सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी भीड़; रांची पहाड़ी बाबा और भागलपुर के 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक
सारांश
मुख्य बातें
सावन के पहले सोमवार, 3 अगस्त को देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रांची के पहाड़ी बाबा मंदिर और भागलपुर के ऐतिहासिक भूतनाथ महादेव मंदिर में हजारों भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद माँगा। सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच श्रद्धा और आस्था का यह जनसैलाब सुबह से ही उमड़ने लगा था।
पहाड़ी बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब
रांची स्थित पहाड़ी बाबा मंदिर, जिसे देवघर के बाद पूरे झारखंड का सबसे बड़ा शिवालय माना जाता है, में सोमवार की भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर प्रबंधन समिति के राजकुमार शर्मा ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक एवं प्राचीन मंदिर है। उन्होंने कहा, 'बाबा को सोमवार का दिन सबसे प्रिय है, इसलिए सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रहती है।'
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने विशेष तैयारी की। जिला प्रशासन की ओर से 120 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से परिसर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
भाजपा नेता और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने कहा कि पहाड़ी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं और व्यवस्था संतोषजनक है। उन्होंने कहा, 'सावन के महीने में श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने की आस लेकर बाबा के दर्शन करते हैं।'
दर्शन के लिए पहुँचे श्रद्धालु अभिषेक यादव ने बताया कि उन्होंने बाबा से प्रार्थना की है कि सब कुछ ठीक रहे, माता-पिता स्वस्थ रहें और समाज सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े। एक अन्य भक्त अमन कुमार ने कहा कि उनकी बाबा से यही विनती है कि स्वास्थ्य अच्छा रहे और परिवार के सदस्य निरोग रहें।
भागलपुर के 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में उत्साह
बिहार के भागलपुर जिले में स्थित 700 वर्ष से भी अधिक पुराने भूतनाथ महादेव मंदिर में भी श्रावण के पहले सोमवार पर हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी। तिरुपति नाथ के भूतनाथ महादेव मंदिर के महंत ने बताया कि इस मंदिर को पहले थानेश्वरनाथ महादेव के नाम से जाना जाता था।
महंत के अनुसार, जब इस क्षेत्र में गंगा का प्रवाह आया और यहाँ श्मशान घाट स्थापित हुआ, तब से इस मंदिर का नाम भूतनाथ पड़ा। उन्होंने धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'हिंदू मान्यता के अनुसार श्रावण माह में ही समुद्र मंथन के दौरान विष प्रकट हुआ था, इसलिए यह महीना शिव भक्तों के लिए विशेष पवित्र है।'
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
सावन के शेष सोमवारों पर भी इसी स्तर की या उससे अधिक भीड़ की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में श्रावण महोत्सव को लेकर धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और छोटे व्यापारियों के लिए भी लाभकारी है।