आरएसएस मानहानि मामला: प्रियंक खड़गे और नलपाड़ को बेंगलुरु कोर्ट का समन, 21 जुलाई को पेशी
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु की एक अदालत ने 27 जून 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विरुद्ध कथित मानहानिकारक टिप्पणी के मामले में कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे और कांग्रेस नेता नलपाड़ के खिलाफ समन जारी किया है। दोनों को 21 जुलाई 2026 को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। उसी मामले में कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव के खिलाफ संज्ञान के चरण में ही कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
मामले की पृष्ठभूमि
बेंगलुरु सिटी के 42वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) के समक्ष यह मामला तेजस ए. नामक व्यक्ति द्वारा दायर एक निजी शिकायत से उत्पन्न हुआ। शिकायत में प्रियंक खड़गे (आरोपी संख्या-1), दिनेश गुंडू राव (आरोपी संख्या-2) और नलपाड़ (आरोपी संख्या-3) को RSS के खिलाफ कथित मानहानिकारक वक्तव्य देने का आरोपी बनाया गया था।
अदालत का आदेश
न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 के तहत दर्ज इस निजी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रियंक खड़गे और नलपाड़ के विरुद्ध मामले को आपराधिक वाद के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही दोनों को 21 जुलाई 2026 को अदालत में पेश होने के लिए समन भेजा गया है। वहीं, दिनेश गुंडू राव के मामले में अदालत ने संज्ञान के स्तर पर ही कार्यवाही समाप्त करने का निर्णय लिया।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और RSS के बीच वैचारिक तनाव पहले से ही चर्चा में है। प्रियंक खड़गे कर्नाटक सरकार में मंत्री हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक दृष्टि से और अधिक संवेदनशील हो जाता है। गौरतलब है कि BNS की धारा 356 मानहानि से संबंधित प्रावधान है, जो पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 499-500 के अंतर्गत आती थी।
आगे क्या होगा
मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को निर्धारित है, जब दोनों आरोपियों को अदालत में उपस्थित होना होगा। इस सुनवाई में आरोप-निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।