सर्वांगासन से रुकेगी बालों के समय से पहले सफेद होने की समस्या, आयुष मंत्रालय की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) से पूर्व सर्वांगासन के नियमित अभ्यास की सलाह दी है, जिसे 'आसनों की रानी' कहा जाता है। मंत्रालय के अनुसार, यह आसन छोटी उम्र में बाल सफेद होने की बढ़ती समस्या से निपटने में सहायक हो सकता है। इस वर्ष योग दिवस का मुख्य विषय 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' रखा गया है।
क्यों हो रहे हैं युवाओं के बाल समय से पहले सफेद
आयुष मंत्रालय के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली में बढ़ता तनाव, असंतुलित खान-पान और भागदौड़ भरी दिनचर्या युवाओं में असमय बाल सफेद होने के प्रमुख कारण बन रहे हैं। यह समस्या अब केवल बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रही — 20 से 35 वर्ष के आयु वर्ग में भी इसके मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
सर्वांगासन कैसे करता है असर
सर्वांगासन एक कंधे के बल किया जाने वाला उलटा आसन है, जिसमें व्यक्ति पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को ऊपर उठाता है और शरीर का पूरा भार कंधों पर स्थानांतरित करता है। मंत्रालय के अनुसार, इस स्थिति में शरीर उलटा होने से रक्त संचार बेहतर होता है और सिर व स्कैल्प को अधिक ऑक्सीजन एवं पोषण मिलता है। इससे बालों की जड़ें मज़बूत होती हैं और असमय सफेद होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है।
सर्वांगासन के अन्य स्वास्थ्य लाभ
आयुष मंत्रालय के अनुसार, सर्वांगासन के नियमित अभ्यास से केवल बाल ही नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
थायरॉइड और अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों को सक्रिय कर हार्मोन संतुलन बनाए रखने में यह सहायक है। अपच और कब्ज़ जैसी पाचन संबंधी समस्याओं में भी राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त, हर्निया, बवासीर और गर्भाशय संबंधी विकारों में भी इससे लाभ होने की बात कही गई है। शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ यह आसन मन को शांत करने में भी कारगर माना जाता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि योग कोई दवा नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। मंत्रालय का कहना है कि रोज़ाना मात्र 10 से 15 मिनट सर्वांगासन का अभ्यास दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। हालाँकि, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इस आसन को पहली बार किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए, विशेषकर गर्दन या रीढ़ की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए।
योग दिवस 2026 की तैयारी
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को मनाया जाएगा और इस वर्ष का विषय 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों पर केंद्रित है। आयुष मंत्रालय ने हर आयु वर्ग के लोगों को सर्वांगासन को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया है, ताकि दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जा सके।