प्रयागराज SRN अस्पताल विवाद: डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया

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प्रयागराज SRN अस्पताल विवाद: डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया

सारांश

प्रयागराज के SRN अस्पताल में डॉक्टरों-वकीलों के बीच मारपीट के बाद पुलिस ने केवल डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज की। एकतरफा कार्रवाई से नाराज इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है — माँगें न मानी गईं तो आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल सकता है।

मुख्य बातें

प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (SRN) में डॉक्टरों और वकीलों के बीच मारपीट के बाद पुलिस ने केवल डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया।
हड़ताल में सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों के डॉक्टर शामिल रहेंगे; डायग्नोस्टिक सेंटर भी बंद रह सकते हैं।
कमल सिंह ने प्रशासन पर केवल आश्वासन देने और ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया।
माँगें पूरी न होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने और पूरे उत्तर प्रदेश में फैलाने की चेतावनी दी गई है।

प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (SRN) में डॉक्टरों और वकीलों के बीच हुई मारपीट के बाद उपजे विवाद ने 21 मई 2026 को बड़ा रूप ले लिया, जब इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान कर दिया। डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए केवल उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जबकि वकीलों के विरुद्ध कोई मुकदमा नहीं लिखा गया।

मुख्य घटनाक्रम

SRN अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों और मरीज पक्ष से जुड़े लोगों के बीच मारपीट और हंगामे की घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन डॉक्टरों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर अब तक कोई मुकदमा नहीं लिखा गया है। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की आपात बैठक के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल का निर्णय लिया।

डॉक्टरों की माँगें और चेतावनी

डॉ. एके मिश्रा ने कहा कि जब किसी घटना में दोनों पक्ष शामिल हों तो दोनों की शिकायत दर्ज होनी चाहिए और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उनके अनुसार, प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि शुक्रवार सुबह 8 बजे तक उनकी शिकायत दर्ज नहीं हुई तो 24 घंटे की हड़ताल शुरू हो जाएगी।

हड़ताल का दायरा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

डॉ. कमल सिंह ने बताया कि इस हड़ताल में सरकारी और निजी — दोनों अस्पतालों के डॉक्टर शामिल रहेंगे। इसके साथ ही डायग्नोस्टिक सेंटर भी बंद रहने की आशंका है, जिससे प्रयागराज में स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शहर में पहले से ही चिकित्सा व्यवस्था पर दबाव है।

प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

डॉक्टर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो यह आंदोलन उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल सकता है। संगठनों का कहना है कि किसी भी पक्ष पर दबाव में कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और दोषियों को बचाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि माँगें पूरी नहीं हुईं तो 24 घंटे की हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदलने का भी संकेत दिया गया है।

प्रशासन की स्थिति

अब तक प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन दिए गए हैं। डॉक्टरों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज न होना इस पूरे विवाद का केंद्रबिंदु बना हुआ है। गौरतलब है कि अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर भी बार-बार उठता रहा है, और यह घटना उसी व्यापक चिंता का हिस्सा है। आने वाले घंटों में प्रशासन की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि हड़ताल होती है या टलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी स्तर पर डॉक्टरों की सुरक्षा अभी भी प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर निर्भर है। यदि प्रयागराज प्रशासन त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता, तो यह हड़ताल एक स्थानीय विवाद से प्रदेशव्यापी संकट में बदल सकती है।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रयागराज SRN अस्पताल विवाद क्या है?
प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (SRN) में जूनियर डॉक्टरों और मरीज पक्ष से जुड़े लोगों के बीच मारपीट और हंगामे की घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं लिखा गया, जिससे डॉक्टरों में भारी नाराजगी है।
प्रयागराज डॉक्टरों की हड़ताल कब से शुरू होगी?
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। यदि तब तक डॉक्टरों की शिकायत दर्ज नहीं हुई, तो हड़ताल शुरू हो जाएगी।
इस हड़ताल से किन स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा?
हड़ताल में सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों के डॉक्टर शामिल रहेंगे। डायग्नोस्टिक सेंटर भी बंद रह सकते हैं, जिससे प्रयागराज में आम मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
डॉक्टरों की मुख्य माँगें क्या हैं?
डॉक्टरों की मुख्य माँग है कि उनकी शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज की जाए और मामले की निष्पक्ष जाँच हो। डॉ. एके मिश्रा के अनुसार, जब दोनों पक्ष शामिल हों तो दोनों की बात सुनी जानी चाहिए और दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या यह हड़ताल पूरे उत्तर प्रदेश में फैल सकती है?
डॉक्टर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो यह आंदोलन उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल सकता है और 24 घंटे की हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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