सोनम वांगचुक को बिना बातचीत उठा ले गई पुलिस — सपा नेता जाहिद बेग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को नई दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल से अचानक सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता जाहिद बेग रविवार, 19 जुलाई को विरोध स्थल पर पहुँचे और प्रशासन की कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पुलिस बिना किसी पूर्व संवाद के वांगचुक को उठा ले गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
जाहिद बेग ने क्या कहा
जाहिद बेग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल की राजनीति नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों से सीधे जुड़ा है। उन्होंने कहा, 'बड़ी संख्या में लोग धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से न बातचीत हुई, न हालचाल लेने कोई आया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस आंदोलन में छात्रों और युवाओं की आवाज़ के साथ पूरी तरह खड़ी है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
सपा नेता ने आरोप लगाया कि जिस तरह से वांगचुक को धरना स्थल से उठाया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज़ से चिंताजनक है। उनके अनुसार, किसी भी आंदोलन या प्रदर्शन के संदर्भ में सरकार और प्रशासन को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। बेग ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सुनना और संवाद करना अनिवार्य है।
सपा का लगातार समर्थन
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी पिछले कई दिनों से खुलकर सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही है। इससे पहले गुरुवार को लोकसभा सांसद डिंपल यादव भी जंतर-मंतर पहुँची थीं और सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) की माँगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था।
व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया
वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने की खबर सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार से जवाब माँगा है। सोनम वांगचुक को देशभर में व्यापक जन-समर्थन मिल रहा है, और ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख से जुड़ी माँगों को लेकर आंदोलन पहले से ही राष्ट्रीय ध्यान खींच रहा था।
आगे क्या
फिलहाल सरकार की ओर से आंदोलनकारियों से संवाद की कोई आधिकारिक पहल सामने नहीं आई है। विपक्षी दलों का दबाव बढ़ने के साथ यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है।