7 जुलाई 2026
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फिल्म 'सतलुज' की OTT से हटाने की समीक्षा करेगी केंद्र की समिति, पंजाब भाजपा ने किया स्वागत

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फिल्म 'सतलुज' की OTT से हटाने की समीक्षा करेगी केंद्र की समिति, पंजाब भाजपा ने किया स्वागत

सारांश

पंजाबी फिल्म 'सतलुज' का OTT से हटाया जाना अब केंद्र सरकार की जाँच के दायरे में है। भाजपा ने समीक्षा समिति के गठन का स्वागत किया, जबकि AAP ने इसे पंजाब के इतिहास को दबाने की कोशिश बताया — और यह विवाद ओटीटी विनियमन की व्यापक बहस का नया अध्याय बन गया है।

मुख्य बातें

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पंजाबी फिल्म 'सतलुज' की OTT से हटाने की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समीक्षा समिति गठित करने का निर्देश दिया।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की केंद्र सरकार से अपील के बाद यह कार्रवाई हुई।
ढिल्लों ने केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष समीक्षा की माँग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने फिल्म हटाने को पंजाब के 1978, 1984 और 1990 के दशक के इतिहास को दबाने की कोशिश बताया।
AAP का आरोप है कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर नई पीढ़ी को राज्य के अतीत की सच्चाई से दूर रखना चाहते हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पंजाबी फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के मामले की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समीक्षा समिति गठित करने का निर्देश दिया है। यह कदम पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों द्वारा केंद्र सरकार को भेजी गई अपील के बाद उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

7 जुलाई को चंडीगढ़ में ढिल्लों ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब का सिनेमा और उसके कलाकार राज्य के लोगों की आवाज़, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पंजाबी फिल्म उद्योग और आम जनता ने फिल्म को ओटीटी से हटाए जाने के तरीके पर गंभीर आपत्तियाँ जताईं, तो उन्होंने इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष रखना अपना दायित्व समझा।

ढिल्लों ने कहा, 'उचित प्रक्रिया, पारदर्शिता और पंजाब की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक अभिव्यक्तियों का सम्मान हमेशा साथ-साथ चलना चाहिए।' उन्होंने विश्वास जताया कि समिति पूरे मामले की व्यापक और निष्पक्ष समीक्षा करेगी।

भाजपा का रुख

पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कानून का पालन आवश्यक है, लेकिन साथ ही पंजाब के फिल्म जगत और आम जनता द्वारा उठाई गई वास्तविक चिंताओं को निष्पक्ष एवं वस्तुनिष्ठ ढंग से सुना जाना भी उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब भाजपा इस मामले के त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान के लिए सभी पक्षों के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखेगी।

आम आदमी पार्टी की आपत्ति

आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब इकाई ने फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की कड़ी निंदा की है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर पंजाब के इतिहास के महत्वपूर्ण और दुखद अध्यायों को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी अपने राज्य के अतीत की सच्चाई से अनजान रहे।

AAP प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि नई पीढ़ी यह जानना चाहती है कि पंजाब में 1978, 1984, 1990 के दशक और अन्य महत्वपूर्ण कालखंडों में क्या हुआ था। उनका तर्क है कि यदि लोगों को किताबों और डॉक्यूमेंट्री तक पहुँच नहीं मिलेगी, तो फिल्मों के माध्यम से ही ऐतिहासिक सच्चाई को संरक्षित किया जा सकता है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सामग्री की नियामकीय निगरानी को लेकर देशभर में बहस तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल के वर्षों में ओटीटी कंटेंट के विनियमन के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं, और 'सतलुज' प्रकरण इस व्यापक विमर्श का हिस्सा बन गया है।

आगे क्या होगा

तीन सदस्यीय समीक्षा समिति के गठन के बाद अब सभी की निगाहें उसकी रिपोर्ट और अंतिम सिफारिशों पर टिकी हैं। पंजाब भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह कलाकारों और जनता के हितों की रक्षा के लिए इस प्रक्रिया पर नज़र बनाए रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह समिति स्वतंत्र रूप से काम करेगी या राजनीतिक दबाव में। AAP का यह आरोप कि 1984 और 1978 जैसे संवेदनशील कालखंडों से जुड़ी सामग्री को जानबूझकर दबाया जा रहा है, इस विवाद को सांस्कृतिक से राजनीतिक बना देता है। ओटीटी नियमन पर स्पष्ट और पारदर्शी ढाँचे के बिना, ऐसे विवाद बार-बार उठते रहेंगे।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाबी फिल्म 'सतलुज' को OTT से क्यों हटाया गया?
फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के सटीक कारण अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। इसी अस्पष्टता को लेकर पंजाब भाजपा और AAP दोनों ने आपत्ति जताई है और पारदर्शी जाँच की माँग की है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने क्या कदम उठाया है?
मंत्रालय ने 'सतलुज' को OTT से हटाए जाने के मामले की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समीक्षा समिति गठित करने का निर्देश दिया है। यह कदम पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की अपील पर उठाया गया है।
पंजाब भाजपा का इस मामले में क्या रुख है?
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने केंद्र की समीक्षा समिति के गठन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन ज़रूरी है, लेकिन पंजाब की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों और फिल्म जगत की चिंताओं को निष्पक्ष ढंग से सुना जाना भी उतना ही आवश्यक है।
AAP ने इस विवाद पर क्या कहा है?
AAP की पंजाब इकाई ने फिल्म हटाने की निंदा की है और आरोप लगाया है कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर 1978, 1984 और 1990 के दशक जैसे संवेदनशील ऐतिहासिक कालखंडों को नई पीढ़ी से छुपाना चाहते हैं। AAP प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि फिल्में ऐतिहासिक सच्चाई के संरक्षण का माध्यम हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
तीन सदस्यीय समीक्षा समिति अब पूरे मामले की जाँच करेगी और अपनी सिफारिशें देगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि फिल्म OTT पर वापस आएगी या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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