कैलाश विजयवर्गीय का संघ पर बड़ा बयान: संगठन बढ़ रहा है, पर अच्छे इंसानों की कमी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 26 जून 2026 को भोपाल के मानस भवन में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संघ का संगठन तो विस्तार पा रहा है, लेकिन इस बढ़ती भीड़ में अच्छे और आदर्श इंसानों की संख्या घटती जा रही है। यह बयान संस्था नवलय द्वारा आयोजित श्री शालिग्राम तोमर स्मृति राष्ट्रसेवी सम्मान समारोह के मंच से आया।
मुख्य बयान और संदर्भ
विजयवर्गीय ने सत्ता के साथ संघ-जुड़ाव का दावा करने वाले अधिकारियों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, 'हम सरकार में हैं तो कोई भी अधिकारी आता है और अपने संघ से जुड़ाव और शाखा की बात करता है। सरकार आने के बाद सब संघ के हो गए? एक अधिकारी ने कहा कि मेरे पिताजी तो शाखा में अध्यक्ष थे, लेकिन उन्हें क्या पता कि शाखा में अध्यक्ष होता ही नहीं।' यह टिप्पणी उन लोगों पर निशाना थी जो सत्ता-लाभ के लिए संघ से नाता जोड़ने का दावा करते हैं।
विचारधारा और मानवीय मूल्यों पर चिंतन
विजयवर्गीय ने आगे कहा कि संगठन बढ़ रहा है और कहने के लिए विचारधारा भी बढ़ रही है, लेकिन यदि इसमें अच्छे इंसान नहीं होंगे तो इस विचारधारा का महत्व क्या रह जाएगा — इस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित कुछ विशिष्ट व्यक्तियों का नाम लेकर ऐसे आदर्श इंसानों की कमी को रेखांकित किया।
समारोह में मुख्यमंत्री की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए। समारोह के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक स्वर्गीय शालिग्राम तोमर जी की स्मृति में आज भोपाल में नवलय संस्था द्वारा आयोजित समारोह में अभाविप में साथ काम करने वाले कई कार्यकर्ता बंधुओं से मिलकर पुरानी स्मृतियां जीवंत हो गईं।' उन्होंने आगे लिखा कि राष्ट्र सेवा ही शालिग्राम जी के जीवन का ध्येय था और उन्होंने अनेक कार्यकर्ता तैयार किए।
सम्मान और पुरस्कार
समारोह में समाजसेवी सदाशिव देवधर (पुणे) और अरविंद मोघे को शालिग्राम तोमर स्मृति राष्ट्रसेवी सम्मान तथा ₹1-1 लाख की सम्मान राशि प्रदान की गई। यह आयोजन संस्था नवलय द्वारा संघ के दिवंगत वरिष्ठ प्रचारक की स्मृति को जीवित रखने के उद्देश्य से किया गया।
आगे का संदर्भ
विजयवर्गीय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संघ के बीच संगठनात्मक समन्वय को लेकर चर्चाएँ जारी हैं। गौरतलब है कि सत्ता के करीब आने पर संघ की शाखाओं में 'अवसरवादी' उपस्थिति का मुद्दा पहले भी संघ के भीतर से उठाया जाता रहा है। विजयवर्गीय का यह खुला बयान संगठन की आंतरिक गुणवत्ता को लेकर एक वरिष्ठ नेता की बेबाक चिंता के रूप में देखा जा रहा है।