सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल को लिखा पत्र, 'संसद चलो' मार्च के लिए माँगी छुट्टी; डॉक्टरों ने बताई हालत
सारांश
मुख्य बातें
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर 'संसद चलो' मार्च में भाग लेने के लिए अस्थायी छुट्टी देने का अनुरोध किया है। अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने कहा कि उनके स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य हैं, जबकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि लंबी भूख हड़ताल के कारण उन्हें सतत निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।
वांगचुक का पत्र: क्या कहा उन्होंने
वांगचुक ने अपने पत्र में लिखा, 'मैं अब अच्छा महसूस कर रहा हूँ। मेरी सेहत के पैरामीटर भी बिल्कुल सामान्य हैं, इसलिए मैं सभी से अनुरोध करता हूँ कि मुझे अस्पताल से छुट्टी दी जाए — भले ही कुछ समय के लिए — ताकि मैं संसद चलो मार्च में हिस्सा ले सकूँ।' उन्होंने इस आग्रह पर अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
डॉक्टरों ने क्या बताई स्थिति
सफदरजंग अस्पताल में मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. प्रो. मनीषा बैस ठाकुर ने पत्रकारों को बताया कि वांगचुक पिछले दो दिनों से उनकी देखरेख में हैं। उन्होंने कहा कि सुबह की जाँच में हालत पूरी तरह स्थिर पाई गई और सभी ब्लड टेस्ट के परिणाम सामान्य हैं। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि चूँकि वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर थे, इसलिए स्वास्थ्य जटिलताओं की आशंका पूरी तरह टली नहीं है और सतत निगरानी अनिवार्य है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने भी पुष्टि की कि वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उन्होंने बताया, 'उनके ब्लड पैरामीटर और हीमोग्लोबिन नॉर्मल रेंज में हैं। लेकिन लंबे उपवास के बाद स्वास्थ्य जोखिम बना रहता है, इसलिए हम निरंतर निगरानी जारी रखेंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि इलाज के लिए एम्स और सफदरजंग के डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम गठित की गई है।
पृष्ठभूमि: तीन हफ्तों की भूख हड़ताल
वांगचुक पिछले तीन हफ्तों से भूख हड़ताल पर थे। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल में उपचार के लिए ले गई। उनके स्वास्थ्य को लेकर देशभर में बड़ी संख्या में समर्थकों ने चिंता व्यक्त की थी। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख के अधिकारों और राज्य का दर्जा दिलाने की माँग को लेकर आंदोलन तेज़ हो रहा है।
मार्च और सुरक्षा व्यवस्था
इस बीच, 'संसद चलो' मार्च में भाग लेने के लिए प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर रवाना हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वांगचुक की अस्पताल से छुट्टी मिलने या न मिलने पर अंतिम निर्णय चिकित्सा टीम के मूल्यांकन पर निर्भर करेगा।