नवादा में खरीफ महाभियान 2026: एलईडी किसान जागरूकता वाहन रवाना, 14 प्रखंडों में पहुँचेगी कृषि जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
नवादा में शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 के तहत 15 जून 2026 को किसान जागरूकता अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें एक एलईडी युक्त किसान जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले के सभी 14 प्रखंडों में भ्रमण करते हुए किसानों तक कृषि विभाग की योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी पहुँचाएगा।
अभियान का शुभारंभ
जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश के निर्देश पर समाहरणालय परिसर, नवादा में अपर समाहर्ता डॉ. अनिल कुमार तिवारी के नेतृत्व में इस अभियान का उद्घाटन किया गया। यह पहल खरीफ सीजन से पहले किसानों को समय पर तकनीकी और योजनागत जानकारी देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
वाहन की कार्यप्रणाली और охват
एलईडी युक्त यह जागरूकता वाहन प्रतिदिन एक प्रखंड की तीन पंचायतों में पहुँचेगा और ऑडियो-वीडियो माध्यम से किसानों को जानकारी देगा। जिला कृषि पदाधिकारी अजीत प्रकाश ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों का समावेश और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक समय पर पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है।
वाहन के माध्यम से डीबीटी (DBT) के ज़रिए कृषि अनुदान वितरण, कृषि उपादानों की जानकारी, फसल प्रदर्शन कार्यक्रम और विभागीय योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रसारित किया जाएगा।
किसानों को क्या जानकारी मिलेगी
अभियान के दौरान किसानों को निम्नलिखित विषयों पर जागरूक किया जाएगा:
जीरो टिलेज तकनीक से धान की सीधी बुआई, जल और श्रम की बचत करने वाली आधुनिक कृषि पद्धतियाँ, उत्पादन लागत में कमी के उपाय और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग। इसके अलावा मक्का, बेबी कॉर्न एवं स्वीट कॉर्न की उन्नत खेती, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का चयन तथा फसल विविधीकरण के ज़रिए आय वृद्धि के उपाय भी बताए जाएंगे।
मृदा स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक पर ज़ोर
अभियान में संतुलित उर्वरकों के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, मिट्टी जाँच के महत्व और जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कृषि में ड्रोन तकनीक के प्रयोग और कृषि जनकल्याण चौपाल के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में भी यह अभियान काम करेगा। मिट्टी जाँच के आधार पर उर्वरक उपयोग से उत्पादन लागत घटाने और भूमि की दीर्घकालिक उर्वरा शक्ति बनाए रखने के उपाय भी साझा किए जाएंगे।
किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम
किसानों को किसान मेला, किसान पाठशाला, कृषक परिभ्रमण, प्रक्षेत्र दिवस और कृषि गोष्ठियों में भागीदारी से मिलने वाले तकनीकी लाभों की जानकारी भी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से किसान नवीन तकनीकें अपनाकर अपनी कृषि उत्पादकता और आय में वृद्धि कर सकेंगे तथा आत्मनिर्भर बन सकेंगे।