सुखबीर बादल का वादा: पंजाब में सत्ता मिली तो उद्योगों को ₹5 प्रति यूनिट बिजली, बनेगा 'बिल्ड पंजाब' विभाग
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ खुली बातचीत में ऐलान किया कि पंजाब में शिअद की अगली सरकार बनने पर औद्योगिक उपभोक्ताओं को ₹5 प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिल्डरों को एक माह के भीतर अनुमतियाँ देने के लिए एक नया 'बिल्ड पंजाब' विभाग गठित किया जाएगा तथा नई आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुविधाओं की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बिजली दरें और औद्योगिक संकट
बादल ने कहा कि फिलहाल पंजाब में उद्योगों को ₹10 से ₹12 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ रही है, जिससे राज्य में उद्योग चलाना अव्यवहार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि इन दरों में कटौती के अलावा, अगली शिअद सरकार उद्योगपतियों को अपने सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की अनुमति देगी, जिससे उनकी प्रभावी बिजली लागत घटकर ₹1.50 प्रति यूनिट तक आ सकती है। यह बैठक शिअद के व्यापार और उद्योग विंग के अध्यक्ष एनके शर्मा के साथ संयुक्त रूप से आयोजित की गई।
'बिल्ड पंजाब' और निवेश सुधार
बादल ने स्पष्ट किया कि नया 'बिल्ड पंजाब' विभाग पिछली शिअद सरकार के इन्वेस्ट पंजाब विभाग की तर्ज पर काम करेगा, जो नए निवेश के लिए समयबद्ध मंजूरी सुनिश्चित करता था। प्रस्तावित विभाग बिल्डरों को एक महीने के भीतर सभी अनुमतियाँ जारी करने के लिए उत्तरदायी होगा। इसके साथ ही भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) शुल्क कम किए जाने और पूरी CLU प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए जाने का भी वादा किया गया।
अन्य प्रमुख घोषणाएँ
बादल ने कहा कि सभी अनियमित कॉलोनियों के लिए एकमुश्त निपटान योजना लाई जाएगी। दुधारू पशुओं की खरीद पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने का वादा किया गया और दूध में मिलावट करने वालों पर धारा 307 लगाने की बात कही गई। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सभी सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी, स्व-सत्यापन को अनिवार्य किया जाएगा और कागजी कार्रवाई समाप्त की जाएगी ताकि किसी भी नागरिक को आधिकारिक कार्य के लिए सरकारी दफ्तर न जाना पड़े।
व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और दवा दुकानदारों की चिंताएँ
बादल ने आश्वासन दिया कि खाद्यान्न खरीद के दौरान आढ़तियों (बिचौलियों) के 2.5 प्रतिशत कमीशन को फ्रीज करने का मुद्दा उठाया जाएगा। छोटे ट्रांसपोर्टरों से अग्रिम वसूले जा रहे चार साल के टैक्स का मामला भी सुलझाने का वादा किया गया। दवा दुकानदारों की शिकायतों — विशेषकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर — पर भी ध्यान देने का भरोसा दिलाया गया।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि पंजाब में शिअद इस समय विपक्ष में है और राज्य में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार सत्ता में है। ये घोषणाएँ अगले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के चुनावी रोडमैप का हिस्सा मानी जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में औद्योगिक पलायन और बेरोज़गारी को लेकर बहस तेज हो रही है। अब यह देखना होगा कि सत्तारूढ़ दल और अन्य विपक्षी पार्टियाँ इन वादों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।