शास्त्री नगर विवाद: BJP विधायक गोपाल शर्मा ने मांगी सख्त कार्रवाई, मराठी मान्यता का किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र की सुभाष कॉलोनी में हुई हिंसक घटना, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों और मराठी भाषा को मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने 16 जुलाई को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस के आश्वासन का उल्लेख किया।
शास्त्री नगर में क्या हुआ
गोपाल शर्मा के अनुसार, उन्हें रात करीब पौने दस बजे सूचना मिली कि सुभाष कॉलोनी में एक मकान से लोगों पर हमला और पथराव किया गया। कथित तौर पर इस घटना में महिलाओं पर भी हमला हुआ और कई लोग घायल हुए। जब विधायक मौके पर पहुँचे, तब तक कथित हमलावर फरार हो चुके थे और पुलिस बल तैनात था।
स्थानीय निवासियों ने गोपाल शर्मा को बताया कि इस तरह की घटनाएँ पहले भी होती रही हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बनता है। विधायक ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से माँग की कि जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई है और जिनके घरों से पथराव के सबूत मिले हैं, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई हो। पुलिस ने आश्वासन दिया कि नामजद शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
डोटासरा पर राजनीतिक आरोप
गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए गोपाल शर्मा ने कहा कि आयोगों का उद्देश्य सरकार के कार्यों में सहयोग करना होता है और जहाँ तत्काल आवश्यकता होती है, सरकार उन्हें समय पर गठित करती है। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग सहित कई आयोग सुचारू रूप से काम कर रहे हैं, जबकि कुछ में नियुक्तियों पर विचार-विमर्श इसलिए चलता है क्योंकि सदस्यों का कार्यकाल निर्धारित होता है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस के भीतर राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलती हैं, तब डोटासरा सत्ता पक्ष को निशाना बनाने लगते हैं। उनके अनुसार, प्रदेश नेतृत्व को लेकर कांग्रेस में चल रही आंतरिक चर्चाएँ ही डोटासरा की इस सक्रियता का कारण हैं।
डोटासरा की राजनीतिक छवि पर टिप्पणी
गोपाल शर्मा ने स्वीकार किया कि गोविंद सिंह डोटासरा एक वरिष्ठ और जनाधार वाले नेता हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाया जिसके वे हकदार हैं। इसके लिए उन्होंने डोटासरा की कार्यशैली को भी आंशिक रूप से जिम्मेदार बताया, यह कहते हुए कि कई बार वे आवेश में ऐसी बातें कह देते हैं जो उनकी राजनीतिक छवि को प्रभावित करती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस देशभर में कमजोर हुई है और राजस्थान में भी उसे नुकसान उठाना पड़ा है, हालाँकि वह अब भी राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। शर्मा ने कहा कि विधानसभा में डोटासरा उनसे वरिष्ठ हैं और वे भारतीय संस्कृति के अनुसार उनका सम्मान करते हैं।
मराठी भाषा मान्यता का स्वागत
मराठी भाषा को मान्यता दिए जाने पर गोपाल शर्मा ने इसे एक सकारात्मक और स्वागत योग्य पहल बताया। उन्होंने कहा कि देश के बड़े राज्यों की भाषाओं को अन्य राज्यों में भी पढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि आज विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के लोग निवास करते हैं और वे चाहते हैं कि उनके बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा का अवसर मिले। उनके अनुसार, इससे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय को मजबूती मिलेगी।
आगे की स्थिति
पुलिस और प्रशासन के अनुरोध पर गोपाल शर्मा ने मौके पर मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने और अपने-अपने घर लौटने की अपील की, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। शास्त्री नगर की घटना में नामजद शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति बहाली अब प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती है।