31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुखबीर बादल का वादा: पंजाब में सत्ता मिली तो उद्योगों को ₹5 प्रति यूनिट बिजली, बनेगा 'बिल्ड पंजाब' विभाग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुखबीर बादल का वादा: पंजाब में सत्ता मिली तो उद्योगों को ₹5 प्रति यूनिट बिजली, बनेगा 'बिल्ड पंजाब' विभाग

सारांश

सुखबीर बादल ने पंजाब में उद्योगों के लिए ₹5 प्रति यूनिट बिजली और 'बिल्ड पंजाब' विभाग का वादा किया। मौजूदा ₹10–₹12 प्रति यूनिट की दर को अव्यवहार्य बताते हुए, उन्होंने सौर संयंत्रों से ₹1.50 तक की दर का भी लक्ष्य रखा — यह शिअद का अगले चुनाव से पहले का सबसे बड़ा औद्योगिक दांव है।

मुख्य बातें

सुखबीर सिंह बादल ने 30 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि शिअद सरकार बनने पर उद्योगों को ₹5 प्रति यूनिट बिजली मिलेगी।
उद्योगपतियों को खुद के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति दी जाएगी, जिससे दर ₹1.50 प्रति यूनिट तक आ सकती है।
बिल्डरों को एक महीने में अनुमतियाँ देने के लिए नया 'बिल्ड पंजाब' विभाग गठित किया जाएगा।
CLU शुल्क घटाए जाएंगे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएगी; अनियमित कॉलोनियों के लिए एकमुश्त निपटान योजना आएगी।
दुधारू पशुओं पर 75% सब्सिडी , दूध मिलावट पर धारा 307 और सभी सेवाएँ ऑनलाइन करने का वादा।
आढ़तियों का 2.5% कमीशन फ्रीज करने और छोटे ट्रांसपोर्टरों के अग्रिम टैक्स का मुद्दा उठाने का आश्वासन।

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ खुली बातचीत में ऐलान किया कि पंजाब में शिअद की अगली सरकार बनने पर औद्योगिक उपभोक्ताओं को ₹5 प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिल्डरों को एक माह के भीतर अनुमतियाँ देने के लिए एक नया 'बिल्ड पंजाब' विभाग गठित किया जाएगा तथा नई आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुविधाओं की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बिजली दरें और औद्योगिक संकट

बादल ने कहा कि फिलहाल पंजाब में उद्योगों को ₹10 से ₹12 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ रही है, जिससे राज्य में उद्योग चलाना अव्यवहार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि इन दरों में कटौती के अलावा, अगली शिअद सरकार उद्योगपतियों को अपने सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की अनुमति देगी, जिससे उनकी प्रभावी बिजली लागत घटकर ₹1.50 प्रति यूनिट तक आ सकती है। यह बैठक शिअद के व्यापार और उद्योग विंग के अध्यक्ष एनके शर्मा के साथ संयुक्त रूप से आयोजित की गई।

'बिल्ड पंजाब' और निवेश सुधार

बादल ने स्पष्ट किया कि नया 'बिल्ड पंजाब' विभाग पिछली शिअद सरकार के इन्वेस्ट पंजाब विभाग की तर्ज पर काम करेगा, जो नए निवेश के लिए समयबद्ध मंजूरी सुनिश्चित करता था। प्रस्तावित विभाग बिल्डरों को एक महीने के भीतर सभी अनुमतियाँ जारी करने के लिए उत्तरदायी होगा। इसके साथ ही भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) शुल्क कम किए जाने और पूरी CLU प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए जाने का भी वादा किया गया।

अन्य प्रमुख घोषणाएँ

बादल ने कहा कि सभी अनियमित कॉलोनियों के लिए एकमुश्त निपटान योजना लाई जाएगी। दुधारू पशुओं की खरीद पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने का वादा किया गया और दूध में मिलावट करने वालों पर धारा 307 लगाने की बात कही गई। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सभी सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी, स्व-सत्यापन को अनिवार्य किया जाएगा और कागजी कार्रवाई समाप्त की जाएगी ताकि किसी भी नागरिक को आधिकारिक कार्य के लिए सरकारी दफ्तर न जाना पड़े।

