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सोनौली बॉर्डर पर थाई महिला गिरफ्तार: फर्जी आधार, वोटर ID और पैन कार्ड मोबाइल में मिले

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सोनौली बॉर्डर पर थाई महिला गिरफ्तार: फर्जी आधार, वोटर ID और पैन कार्ड मोबाइल में मिले

सारांश

सोनौली बॉर्डर पर इमिग्रेशन जांच में थाई महिला चोन चुतिचिराफत पकड़ी गई, जिसके मोबाइल में फर्जी आधार, वोटर ID और पैन कार्ड मिले। 2005 में नेपाली नागरिक से विवाह के बाद वह 2006 से मथुरा में रह रही थी और कथित तौर पर फर्जी भारतीय पहचान बनाई गई थी।

मुख्य बातें

16 अगस्त 2026 को सोनौली इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर थाई महिला चोन चुतिचिराफत को फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया।
महिला के मोबाइल में 'करुणा रुपनी देवी दासी' नाम से बने कथित फर्जी आधार कार्ड, वोटर ID (ZMY4348066) और पैन कार्ड (DAFPD459D) मिले।
महिला वर्ष 2006 से मथुरा में रह रही थी; 2011 में वहां जमीन खरीदकर मकान भी बनाया।
महिला के दो बच्चे — नंदनी (20) और नीरज (18) — मथुरा में पढ़ाई कर रहे हैं।
सोनौली कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी।

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर 16 अगस्त 2026 को एक थाई महिला को फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। महराजगंज जिले की इमिग्रेशन टीम ने नेपाल से भारत लौट रही इस महिला को नियमित जांच के दौरान पकड़ा, जिसके मोबाइल फोन में कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड की डिजिटल प्रतियां मिलीं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुई पहचान

सोनौली इमिग्रेशन कार्यालय पर अधिकारी नेपाल से भारत में प्रवेश कर रहे यात्रियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान महिला ने अपना थाई पासपोर्ट संख्या AC2825032 और वीजा प्रस्तुत किया। अधिकारियों को महिला की बोलचाल और भाषा को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद गहन पूछताछ की गई। जांच में महिला की पहचान थाईलैंड निवासी चोन चुतिचिराफत के रूप में हुई।

महिला के मोबाइल फोन की तलाशी में 'करुणा रुपनी देवी दासी', पत्नी मित्रलाल खनाल, निवासी वैष्णव नगर, रमनरेती, वृंदावन, मथुरा के नाम से बने कथित फर्जी दस्तावेजों की डिजिटल प्रतियां बरामद हुईं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी संख्या ZMY4348066 और पैन कार्ड संख्या DAFPD459D शामिल हैं।

मुख्य घटनाक्रम: 20 साल की पृष्ठभूमि

पूछताछ में सामने आया कि चोन चुतिचिराफत की शादी वर्ष 2005 में थाईलैंड में नेपाली नागरिक मित्रलाल खनाल से हुई थी। वर्ष 2006 में वह पति के साथ भारत आई और मथुरा में किराए के मकान में रहने लगी। वर्ष 2011 में दंपति ने मथुरा में जमीन खरीदकर मकान बनाया।

आरोप है कि इसके बाद महिला की पहचान बदलकर उसके नाम से कथित तौर पर फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए गए। महिला के दो बच्चे — नंदनी (20 वर्ष) और नीरज (18 वर्ष) — मथुरा में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। महिला 19 मई 2026 को नेपाल घूमने गई थी और 16 अगस्त 2026 को वापस लौटते समय सोनौली सीमा पर पकड़ी गई।

पुलिस की कार्रवाई

इमिग्रेशन अधिकारियों ने पूछताछ के बाद महिला को सोनौली पुलिस के हवाले कर दिया। सोनौली कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार थाई महिला से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फर्जी पहचान बनाकर दस्तावेज तैयार कराने और उनके इस्तेमाल के आरोपों की जांच कर रही है।

सीमा सुरक्षा पर सवाल

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-नेपाल सीमा पर अवैध प्रवेश और फर्जी दस्तावेजों के ज़रिये नागरिकता हासिल करने के प्रयासों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। गौरतलब है कि खुली सीमा होने के कारण सोनौली बॉर्डर पर यात्रियों का भारी आवागमन होता है, जो इमिग्रेशन जांच को और अधिक जटिल बनाता है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वोटर ID और पैन कार्ड की डिजिटल प्रतियों का मिलना यह सवाल उठाता है कि ये दस्तावेज़ मूलतः कैसे बने — क्या यह अकेले का काम था या कोई नेटवर्क इसमें शामिल है। जांच का दायरा केवल महिला तक सीमित न रहे, बल्कि दस्तावेज़ निर्माण की श्रृंखला तक पहुंचे — यही इस मामले की असली परीक्षा है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनौली बॉर्डर पर किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
थाईलैंड निवासी महिला चोन चुतिचिराफत को 16 अगस्त 2026 को सोनौली इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन में कथित फर्जी भारतीय आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड की डिजिटल प्रतियां मिलीं।
थाई महिला के पास कौन-से फर्जी दस्तावेज मिले?
'करुणा रुपनी देवी दासी' नाम से बने कथित फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी संख्या ZMY4348066 और पैन कार्ड संख्या DAFPD459D की डिजिटल प्रतियां उसके मोबाइल में मिलीं। उसका असली थाई पासपोर्ट संख्या AC2825032 भी बरामद हुआ।
थाई महिला कब से भारत में रह रही थी?
महिला वर्ष 2006 से मथुरा में रह रही थी, जब वह अपने पति नेपाली नागरिक मित्रलाल खनाल के साथ भारत आई थी। 2011 में दंपति ने मथुरा में जमीन खरीदकर मकान भी बनाया।
महिला सोनौली बॉर्डर पर कैसे पकड़ी गई?
महिला 19 मई 2026 को नेपाल घूमने गई थी और 16 अगस्त को वापस लौटते समय सोनौली इमिग्रेशन जांच में पकड़ी गई। अधिकारियों को उसकी बोलचाल और भाषा को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद गहन पूछताछ में असलियत सामने आई।
इस मामले में पुलिस आगे क्या करेगी?
सोनौली कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, गिरफ्तार महिला से पूछताछ जारी है। पुलिस फर्जी पहचान बनाने, दस्तावेज तैयार कराने और उनके इस्तेमाल के आरोपों की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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