9 अक्टूबर 2026
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यूपी चुनाव 2027: कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम बोले — गठबंधन में सम्मानजनक सीट बंटवारा ज़रूरी

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यूपी चुनाव 2027: कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम बोले — गठबंधन में सम्मानजनक सीट बंटवारा ज़रूरी

सारांश

यूपी 2027 की तैयारी में कांग्रेस ने साफ कर दिया — गठबंधन होगा, लेकिन सम्मान की कीमत पर नहीं। राजेंद्र पाल गौतम का यह बयान इंडिया गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे की बढ़ती बेचैनी का संकेत है, जबकि BJP पर संवैधानिक मूल्यों और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सीधे हमले का ऐलान किया गया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ में कहा कि यूपी चुनाव 2027 में गठबंधन का सीट बंटवारा 'सम्मानजनक' होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए — सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।
अयोध्या 'मछली दावत' विवाद पर BJP पर पलटवार करते हुए कहा कि संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद का भोजन चुनने का अधिकार देता है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को गाँव-गाँव तक ले जाने का ऐलान किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे पर कथित 'शुद्धिकरण' को लेकर BJP पर नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला 'सम्मानजनक' होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बराबर का हिस्सा और सम्मान मिलना अनिवार्य है — इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

सीट बंटवारे पर कांग्रेस का रुख

गौतम ने कहा, 'सीट शेयरिंग के फॉर्मूले में सम्मानजनक समझौता होगा। बराबर का हिस्सा तो होना चाहिए — बस थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे हो सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर विचार-विमर्श कर सकता है, परंतु सम्मान की कीमत पर कोई सहमति स्वीकार्य नहीं होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच यूपी में सीटों के बँटवारे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

अयोध्या मछली विवाद पर पलटवार

अयोध्या में कथित 'मछली दावत' को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना पर गौतम ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी आयोजन की जानकारी नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि केवट, मल्लाह, कश्यप, धीमर और निषाद जैसे नदी-किनारे रहने वाले समुदायों के लिए मछली पारंपरिक भोजन का अभिन्न हिस्सा रही है। गौतम ने कहा कि 'संविधान सभी को अपनी पसंद का भोजन करने का अधिकार देता है — BJP यह तय नहीं करेगी कि किसे क्या खाना चाहिए।'

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP मल्लाह समुदाय का अपमान कर रही है और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की कोई ऐसी तस्वीर सामने नहीं आई जिसमें वे मछली खाते दिखें। उन्होंने BJP के कुछ नेताओं की तस्वीरें दिखाते हुए पार्टी से पहले अपने नेताओं पर स्पष्टीकरण माँगने को कहा।

राम मंदिर और संवैधानिक मुद्दे

गौतम ने दावा किया कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला गाँव-गाँव तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि BJP चुनाव से पहले असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन 'इस बार संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र के मुद्दे पर BJP से सीधी राजनीतिक लड़ाई होगी।' आरक्षण पर उन्होंने कहा कि जब तक जाति व्यवस्था मौजूद है, तब तक आरक्षण की आवश्यकता बनी रहेगी।

सपा-AAP मुलाकात और राजनीतिक रिश्ते

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजय सिंह की हालिया मुलाकात पर गौतम ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं का आपस में मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं 2021 में अखिलेश यादव से करीब एक घंटे 20 मिनट मिले थे और भविष्य में भी ऐसी मुलाकातें हो सकती हैं।

राजनीति में नफ़रत का आरोप

गौतम ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान कथित 'शुद्धिकरण' की घटना का उल्लेख करते हुए BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति समाज में नफ़रत बढ़ाती है। गौरतलब है कि संसद में पहले अलग-अलग दलों के नेता तीखी बहस के बावजूद सदन के बाहर सामान्य संबंध रखते थे — यह परंपरा अब कमज़ोर पड़ती दिख रही है। 2027 के चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएंगे, गठबंधन की रूपरेखा और स्पष्ट होती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या कांग्रेस 2027 से पहले ज़मीन पर संगठन खड़ा कर पाती है — केवल बयानबाज़ी से चुनाव नहीं जीते जाते।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी चुनाव 2027 में कांग्रेस का गठबंधन पर क्या रुख है?
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम के अनुसार, पार्टी विपक्षी गठबंधन में शामिल होने को तैयार है, लेकिन सीट बंटवारे में 'सम्मानजनक समझौता' अनिवार्य शर्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए और सम्मान की कीमत पर कोई सहमति स्वीकार्य नहीं होगी।
अयोध्या मछली दावत विवाद पर कांग्रेस का क्या कहना है?
गौतम ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी आयोजन की जानकारी नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि केवट, मल्लाह, निषाद जैसे समुदायों के लिए मछली पारंपरिक भोजन है और संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद का भोजन चुनने का अधिकार देता है।
राजेंद्र पाल गौतम ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर क्या कहा?
गौतम ने दावा किया कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को कांग्रेस गाँव-गाँव तक ले जाएगी। उन्होंने इसे BJP के खिलाफ 2027 चुनाव अभियान का एक प्रमुख मुद्दा बनाने का संकेत दिया।
सपा-AAP नेताओं की मुलाकात पर कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया है?
गौतम ने अखिलेश यादव और संजय सिंह की मुलाकात को सामान्य राजनीतिक संवाद बताया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं 2021 में अखिलेश यादव से करीब एक घंटे 20 मिनट मिले थे और भविष्य में भी ऐसी मुलाकातें संभव हैं।
कांग्रेस ने BJP पर 'नफ़रत की राजनीति' का आरोप क्यों लगाया?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान कथित 'शुद्धिकरण' की घटना को लेकर गौतम ने BJP पर समाज में नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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