10 अगस्त 2026
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बालासाहेब की विचारधारा से UBT का विश्वासघात: संजय निरुपम का शिवसेना स्थापना दिवस पर तीखा हमला

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बालासाहेब की विचारधारा से UBT का विश्वासघात: संजय निरुपम का शिवसेना स्थापना दिवस पर तीखा हमला

सारांश

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर प्रवक्ता संजय निरुपम ने UBT पर बालासाहेब की विचारधारा से विश्वासघात का आरोप लगाया — कांग्रेस गठबंधन को हिंदुत्व की अनदेखी बताया। राहुल गांधी की परशुराम से तुलना को हिंदू परंपरा का अपमान करार दिया और संजय राउत पर FIR की माँग की।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 19 जून 2026 को 60वें स्थापना दिवस पर शिवसेना (यूबीटी) पर बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से विश्वासघात का आरोप लगाया।
2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन को निरुपम ने बालासाहेब के हिंदुत्व और उनकी कांग्रेस-विरोधी नीति का खुला उल्लंघन बताया।
राहुल गांधी की भगवान परशुराम से तुलना को निरुपम ने हिंदू परंपराओं का अपमान करार दिया।
निरुपम ने दावा किया कि दुनिया के डिजिटल लेन-देन का लगभग 90 प्रतिशत भारत में होता है और देश में करीब दो लाख स्टार्टअप सक्रिय हैं।
UBT के छह सांसदों द्वारा अलग समूह बनाने की खबरों पर निरुपम ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया।
संजय राउत पर धमकी भरी भाषा के आरोप लगाते हुए निरुपम ने मुंबई पुलिस से स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज करने की माँग की।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 19 जून 2026 को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर शिवसेना (यूबीटी) पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट ने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और हिंदुत्व के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना भगवान परशुराम से करना हिंदू परंपराओं का अपमान है।

UBT पर विचारधारा से विश्वासघात का आरोप

निरुपम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने जीवन भर कांग्रेस के साथ न जाने की बात कही थी। उनके अनुसार, 2019 में उद्धव ठाकरे गुट ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बालासाहेब की उस मूल विचारधारा को तिलांजलि दे दी। उन्होंने कहा कि बालासाहेब कांग्रेस की राजनीति और उसके कथित सेक्युलरिज्म की आलोचना करते थे — ऐसे में UBT को उनके विचारों का हवाला देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

निरुपम ने आरोप लगाया कि जो लोग कांग्रेस के साथ हाथ मिला चुके हैं, वे अब बालासाहेब के नाम पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि शिवसेना के दोनों गुटों के बीच यह वैचारिक टकराव महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक जारी रहेगा।

राहुल गांधी और परशुराम तुलना पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी की तुलना भगवान परशुराम से किए जाने पर निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक नेता का धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से महिमामंडन करना और उनकी तुलना पूजनीय देवी-देवताओं से करना हिंदू परंपरा का अपमान है।

उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी समय-समय पर जनेऊ धारण करने का प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उनकी राजनीति और बयान हिंदू भावनाओं के अनुकूल नहीं दिखते। निरुपम ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस हिंदुत्व की विचारधारा को सच्चे मन से स्वीकार करती है तो उसका स्वागत है, लेकिन राजनीतिक चापलूसी के लिए धर्म का उपयोग अस्वीकार्य है।

भारत की तकनीकी प्रगति पर निरुपम का दावा

स्थापना दिवस के मंच से निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को आम लोगों तक पहुँचाने की पहल का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि दुनिया में होने वाले डिजिटल लेन-देन का लगभग 90 प्रतिशत भारत में होता है और देश में करीब दो लाख स्टार्टअप सक्रिय हैं।

उन्होंने कहा कि पेरिस में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया था कि तकनीक का उपयोग केवल चुनिंदा लोगों के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों और देश के विकास के लिए होना चाहिए। गौरतलब है कि ये आँकड़े निरुपम के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

60वाँ स्थापना दिवस और सरकारी उपलब्धियाँ

निरुपम ने बताया कि शिवसेना का 60वाँ स्थापना दिवस मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को ग्राउंड में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल संगठन का उत्सव नहीं, बल्कि बालासाहेब के विजन का उत्सव भी है।

उन्होंने लाड़की बहन योजना और अटल सेतु जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिवसेना-भाजपा सरकार महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर आधारभूत ढाँचे का विकास कर रही है और सरकारी योजनाएँ जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं।

संजय राउत और UBT सांसदों पर निशाना

शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों द्वारा अलग समूह बनाने की इच्छा जताने की खबरों पर निरुपम ने कहा कि लोकतंत्र में हर जनप्रतिनिधि को अपनी राजनीतिक दिशा तय करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर अलग समूह बनाने की इच्छा व्यक्त की है, तो यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

निरुपम ने संजय राउत पर भी तीखी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि राउत ने उन सांसदों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा और धमकी भरे संकेतों का इस्तेमाल किया। उन्होंने माँग की कि मुंबई पुलिस स्वतः संज्ञान लेते हुए राउत के खिलाफ मामला दर्ज करे। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी हिंदुत्व की परिभाषा पर दोनों गुटों में गहरा मतभेद है। परशुराम-विवाद को उठाना एक सुनियोजित रणनीति लगती है — इससे हिंदू मतदाताओं में कांग्रेस की साख को नुकसान पहुँचाना और UBT को 'कांग्रेस का सहयोगी' के रूप में स्थापित करना दोनों एक साथ साधे जा रहे हैं। राउत पर FIR की माँग इस पूरे प्रकरण को कानूनी आयाम देने की कोशिश है, जो आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) पर क्या आरोप लगाए?
निरुपम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट ने 2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा और उनकी कांग्रेस-विरोधी नीति से विश्वासघात किया। उनके अनुसार, UBT को अब बालासाहेब के विचारों का हवाला देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
राहुल गांधी की परशुराम से तुलना पर निरुपम का क्या कहना है?
निरुपम ने कहा कि किसी राजनीतिक नेता की तुलना भगवान परशुराम जैसे पूजनीय देवता से करना हिंदू परंपरा और धार्मिक भावनाओं का अपमान है। उन्होंने इसे राजनीतिक चापलूसी के लिए धर्म का दुरुपयोग बताया।
शिवसेना का 60वाँ स्थापना दिवस कहाँ मनाया जा रहा है?
शिवसेना का 60वाँ स्थापना दिवस मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। निरुपम के अनुसार, इस कार्यक्रम में लाड़की बहन योजना और अटल सेतु जैसी सरकारी उपलब्धियों को पोस्टर, बैनर और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
UBT के छह सांसदों के अलग समूह बनाने की खबर पर निरुपम का क्या रुख है?
निरुपम ने इसे जनप्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक अधिकार बताया और कहा कि यदि सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर अलग समूह बनाने की इच्छा जताई है, तो यह उनका संवैधानिक अधिकार है।
निरुपम ने संजय राउत के खिलाफ क्या माँग की?
निरुपम ने आरोप लगाया कि संजय राउत ने UBT सांसदों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा और धमकी भरे संकेतों का इस्तेमाल किया। उन्होंने मुंबई पुलिस से माँग की कि वह स्वतः संज्ञान लेते हुए राउत के खिलाफ मामला दर्ज करे।
राष्ट्र प्रेस
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