व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और दवा दुकानदारों की चिंताएँ

बादल ने आश्वासन दिया कि खाद्यान्न खरीद के दौरान आढ़तियों (बिचौलियों) के 2.5 प्रतिशत कमीशन को फ्रीज करने का मुद्दा उठाया जाएगा। छोटे ट्रांसपोर्टरों से अग्रिम वसूले जा रहे चार साल के टैक्स का मामला भी सुलझाने का वादा किया गया। दवा दुकानदारों की शिकायतों — विशेषकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर — पर भी ध्यान देने का भरोसा दिलाया गया।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि पंजाब में शिअद इस समय विपक्ष में है और राज्य में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार सत्ता में है। ये घोषणाएँ अगले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के चुनावी रोडमैप का हिस्सा मानी जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में औद्योगिक पलायन और बेरोज़गारी को लेकर बहस तेज हो रही है। अब यह देखना होगा कि सत्तारूढ़ दल और अन्य विपक्षी पार्टियाँ इन वादों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें वित्तीय व्यवहार्यता का ब्यौरा गायब है — यह स्पष्ट नहीं कि ₹5 प्रति यूनिट की सब्सिडी की भरपाई कहाँ से होगी, जबकि पंजाब पहले से गहरे वित्तीय दबाव में है। 'बिल्ड पंजाब' की अवधारणा पिछली शिअद सरकार के 'इन्वेस्ट पंजाब' मॉडल की पुनरावृत्ति लगती है, जो कार्यान्वयन में उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरी थी। सौर ऊर्जा से ₹1.50 प्रति यूनिट का लक्ष्य तकनीकी रूप से संभव है, पर इसके लिए ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और नेट-मीटरिंग नीति में बड़े सुधार चाहिए जिनका कोई रोडमैप अभी सामने नहीं आया।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखबीर बादल ने पंजाब के उद्योगों के लिए क्या वादा किया है?
शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने वादा किया है कि पंजाब में शिअद सरकार बनने पर उद्योगों को ₹5 प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जाएगी। इसके अलावा उद्योगपतियों को खुद के सौर संयंत्र लगाने की अनुमति भी मिलेगी, जिससे बिजली की प्रभावी लागत ₹1.50 प्रति यूनिट तक घट सकती है।
'बिल्ड पंजाब' विभाग क्या है और यह क्या करेगा?
'बिल्ड पंजाब' एक प्रस्तावित सरकारी विभाग है जो बिल्डरों और निवेशकों को एक महीने के भीतर सभी अनुमतियाँ जारी करने के लिए जवाबदेह होगा। यह पिछली शिअद सरकार के 'इन्वेस्ट पंजाब' विभाग की तर्ज पर काम करेगा और आईटी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुविधाओं की स्थापना को प्राथमिकता देगा।
पंजाब में अभी उद्योगों को बिजली कितने रुपए प्रति यूनिट मिलती है?
बादल के अनुसार, पंजाब में उद्योगों को इस समय ₹10 से ₹12 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने इन दरों को उद्योग के लिए अव्यवहार्य बताया और कहा कि इसी कारण राज्य में औद्योगिक निवेश प्रभावित हो रहा है।
शिअद ने किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए क्या घोषणाएँ कीं?
बादल ने दुधारू पशुओं की खरीद पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने, आढ़तियों के 2.5 प्रतिशत कमीशन को फ्रीज करने और छोटे ट्रांसपोर्टरों से अग्रिम वसूले जा रहे चार साल के टैक्स का मुद्दा सुलझाने का वादा किया। दूध में मिलावट करने वालों पर धारा 307 लगाने की भी घोषणा की गई।
ये घोषणाएँ किस संदर्भ में की गई हैं?
ये घोषणाएँ 30 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में शिअद के व्यापार एवं उद्योग विंग द्वारा आयोजित खुली बातचीत में की गईं। पंजाब में फिलहाल आम आदमी पार्टी की सरकार है और ये वादे अगले विधानसभा चुनाव से पहले शिअद के चुनावी एजेंडे का हिस्सा माने जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले