22 अगस्त 2026
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सतीश महाना ने काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, वाराणसी की मशहूर कचौड़ी का चखा स्वाद

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सतीश महाना ने काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, वाराणसी की मशहूर कचौड़ी का चखा स्वाद

सारांश

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 22 अगस्त को वाराणसी पहुँचकर काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की, परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या की सराहना की।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 22 अगस्त को काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी में विधिवत पूजा-अर्चना की।
दर्शन के बाद महाना ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि की सराहना की।
महाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी के विकास और 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति की प्रशंसा की।
यात्रा के दौरान उन्होंने वाराणसी की प्रसिद्ध कचौड़ी का भी स्वाद लिया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शनिवार, 22 अगस्त को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने वाराणसी की विश्वप्रसिद्ध कचौड़ी का भी आनंद लिया।

मंदिर परिसर का भ्रमण और व्यवस्थाओं का निरीक्षण

दर्शन-पूजन के पश्चात महाना ने मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है और प्रशासन उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रख रहा है।

महाना ने क्या कहा — काशी की महत्ता पर

दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में सतीश महाना ने कहा, 'काशी आना हमेशा ही सौभाग्य की बात है। काशी विश्वनाथ की धरती सबसे प्राचीन और समृद्ध है, जहाँ इतिहास है, संस्कृति है, सकारात्मकता है, जीवन जीने का एक तरीका है, जहाँ समर्पण और त्याग की शिक्षा मिलती है। यह नगरी मोक्षदायिनी है और यहाँ आकर मन को असीम शांति मिलती है।'

प्रधानमंत्री मोदी और काशी के विकास पर बोले महाना

महाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा, 'यह सौभाग्य की बात है कि बाबा काशी विश्वनाथ की कृपा और इच्छा से प्रधानमंत्री को इस देश और इस क्षेत्र की सेवा करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नया रूप लिया है — आत्मनिर्भर, प्रगतिशील और मूल्यों व संस्कृति से समृद्ध, जहाँ स्नेह है, जहाँ सबका साथ और सबका विकास है।' उन्होंने यह भी कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण ने इस तीर्थनगरी को एक नया स्वरूप दिया है।

प्रशासन की सेवाभावना को मिली सराहना

महाना ने मंदिर प्रशासन के समर्पण की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'आज लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ आते हैं। यहाँ के एक छोटे से कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी तक जिस श्रद्धाभाव से यहाँ आने वाले भक्तों की सेवा करते हैं, वो अद्वितीय है।' उन्होंने आशा व्यक्त की कि बाबा विश्वनाथ की कृपा इसी प्रकार बनी रहे और श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव और सत्तारूढ़ दल की उपलब्धियों का उल्लेख। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद वाराणसी में श्रद्धालुओं की संख्या वास्तव में बढ़ी है, यह तथ्य है; लेकिन इस वृद्धि के साथ स्थानीय बुनियादी ढाँचे पर पड़ने वाले दबाव और छोटे व्यापारियों के विस्थापन जैसे सवाल भी हैं जो इस तरह की यात्राओं की कवरेज में अक्सर अनुत्तरित रह जाते हैं। विधानसभा अध्यक्ष के स्तर के नेता की यात्रा का राजनीतिक संदेश 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भी पढ़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतीश महाना ने काशी विश्वनाथ मंदिर का दौरा कब किया?
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 22 अगस्त, शनिवार को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद क्या बदला?
सतीश महाना के अनुसार, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रख रहा है।
सतीश महाना ने काशी के बारे में क्या कहा?
महाना ने काशी को 'मोक्षदायिनी नगरी' बताते हुए कहा कि यह धरती सबसे प्राचीन और समृद्ध है, जहाँ इतिहास, संस्कृति और सकारात्मकता का संगम है। उन्होंने कहा कि यहाँ आकर मन को असीम शांति मिलती है।
वाराणसी की प्रसिद्ध कचौड़ी क्यों मशहूर है?
वाराणसी की कचौड़ी भारत भर में अपने अनोखे स्वाद और परंपरागत बनावट के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर की गलियों में सुबह के नाश्ते के रूप में विशेष रूप से लोकप्रिय है और यहाँ आने वाले हर पर्यटक व श्रद्धालु के लिए एक अनुभव बन चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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