टीएमसी में जल्द सिर्फ ममता-अभिषेक बचेंगे, बाकी छोड़ेंगे पार्टी: शाहनवाज हुसैन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने 11 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में इस पार्टी में केवल ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ही बचेंगे और शेष नेता पार्टी छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नीति आयोग की बैठक ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे किए हैं।
नीति आयोग बैठक की प्रासंगिकता
हुसैन ने कहा कि नीति आयोग की यह बैठक मौजूदा परिदृश्य में अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने विकास को अपनी प्राथमिकता सूची में सर्वोच्च स्थान दिया और इस दिशा में कभी कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि इस बैठक में उन परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी जो अभी भी अपने लक्ष्य से पीछे हैं, और उन्हें पूरा करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
हुसैन के मुताबिक, विकास की गति को और तीव्र करने के लिए इस बैठक में जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की रणनीति पर विशेष जोर दिया जाएगा।
टीएमसी में बगावत और आंतरिक कलह
BJP प्रवक्ता ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही आंतरिक उठापटक पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक पटखनी के बावजूद TMC के प्रति जनता का गुस्सा कम नहीं हुआ है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के साथ हाल ही में हुए जनता के व्यवहार का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भारतीय राजनीतिक इतिहास में किसी भी राज्य की जनता ने किसी नेता के साथ ऐसा व्यवहार पहले नहीं किया।
हुसैन ने कहा कि TMC के विधायकों और सांसदों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लेकर गहरा आक्रोश है। उनके अनुसार, यह पार्टी मूलतः कांग्रेस से अलग होकर बनी थी और आज इसके भीतर बगावत का माहौल बन चुका है।
ममता-अभिषेक की विश्वसनीयता पर सवाल
हुसैन ने दावा किया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों की राजनीतिक विश्वसनीयता अब समाप्त हो चुकी है। उनके शब्दों में, 'आप देखिएगा कि इस पार्टी में सिर्फ ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ही रह जाएंगे और शेष लोग पार्टी छोड़ देंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में कोई भी इस पार्टी में शामिल नहीं होना चाहेगा।
कर्नाटक और मीनाक्षी नटराजन प्रकरण
कर्नाटक की राजनीतिक उथलपुथल पर हुसैन ने कहा कि वहाँ की जनता इस 'नाटक' से त्रस्त हो चुकी है। उनके अनुसार, राज्य सरकार को जनहित से कोई सरोकार नहीं है और सत्ता पक्ष केवल कुर्सी की लड़ाई में उलझा हुआ है।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर हुसैन ने कहा कि उन्हें नामांकन पत्र में सभी जानकारियाँ सही और पारदर्शी तरीके से देनी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि एक पढ़ी-लिखी नेता होने के नाते नटराजन को इस प्रक्रिया की जानकारी अवश्य रही होगी, और रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों में आंतरिक संकट और नेतृत्व विवाद लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आने वाले हफ्तों में TMC की आंतरिक स्थिति और कर्नाटक सरकार का भविष्य — दोनों ही राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।