ऋतब्रत बनर्जी का साफ इनकार: 'कांग्रेस में नहीं जाएंगे', खेमे में 64 विधायक, संख्या और बढ़ेगी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर ऋतब्रत बनर्जी ने 10 जून 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस में शामिल होने की तमाम अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खेमे में फिलहाल 64 विधायक हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि यह संख्या जल्द ही और बढ़ेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक विद्रोह की खबरें तेज़ हो रही हैं।
कांग्रेस में जाने की अफवाहें निराधार
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि न उनके सांसद कांग्रेस में जा रहे हैं, न विधायक, न पार्षद और न जिला अध्यक्ष। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा से भी कोई सांसद कांग्रेस में नहीं जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्यसभा के दो सांसद पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर कांग्रेस के खेमे में जा कौन रहा है। उनके शब्दों में, 'इस तरह की चर्चा पूरी तरह से निराधार है।'
अभिषेक बनर्जी पर अप्रत्यक्ष निशाना
ऋतब्रत बनर्जी ने बिना नाम लिए ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संबंधित नेता को राजनीति का कोई ज्ञान नहीं है और वे पार्टी को एक 'क्विज' की तरह संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के लोगों पर 'गुलामी की मानसिकता' थोपी जा रही है और इस विद्रोह को उसी के विरुद्ध एक 'प्रखर लड़ाई' के रूप में देखा जाना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में 'क्रांति' का दावा
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 'क्रांति का बिगुल' बज चुका है और यह सिलसिला अब रुकने वाला नहीं। उन्होंने कहा कि लोग उनके खेमे से जुड़ने के लिए स्वयं इच्छुक हैं और विधायकों की संख्या में वृद्धि इसी माहौल का नतीजा है। गौरतलब है कि यह TMC के भीतर बढ़ती दरार की ओर इशारा करता है, जो राज्य की राजनीति में एक नई करवट की संकेत दे रही है।
आगे क्या होगा
ऋतब्रत बनर्जी के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज़ होने की संभावना है। विधायकों की बढ़ती संख्या और TMC नेतृत्व पर सीधे आरोपों के बीच यह देखना अहम होगा कि विद्रोही खेमा अगला कदम क्या उठाता है और क्या TMC इस टूट को रोक पाती है।