हरसिमरत कौर बादल का AAP पर हमला: 'सुनाम में युवक को करंट और पिटाई, पगड़ी उतारी'
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने 4 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला, जब सुनाम के शेरो गाँव में एक पंजाबी युवक के साथ कथित तौर पर बर्बर व्यवहार की खबरें सामने आईं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री की एक सभा के दौरान विरोध करने वाले इस युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर बेरहमी से पीटा।
मुख्य घटनाक्रम
बादल के अनुसार, गुरुवार को सुनाम के शेरो गाँव में मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक सभा चल रही थी। इसी दौरान एक पंजाबी युवक ने छत पर चढ़कर AAP सरकार के खिलाफ खुलकर विरोध जताया। कुछ ही मिनटों में पुलिसकर्मी छत पर पहुँचे और उसे हिरासत में ले लिया।
हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि हिरासत के बाद युवक को करंट लगाया गया, बुरी तरह पीटा गया, उसकी पगड़ी उतारी गई और उसकी दाढ़ी के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने इसे एक सिख की धार्मिक गरिमा पर हमला करार दिया।
हरसिमरत कौर बादल के आरोप
बादल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'पंजाब में आखिर हो क्या रहा है? सीधे-सादे पंजाबी गाँववालों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है?' उन्होंने कहा कि यह युवक वही है जिसने गुरुवार को भगवंत मान और AAP की नाकामियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के आदेश पर उनके सिख भाई की गरिमा पर हमला किया गया और इसे 'अक्षम्य' बताया। उन्होंने कहा कि AAP के राज में जो भी पंजाबी जवाबदेही माँगता है, उसकी आवाज दबा दी जाती है।
अकाली दल का रुख
हरसिमरत कौर बादल ने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल इस युवक और उसके परिवार के साथ पूरी तरह खड़ा है और उनकी हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पार्टी इस मामले को अदालत में ले जाएगी।
उन्होंने कहा, 'हम पंजाब हैं और हम इस तरह की तानाशाही को स्वीकार नहीं करेंगे।' उनके अनुसार, यह घटना इस बात का प्रमाण है कि चार साल की पूर्ण सत्ता ने AAP को भ्रष्ट और तानाशाही की राह पर ले जाया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब में AAP सरकार और विपक्षी दलों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। शिरोमणि अकाली दल पहले भी पंजाब में पुलिसिया कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर सरकार को घेरता रहा है। गौरतलब है कि सिख धार्मिक प्रतीकों — पगड़ी और दाढ़ी — के साथ कथित बदसलूकी पंजाब में राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है।
आगे क्या होगा
हरसिमरत कौर बादल ने मामले को न्यायालय तक ले जाने का ऐलान किया है। इस मामले में पंजाब पुलिस की भूमिका और हिरासत के दौरान हुई कथित ज्यादती की स्वतंत्र जाँच की माँग उठने की संभावना है। AAP सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।