रिजु दत्ता ने गंगा लेजर-ड्रोन शो को सराहा, टीएमसी फंड विवाद पर बोले — फैसला अदालत का
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित एवं निलंबित प्रवक्ता रिजु दत्ता ने 21 जून 2026 को कोलकाता में पार्टी फंड विवाद, गंगा किनारे आयोजित लेजर-ड्रोन शो, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और पार्टी के भीतर चल रही बयानबाजी पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक असहमति के बावजूद सकारात्मक पहलों की तारीफ करना उनका स्वभाव है और पार्टी फंड से जुड़े कानूनी विवाद का अंतिम निर्णय अदालत ही सुनाएगी।
गंगा लेजर-ड्रोन शो: 'अच्छी चीज को अच्छा कहने में कोई हर्ज नहीं'
रिजु दत्ता ने गंगा घाट पर हाल ही में आयोजित लेजर शो और ड्रोन डिस्प्ले की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं यह कार्यक्रम देखा — एक ओर ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज, दूसरी ओर गंगा का किनारा और आकाश में ड्रोन के माध्यम से उभरती देवी दुर्गा की आकृति। उनके अनुसार यह दृश्य 'बेहद शानदार' था।
दत्ता ने उन लोगों की आलोचना की जो केवल राजनीतिक कारणों से ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों का विरोध करते हैं। उनका मत था कि कला, संस्कृति और तकनीक के संगम से बने इस तरह के कार्यक्रमों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
टीएमसी फंड विवाद: ₹440 करोड़ फ्रीज, अदालत की राह
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों को लेकर उठे विवाद पर दत्ता ने कहा कि विपक्षी विधायकों के एक समूह द्वारा साइबर थाने को पत्र भेजे जाने के बाद वह पत्र HDFC बैंक तक पहुँचा, जिसके चलते पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा लगभग ₹440 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि इन खातों को पुनः संचालित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपरिहार्य है। दत्ता ने स्पष्ट किया कि इस मामले में विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख सकते हैं, किंतु अंतिम निर्णय अदालत का ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेता स्वयं को 'असली TMC' बता रहे हैं और बड़ी संख्या में विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं — परंतु इन दावों की कानूनी वैधता भी न्यायालय ही तय करेगा।
कुणाल घोष और वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी
दत्ता ने कुणाल घोष द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी जा रही सार्वजनिक सलाह पर भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि घोष ममता बनर्जी के पक्ष में सक्रियता से लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें अन्य वरिष्ठ नेताओं को खुलेआम उपदेश देने से बचना चाहिए।
उन्होंने काकोली घोष दस्तीदार का उल्लेख करते हुए कहा कि वे चार बार की लोकसभा सांसद हैं और किसी की सलाह को मानना या न मानना पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। दत्ता ने कुणाल घोष और रिताब्रता बनर्जी दोनों का नाम लेते हुए कहा कि सभी अपनी-अपनी बात रख सकते हैं, परंतु कानूनी फैसला अदालत के हाथ में है।
योग दिवस: 'राजनीति से परे है यह परंपरा'
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दत्ता ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी आध्यात्मिक परंपरा है और इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को योग और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के सबसे बड़े प्रचारकों में से एक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए दत्ता ने कहा कि यह अभियान सराहनीय है और हर व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अपनाना चाहिए।
आगे क्या होगा
TMC फंड विवाद अब न्यायालय की दहलीज पर है और कानूनी प्रक्रिया के नतीजे ही तय करेंगे कि फ्रीज खाते कब और किसके नियंत्रण में खुलेंगे। इस बीच पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर बयानबाजी जारी है, जो आने वाले दिनों में TMC की आंतरिक राजनीति को और जटिल बना सकती है।