आरएसएस विरोध में कांग्रेस सिमटती गई, संघ वटवृक्ष बना: भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में 18 जून को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रामेश्वर शर्मा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विरुद्ध कांग्रेस की आलोचना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, उनके पुत्र प्रियांक खड़गे, वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी — सभी RSS-विरोध की राह पर चलते रहे, और इसी राह ने पार्टी को राजनीतिक हाशिये पर पहुँचा दिया।
संघ का विस्तार, कांग्रेस का संकुचन
शर्मा के अनुसार, RSS, जो कभी एक सीमित संगठन था, आज देशव्यापी सेवा कार्यों के बल पर विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि संकट की हर घड़ी में — चाहे बाढ़ हो, भूकंप हो या महामारी — RSS के स्वयंसेवक अपनी जान की परवाह किए बिना जनसेवा में जुट जाते हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस, जो कभी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति थी, RSS-विरोध को ही अपनी केंद्रीय राजनीति बनाने के कारण लगातार सिकुड़ती जा रही है।
पंजीकरण विवाद पर BJP का पलटवार
विपक्ष द्वारा RSS के पंजीकरण का मुद्दा उठाए जाने पर शर्मा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'आरएसएस का वास्तविक पंजीकरण किसी सरकारी दस्तावेज़ में नहीं, बल्कि देश की जनता के दिलों में हो चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि अपने स्वयं के संगठन का पंजीकरण बचाए रखना ही रह जाएगी।
NSUI छात्रों पर कार्रवाई का आरोप
शर्मा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने ही छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने छात्रों को पुलिस पर पत्थर फेंकने और मुख्यमंत्री मोहन यादव के पुतले जलाने के निर्देश दिए। शर्मा के अनुसार, NSUI के छात्रों ने इन निर्देशों को अस्वीकार करते हुए उन्हें फाड़कर फेंक दिया और स्पष्ट किया कि वे पढ़ाई पर ध्यान देना चाहते हैं।
नेतृत्व पर जवाबदेही का सवाल
BJP विधायक ने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने वर्षों तक सत्ता और संगठन की सुविधाएँ भोगी हैं, लेकिन जब जवाबदेही की बात आती है तो वे पीछे हट जाते हैं। अब वही नेता उन छात्रों को नोटिस देने की बात कर रहे हैं, जिन्होंने हिंसक गतिविधियों में शामिल होने से इनकार किया। शर्मा ने दावा किया कि आगामी चुनावों में BJP कांग्रेस को 'राजनीतिक शून्य' की स्थिति तक पहुँचा देगी।
आगे क्या
शर्मा के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब RSS के पंजीकरण और उसकी संवैधानिक स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और BJP के बीच RSS की भूमिका को लेकर वाकयुद्ध छिड़ा हो — लेकिन NSUI छात्रों के आंतरिक विद्रोह का आरोप इस बार की बहस को नया आयाम देता है।