यूपी चुनाव 2027: कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम बोले — गठबंधन में सम्मानजनक सीट बंटवारा ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला 'सम्मानजनक' होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बराबर का हिस्सा और सम्मान मिलना अनिवार्य है — इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
सीट बंटवारे पर कांग्रेस का रुख
गौतम ने कहा, 'सीट शेयरिंग के फॉर्मूले में सम्मानजनक समझौता होगा। बराबर का हिस्सा तो होना चाहिए — बस थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे हो सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर विचार-विमर्श कर सकता है, परंतु सम्मान की कीमत पर कोई सहमति स्वीकार्य नहीं होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच यूपी में सीटों के बँटवारे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अयोध्या मछली विवाद पर पलटवार
अयोध्या में कथित 'मछली दावत' को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना पर गौतम ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी आयोजन की जानकारी नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि केवट, मल्लाह, कश्यप, धीमर और निषाद जैसे नदी-किनारे रहने वाले समुदायों के लिए मछली पारंपरिक भोजन का अभिन्न हिस्सा रही है। गौतम ने कहा कि 'संविधान सभी को अपनी पसंद का भोजन करने का अधिकार देता है — BJP यह तय नहीं करेगी कि किसे क्या खाना चाहिए।'
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP मल्लाह समुदाय का अपमान कर रही है और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की कोई ऐसी तस्वीर सामने नहीं आई जिसमें वे मछली खाते दिखें। उन्होंने BJP के कुछ नेताओं की तस्वीरें दिखाते हुए पार्टी से पहले अपने नेताओं पर स्पष्टीकरण माँगने को कहा।
राम मंदिर और संवैधानिक मुद्दे
गौतम ने दावा किया कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला गाँव-गाँव तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि BJP चुनाव से पहले असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन 'इस बार संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र के मुद्दे पर BJP से सीधी राजनीतिक लड़ाई होगी।' आरक्षण पर उन्होंने कहा कि जब तक जाति व्यवस्था मौजूद है, तब तक आरक्षण की आवश्यकता बनी रहेगी।
सपा-AAP मुलाकात और राजनीतिक रिश्ते
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजय सिंह की हालिया मुलाकात पर गौतम ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं का आपस में मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं 2021 में अखिलेश यादव से करीब एक घंटे 20 मिनट मिले थे और भविष्य में भी ऐसी मुलाकातें हो सकती हैं।
राजनीति में नफ़रत का आरोप
गौतम ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान कथित 'शुद्धिकरण' की घटना का उल्लेख करते हुए BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति समाज में नफ़रत बढ़ाती है। गौरतलब है कि संसद में पहले अलग-अलग दलों के नेता तीखी बहस के बावजूद सदन के बाहर सामान्य संबंध रखते थे — यह परंपरा अब कमज़ोर पड़ती दिख रही है। 2027 के चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएंगे, गठबंधन की रूपरेखा और स्पष्ट होती जाएगी।