सीएमआरएल मामला: पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास बोले — 'हम डरेंगे नहीं', पत्नी वीना टी. पर ईडी के आरोप खारिज
सारांश
मुख्य बातें
केरल के पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने बुधवार, 19 अगस्त को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मंथली-पेमेंट मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बीच पहली बार विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपनी पत्नी वीना टी. पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और कोझिकोड में उनके पुराने सहयोगियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी को 'ध्यान भटकाने की रणनीति' करार दिया।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार को कोझिकोड में कई स्थानों पर ईडी की तलाशी के बाद रियास का यह बयान उनका पहला विस्तृत राजनीतिक व कानूनी जवाब है। जांच एजेंसी कथित तौर पर वीना, रियास और उनके करीबी लोगों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। रेड के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई (एम)] के जिला सचिवालय सदस्य पी. निखिल से जुड़ी विज्ञापन कंपनी 'सोलस' के कथित लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
रियास का पलटवार
रियास ने वीना के व्यवसाय को पूरी तरह वैध बताते हुए कहा, 'अब एक नई कहानी फैलाई जा रही है कि वीना ने एक फर्म शुरू की — यह सच नहीं है। कोई भी मेरा नामांकन पत्र देख सकता है, सब कुछ उसमें दर्ज है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वीना एक स्वतंत्र व्यक्ति हैं और उन्हें व्यवसाय करने से कोई नहीं रोक सकता।
पूर्व मंत्री ने वीना की पेशेवर पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार वीना ने परामर्श और व्यवसाय क्षेत्र में आने से पहले कई कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है।
केंद्र सरकार और ईडी पर सीधा हमला
रियास ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि ईडी का उपयोग राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हर कोई जानता है कि भाजपा सरकार ईडी का इस्तेमाल कैसे करती है। किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि उनके दोस्तों के साथ मेरे रिश्ते सिर्फ इसलिए प्रभावित होंगे, क्योंकि उनके ठिकानों पर तलाशी ली गई।'
उन्होंने कोझिकोड में छापे पड़े अपने पुराने मित्रों का बचाव करते हुए कहा, 'मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं। कोझिकोड में हर कोई उनके कारोबार के बारे में जानता है। इन छापों का इस्तेमाल ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।'
सीपीआई (एम) के साथ मिलकर लड़ाई का ऐलान
रियास ने स्पष्ट किया कि उन्होंने और सीपीआई (एम) ने इन आरोपों का कानूनी और राजनीतिक — दोनों मोर्चों पर मुकाबला करने का निर्णय लिया है। उन्होंने दो टूक कहा, 'किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि हम डर जाएंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली है और आगे की रणनीति तय कर ली है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि वे मीडिया के हर सवाल का जवाब देने की बजाय जांच को आगे बढ़ने देंगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि वीना से विवाह के बाद सीपीआई (एम) में रियास का राजनीतिक उभार काफी तेज़ रहा — 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी टिकट, फिर लोक निर्माण विभाग (PWD) और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ कैबिनेट में शामिल होना और बाद में प्रभावशाली स्टेट सेक्रेटेरिएट में स्थान — इन सबने पार्टी के कुछ धड़ों में पहले ही असंतोष पैदा किया था। अब जब उनके करीबी सहयोगी ईडी की जांच के घेरे में हैं, तो अगले महीने कोझिकोड में प्रस्तावित सीपीआई (एम) की राज्य समिति की विस्तारित बैठक में यह मामला और अधिक राजनीतिक महत्व ग्रहण कर सकता है।