5 जुलाई 2026
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रेत माफिया अजय हरि गिरफ्तार: पश्चिम बर्धमान में बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति का आरोप

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रेत माफिया अजय हरि गिरफ्तार: पश्चिम बर्धमान में बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति का आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलाव के बाद माफिया पर शिकंजा कसने की कड़ी में एक बड़ी गिरफ्तारी — रेत तस्करी से करोड़ों कमाने वाला कुख्यात अजय हरि आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आया। TMC नेताओं से कथित नजदीकी और लंबे समय तक पुलिसिया निष्क्रियता के आरोपों के बीच यह गिरफ्तारी सियासी रंग भी लिए हुए है।

मुख्य बातें

कुख्यात रेत माफिया अजय हरि को पश्चिम बर्धमान के बिदबिहार क्षेत्र से शनिवार रात गिरफ्तार किया गया।
मालंदीघी चौकी की पुलिस ने कार्रवाई की; आरोपी को दुर्गापुर सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हरि पर आरोप है कि रेत तस्करी से अर्जित धन से लग्जरी गाड़ियाँ, घर, ट्रैक्टर, डंपर और जेसीबी सहित करोड़ों की संपत्ति बनाई।
पुलिस के अनुसार, 2011 के बाद TMC नेताओं से नजदीकी के साथ हरि की संपत्ति में कई गुना बढ़ोतरी हुई।
राज्य में BJP सरकार आने के बाद से हरि फरार था; अब रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में पुलिस ने कुख्यात रेत माफिया अजय हरि को शनिवार रात बिदबिहार इलाके से गिरफ्तार किया। मालंदीघी चौकी की पुलिस ने यह कार्रवाई की और आरोपी को दुर्गापुर सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। अजय हरि पर आरोप है कि उसने नदी से अवैध रेत उत्खनन और तस्करी के ज़रिए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की।

मुख्य घटनाक्रम

मालंदीघी चौकी की पुलिस टीम ने 5 जुलाई की रात बिदबिहार क्षेत्र में छापेमारी कर अजय हरि को दबोचा। पुलिस के अनुसार, राज्य में सरकार बदलने के बाद से हरि फरार था और छिपकर रह रहा था। लंबी तलाश के बाद आखिरकार वह कानून की गिरफ्त में आ गया।

पुलिस अब दुर्गापुर सब-डिविजनल कोर्ट में उसकी हिरासत की माँग करेगी ताकि रेत तस्करी रैकेट की पूरी कड़ी को उजागर किया जा सके। जाँचकर्ताओं का लक्ष्य यह पता लगाना है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और यह रैकेट किस तरह संचालित होता था।

संपत्ति और कारोबार का जाल

आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरि के पास लग्जरी गाड़ियाँ, ट्रैक्टर, डंपर, रेत उत्खनन मशीनें और जेसीबी हैं। इसके अलावा वह ईंट भट्ठे के कारोबार में भी संलिप्त था और उसने एक आश्रम तक बनवाया।

आरोप है कि रेत तस्करी से अर्जित धन को संपत्ति, घरों और वाहनों में निवेश किया गया। अधिकारियों के अनुसार, 2011 में लेफ्ट फ्रंट सरकार के पतन के बाद से हरि की संपत्ति में कई गुना बढ़ोतरी हुई।

राजनीतिक संबंध और पुराना इतिहास

पुलिस के अनुसार, अजय हरि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के करीबी माने जाते रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पश्चिम बर्धमान के दुर्गापुर क्षेत्र में रेत माफिया भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के शासनकाल में पनपा और TMC के दौर में उसका प्रभाव और विस्तार हुआ।

आलोचकों का कहना है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पुलिस और प्रशासन ने हरि के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे उसका नेटवर्क फलता-फूलता रहा। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध खनन पर शिकंजा कसने की कोशिशें तेज़ हुई हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद अवैध रेत तस्करी रैकेट पर लगाम लगाने के निर्देश दिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि TMC के शासनकाल में चल रही किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस को माफिया तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस की प्राथमिकता अब इस रैकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करना और उन्हें गिरफ्तार करना है। अजय हरि से पूछताछ के दौरान नदी से अवैध उत्खनन के नेटवर्क, धन के स्रोत और राजनीतिक संरक्षण के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अवैध रेत खनन एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है, जो नदी-पारिस्थितिकी को भी नुकसान पहुँचाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में दशकों से चले आ रहे उस राजनीतिक-माफिया गठजोड़ का एक और अध्याय है जो CPI(M) से TMC तक सत्ता बदलने के बावजूद बना रहा। असली सवाल यह है कि जब यह रैकेट वर्षों से खुलेआम चल रहा था, तो पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की — और क्या यह गिरफ्तारी महज़ राजनीतिक बदले की कार्रवाई है या अवैध खनन के ढाँचे को जड़ से उखाड़ने की ईमानदार कोशिश। जब तक नेटवर्क के ऊपरी संरक्षकों तक जाँच नहीं पहुँचती, तब तक यह कार्रवाई अधूरी ही मानी जाएगी।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय हरि कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
अजय हरि पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले का कुख्यात रेत माफिया है, जिस पर नदी से अवैध रेत उत्खनन और तस्करी का आरोप है। पुलिस के अनुसार, उसने इस रैकेट से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की और लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा।
अजय हरि को कहाँ से और कब गिरफ्तार किया गया?
मालंदीघी चौकी की पुलिस ने 5 जुलाई की शनिवार रात पश्चिम बर्धमान के बिदबिहार इलाके से अजय हरि को गिरफ्तार किया। राज्य में सरकार बदलने के बाद से वह फरार था।
अजय हरि के पास कितनी और किस तरह की संपत्ति बताई जा रही है?
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, हरि के पास लग्जरी गाड़ियाँ, ट्रैक्टर, डंपर, रेत उत्खनन मशीनें, जेसीबी, घर और ईंट भट्ठे का कारोबार है। उसने एक आश्रम भी बनवाया है। यह सारी संपत्ति कथित तौर पर रेत तस्करी से कमाए पैसे से खरीदी गई।
अजय हरि का TMC से क्या संबंध बताया जा रहा है?
पुलिस के अनुसार, अजय हरि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के करीबी माने जाते रहे हैं। 2011 में लेफ्ट फ्रंट सरकार के पतन के बाद TMC नेताओं से उसकी नजदीकियाँ बढ़ीं और इसी दौर में उसकी संपत्ति में भी कई गुना इज़ाफा हुआ।
इस गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
पुलिस दुर्गापुर सब-डिविजनल कोर्ट में अजय हरि की हिरासत की माँग करेगी और रेत तस्करी रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए पूछताछ करेगी। BJP सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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