19 अगस्त 2026
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सीएमआरएल मामला: पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास बोले — 'हम डरेंगे नहीं', पत्नी वीना टी. पर ईडी के आरोप खारिज

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सीएमआरएल मामला: पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास बोले — 'हम डरेंगे नहीं', पत्नी वीना टी. पर ईडी के आरोप खारिज

सारांश

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में ईडी की जांच तेज़ होने पर केरल के पूर्व मंत्री रियास ने पहली बार खुलकर बोला — पत्नी वीना टी. के व्यवसाय को वैध बताया, कोझिकोड छापों को 'ध्यान भटकाने की चाल' कहा और BJP सरकार पर ईडी के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

केरल के पूर्व मंत्री पी.ए.
मोहम्मद रियास ने 19 अगस्त को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मंथली-पेमेंट मामले में पहली बार विस्तृत बयान दिया।
उन्होंने पत्नी वीना टी.
पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए उनके व्यवसाय को पूरी तरह वैध बताया।
कोझिकोड में पुराने सहयोगियों के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को 'ध्यान भटकाने की रणनीति' करार दिया।
ईडी सीपीआई (एम) जिला सचिवालय सदस्य पी.
निखिल से जुड़ी विज्ञापन कंपनी 'सोलस' के कथित लेन-देन की भी जांच कर रही है।
रियास ने BJP केंद्र सरकार पर ईडी को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया और सीपीआई (एम) के साथ मिलकर कानूनी व राजनीतिक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया।
अगले महीने कोझिकोड में प्रस्तावित सीपीआई (एम) राज्य समिति की विस्तारित बैठक में यह मामला केंद्रीय मुद्दा बन सकता है।

केरल के पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने बुधवार, 19 अगस्त को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मंथली-पेमेंट मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बीच पहली बार विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपनी पत्नी वीना टी. पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और कोझिकोड में उनके पुराने सहयोगियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी को 'ध्यान भटकाने की रणनीति' करार दिया।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार को कोझिकोड में कई स्थानों पर ईडी की तलाशी के बाद रियास का यह बयान उनका पहला विस्तृत राजनीतिक व कानूनी जवाब है। जांच एजेंसी कथित तौर पर वीना, रियास और उनके करीबी लोगों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। रेड के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई (एम)] के जिला सचिवालय सदस्य पी. निखिल से जुड़ी विज्ञापन कंपनी 'सोलस' के कथित लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।

रियास का पलटवार

रियास ने वीना के व्यवसाय को पूरी तरह वैध बताते हुए कहा, 'अब एक नई कहानी फैलाई जा रही है कि वीना ने एक फर्म शुरू की — यह सच नहीं है। कोई भी मेरा नामांकन पत्र देख सकता है, सब कुछ उसमें दर्ज है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वीना एक स्वतंत्र व्यक्ति हैं और उन्हें व्यवसाय करने से कोई नहीं रोक सकता।

पूर्व मंत्री ने वीना की पेशेवर पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार वीना ने परामर्श और व्यवसाय क्षेत्र में आने से पहले कई कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है।

केंद्र सरकार और ईडी पर सीधा हमला

रियास ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि ईडी का उपयोग राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हर कोई जानता है कि भाजपा सरकार ईडी का इस्तेमाल कैसे करती है। किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि उनके दोस्तों के साथ मेरे रिश्ते सिर्फ इसलिए प्रभावित होंगे, क्योंकि उनके ठिकानों पर तलाशी ली गई।'

उन्होंने कोझिकोड में छापे पड़े अपने पुराने मित्रों का बचाव करते हुए कहा, 'मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं। कोझिकोड में हर कोई उनके कारोबार के बारे में जानता है। इन छापों का इस्तेमाल ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।'

सीपीआई (एम) के साथ मिलकर लड़ाई का ऐलान

रियास ने स्पष्ट किया कि उन्होंने और सीपीआई (एम) ने इन आरोपों का कानूनी और राजनीतिक — दोनों मोर्चों पर मुकाबला करने का निर्णय लिया है। उन्होंने दो टूक कहा, 'किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि हम डर जाएंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली है और आगे की रणनीति तय कर ली है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि वे मीडिया के हर सवाल का जवाब देने की बजाय जांच को आगे बढ़ने देंगे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि वीना से विवाह के बाद सीपीआई (एम) में रियास का राजनीतिक उभार काफी तेज़ रहा — 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी टिकट, फिर लोक निर्माण विभाग (PWD) और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ कैबिनेट में शामिल होना और बाद में प्रभावशाली स्टेट सेक्रेटेरिएट में स्थान — इन सबने पार्टी के कुछ धड़ों में पहले ही असंतोष पैदा किया था। अब जब उनके करीबी सहयोगी ईडी की जांच के घेरे में हैं, तो अगले महीने कोझिकोड में प्रस्तावित सीपीआई (एम) की राज्य समिति की विस्तारित बैठक में यह मामला और अधिक राजनीतिक महत्व ग्रहण कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जवाबी आरोप और कानूनी मोर्चेबंदी एक साथ। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सीपीआई (एम) इस मामले को पूरी तरह रियास का निजी मामला मानती रहेगी, या पार्टी के भीतर पहले से मौजूद असंतोष को यह जांच हवा देगी। ईडी की कार्रवाई को 'राजनीतिक हथियार' बताना एक परिचित तर्क है — लेकिन 'सोलस' जैसी कंपनी और पार्टी पदाधिकारियों से उसके कथित संबंध ऐसे सवाल उठाते हैं जिनका जवाब महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं मिलेगा। कोझिकोड की आगामी राज्य समिति बैठक असली कसौटी होगी।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मंथली-पेमेंट मामला क्या है?
यह एक वित्तीय जांच मामला है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) केरल के पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास, उनकी पत्नी वीना टी. और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। ईडी ने कोझिकोड में कई स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
पी.ए. मोहम्मद रियास ने ईडी जांच पर क्या कहा?
रियास ने 19 अगस्त को पत्नी वीना टी. पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया और उनके व्यवसाय को पूरी तरह वैध बताया। उन्होंने कोझिकोड में हुई छापेमारी को 'ध्यान भटकाने की रणनीति' करार दिया और BJP सरकार पर ईडी के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया।
वीना टी. पर क्या आरोप हैं और रियास ने क्या जवाब दिया?
कथित तौर पर ईडी वीना टी. से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है और उनसे लंबी पूछताछ भी हुई बताई जाती है। रियास ने इसे बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वीना ने कई कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है और उनका व्यवसाय पूरी तरह पारदर्शी है, जिसका प्रमाण उनके चुनाव नामांकन पत्र में दर्ज है।
'सोलस' कंपनी का इस मामले से क्या संबंध है?
ईडी सीपीआई (एम) के कोझिकोड जिला सचिवालय सदस्य पी. निखिल से जुड़ी विज्ञापन कंपनी 'सोलस' के कथित लेन-देन की भी जांच कर रही है। यह जांच कोझिकोड छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों पर आधारित बताई जाती है।
इस मामले का सीपीआई (एम) पर क्या राजनीतिक असर पड़ सकता है?
रियास के करीबी सहयोगियों के ईडी की जांच के दायरे में आने से सीपीआई (एम) के भीतर पहले से मौजूद असंतोष और गहरा हो सकता है। अगले महीने कोझिकोड में प्रस्तावित सीपीआई (एम) राज्य समिति की विस्तारित बैठक में यह मुद्दा केंद्रीय राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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