल और निशुल्क प्रवेश

सारांश

,

सेठ ने विशेष रूप से

Key Takeaways

, सेठ ने विशेष रूप से "श्री अन्न" यानी मोटे अनाज का उल्लेख किया, जो भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से नई पहचान मिली है। मेले में इन पारंपरिक आहारों को विशेष स्थान दिया गया है, जिससे न केवल सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छोटे किसानों और स्थानीय उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। "ऑपरेशन सिंदूर" पेंटिंग प्रदर्शनी और अन्य आकर्षण महोत्सव में रांची के बच्चों द्वारा "ऑपरेशन सिंदूर" विषय पर बनाई गई पेंटिंग की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें भारतीय सैनिकों की शौर्यगाथा को चित्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय संचार ब्यूरो (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और प्रतियोगिताएँ महोत्सव के पहले दिन गरबा , डालखाई , झूमर और पद्मश्री मुकुंद नायक की प्रस्तुतियाँ दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजन के दौरान स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएँगी। शाम के समय देशभर के कलाकार विभिन्न मंचों पर अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे। यह महोत्सव झारखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक सार्थक प्रयास है।

रांची के ऑड्रे हाउस में 1 मई 2026 को तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला 2026 का आगाज़ हुआ। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने इस मेले का विधिवत उद्घाटन किया। यह आयोजन 3 मई 2026 तक चलेगा और आम नागरिकों के लिए सुबह 9 बजे से रात 10 बजे IST तक निशुल्क प्रवेश की सुविधा दी गई है।

मेले में क्या है खास

महोत्सव में 125 स्टॉलधारकों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं, जहाँ झारखंड की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों की विविध झलक देखने को मिल रही है। सोहराय पेंटिंग, लीफ आर्ट, खादी वस्त्र, डोकरा और माटी कला के उत्पाद, बांस से बने सामान और लाह की चूड़ियाँ आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार अचार-पापड़ सहित विभिन्न उत्पाद 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को मज़बूती दे रहे हैं।

सांसद संजय सेठ का संदेश

उद्घाटन के अवसर पर सांसद संजय सेठ ने कहा कि यह आयोजन स्वदेशी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते भारत का एक सशक्त प्रतीक है। उन्होंने मेले का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलधारकों और स्थानीय उत्पादकों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। सेठ ने यह भी कहा कि पारंपरिक भोजन और

Point of View

या ये केवल तीन दिन की चमक बनकर रह जाते हैं।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

रांची सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला 2026 कब और कहाँ हो रहा है?
यह तीन दिवसीय मेला 1 मई से 3 मई 2026 तक रांची के ऑड्रे हाउस में आयोजित हो रहा है। आम नागरिकों के लिए सुबह 9 बजे से रात 10 बजे IST तक निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था है।
मेले का उद्घाटन किसने किया?
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने 1 मई 2026 को इस मेले का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने स्टॉलधारकों और स्थानीय उत्पादकों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
मेले में किस तरह के उत्पाद और प्रदर्शनियाँ हैं?
मेले में सोहराय पेंटिंग, लीफ आर्ट, खादी वस्त्र, डोकरा, माटी कला, बांस के उत्पाद और लाह की चूड़ियाँ प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा 'ऑपरेशन सिंदूर' विषय पर बच्चों की पेंटिंग प्रदर्शनी और NDA सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
मेले में कितने स्टॉल हैं और क्या प्रवेश शुल्क है?
मेले में 125 स्टॉलधारकों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क है।
महोत्सव में कौन-सी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी?
पहले दिन गरबा, डालखाई, झूमर और पद्मश्री मुकुंद नायक की प्रस्तुतियाँ हुईं। आगे के दिनों में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ और शाम को देशभर के कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी।
Nation Press