3 अगस्त 2026
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सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी भीड़; रांची पहाड़ी बाबा और भागलपुर के 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक

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सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी भीड़; रांची पहाड़ी बाबा और भागलपुर के 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक

सारांश

सावन के पहले सोमवार पर रांची के पहाड़ी बाबा मंदिर और भागलपुर के 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। झारखंड के सबसे बड़े शिवालय में 120 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, तो बिहार में गंगा-तट के ऐतिहासिक मंदिर में हजारों भक्तों ने जलाभिषेक किया।

मुख्य बातें

3 अगस्त को सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
रांची का पहाड़ी बाबा मंदिर देवघर के बाद झारखंड का सबसे बड़ा शिवालय माना जाता है।
जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में 120 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी की व्यवस्था की।
भागलपुर का भूतनाथ महादेव मंदिर 700 वर्ष से भी अधिक पुराना है, जो पहले थानेश्वरनाथ महादेव के नाम से जाना जाता था।
महंत के अनुसार, श्रावण माह में समुद्र मंथन के दौरान विष प्रकट होने की मान्यता के कारण यह महीना शिव भक्तों के लिए विशेष महत्त्वपूर्ण है।

सावन के पहले सोमवार, 3 अगस्त को देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रांची के पहाड़ी बाबा मंदिर और भागलपुर के ऐतिहासिक भूतनाथ महादेव मंदिर में हजारों भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद माँगा। सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच श्रद्धा और आस्था का यह जनसैलाब सुबह से ही उमड़ने लगा था।

पहाड़ी बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब

रांची स्थित पहाड़ी बाबा मंदिर, जिसे देवघर के बाद पूरे झारखंड का सबसे बड़ा शिवालय माना जाता है, में सोमवार की भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर प्रबंधन समिति के राजकुमार शर्मा ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक एवं प्राचीन मंदिर है। उन्होंने कहा, 'बाबा को सोमवार का दिन सबसे प्रिय है, इसलिए सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रहती है।'

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने विशेष तैयारी की। जिला प्रशासन की ओर से 120 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से परिसर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

भाजपा नेता और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने कहा कि पहाड़ी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं और व्यवस्था संतोषजनक है। उन्होंने कहा, 'सावन के महीने में श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने की आस लेकर बाबा के दर्शन करते हैं।'

दर्शन के लिए पहुँचे श्रद्धालु अभिषेक यादव ने बताया कि उन्होंने बाबा से प्रार्थना की है कि सब कुछ ठीक रहे, माता-पिता स्वस्थ रहें और समाज सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े। एक अन्य भक्त अमन कुमार ने कहा कि उनकी बाबा से यही विनती है कि स्वास्थ्य अच्छा रहे और परिवार के सदस्य निरोग रहें।

भागलपुर के 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में उत्साह

बिहार के भागलपुर जिले में स्थित 700 वर्ष से भी अधिक पुराने भूतनाथ महादेव मंदिर में भी श्रावण के पहले सोमवार पर हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी। तिरुपति नाथ के भूतनाथ महादेव मंदिर के महंत ने बताया कि इस मंदिर को पहले थानेश्वरनाथ महादेव के नाम से जाना जाता था।

महंत के अनुसार, जब इस क्षेत्र में गंगा का प्रवाह आया और यहाँ श्मशान घाट स्थापित हुआ, तब से इस मंदिर का नाम भूतनाथ पड़ा। उन्होंने धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'हिंदू मान्यता के अनुसार श्रावण माह में ही समुद्र मंथन के दौरान विष प्रकट हुआ था, इसलिए यह महीना शिव भक्तों के लिए विशेष पवित्र है।'

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

सावन के शेष सोमवारों पर भी इसी स्तर की या उससे अधिक भीड़ की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में श्रावण महोत्सव को लेकर धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और छोटे व्यापारियों के लिए भी लाभकारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर-पूर्व भारत में बढ़ते धार्मिक पर्यटन का संकेत भी है, जिसे प्रशासन अब सुरक्षा-तकनीक से संभालने की कोशिश कर रहा है। रांची में 120 सीसीटीवी कैमरों की तैनाती यह दर्शाती है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती बन चुकी है। भागलपुर के 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर की कहानी यह भी याद दिलाती है कि भारत के छोटे शहरों में ऐसे अनेक ऐतिहासिक धरोहर-स्थल हैं जो राष्ट्रीय कवरेज से वंचित रहते हैं। सावन के शेष सोमवारों पर भीड़ और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक तैयारी की निरंतरता ज़रूरी होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सावन के पहले सोमवार पर पहाड़ी बाबा मंदिर में क्या विशेष व्यवस्था की गई?
रांची जिला प्रशासन और रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने 120 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए और चप्पे-चप्पे पर निगरानी की व्यवस्था की। सुरक्षाकर्मियों की भी अतिरिक्त तैनाती की गई।
रांची का पहाड़ी बाबा मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
पहाड़ी बाबा मंदिर को देवघर के बाद पूरे झारखंड का सबसे बड़ा शिवालय माना जाता है। यह एक ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर है, जहाँ सावन के सोमवार को विशेष रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं।
भागलपुर का भूतनाथ मंदिर कितना पुराना है और इसका नाम कैसे पड़ा?
भागलपुर का भूतनाथ महादेव मंदिर 700 वर्ष से भी अधिक पुराना है। मंदिर के महंत के अनुसार, इसे पहले थानेश्वरनाथ महादेव के नाम से जाना जाता था; जब गंगा इस क्षेत्र में आईं और यहाँ श्मशान घाट स्थापित हुआ, तब से इसे भूतनाथ कहा जाने लगा।
सावन का महीना शिव भक्तों के लिए क्यों विशेष माना जाता है?
हिंदू मान्यता के अनुसार श्रावण माह में ही समुद्र मंथन के दौरान विष प्रकट हुआ था, जिसे भगवान शिव ने पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। इसीलिए इस माह में शिव पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व है।
सावन 2025 में शिव मंदिरों में इतनी भीड़ क्यों उमड़ रही है?
सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव भक्ति के लिए शुभ माना जाता है और इस वर्ष 3 अगस्त को पड़े पहले सोमवार पर झारखंड व बिहार सहित देशभर के प्रमुख शिवालयों में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुँचे। धार्मिक पर्यटन में हो रही वृद्धि भी इस भीड़ का एक कारण है।
राष्ट्र प्रेस
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