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सूरत में 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र, सीआर पाटिल ने वितरित किए जॉब लेटर

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सूरत में 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र, सीआर पाटिल ने वितरित किए जॉब लेटर

सारांश

सूरत में 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले ने एक ही दिन में 51 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी — और इस श्रृंखला का कुल आँकड़ा 12.75 लाख नियुक्तियों तक पहुँच गया। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने साफ कहा: सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा विस्तार की व्यवस्था नई पीढ़ी के रोजगार की राह रोकती है।

मुख्य बातें

सूरत के एसजीसीसीआई डोम में 19 सितंबर 2026 को 20वाँ राष्ट्रीय रोजगार मेला आयोजित हुआ।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
अब तक आयोजित रोजगार मेलों में कुल करीब 12.75 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
पाटिल ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा अवधि विस्तार के विरोध में बयान दिया, युवाओं के अवसर सुरक्षित रखने की वकालत की।
आयकर विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट जैसे पदों पर नियुक्तियाँ की गईं।

सूरत के सरसाना स्थित एसजीसीसीआई डोम में 19 सितंबर 2026 को आयोजित 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने इस अवसर पर युवाओं के हाथों में जॉब लेटर सौंपे और कहा कि यह मेला योग्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है।

मेले का महत्व और अब तक की उपलब्धि

मीडिया से बातचीत में सीआर पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इन रोजगार मेलों के जरिए अब तक करीब 12.75 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता होने से युवाओं में संतोष की भावना देखी जा रही है।

पाटिल के अनुसार, आज 51 हजार युवाओं को नई नौकरी मिलने से न केवल चयनित उम्मीदवारों बल्कि उनके परिवारों में भी खुशी का माहौल है। गौरतलब है कि यह श्रृंखला का 20वाँ आयोजन है, जो देशभर में रोजगार वितरण की निरंतरता को दर्शाता है।

सेवानिवृत्ति विस्तार पर पाटिल का रुख

रोजगार मेले के दौरान सीआर पाटिल ने सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद उनकी सेवा अवधि बढ़ाने के मुद्दे पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए रोजगार के अवसर सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ाने की व्यवस्था का विरोध किया जाना चाहिए।

पाटिल के अनुसार, सरकारी सेवाओं में नई पीढ़ी को अवसर मिलना जरूरी है और योग्यता व क्षमता के आधार पर रोजगार दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास जारी रहने चाहिए।

चयनित युवाओं की प्रतिक्रिया

आयकर विभाग में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के पद पर चयनित गोरखपुर के मोहम्मद जद ने खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और मेले के आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह देश और जनता के कल्याण के लिए पूरी ऊर्जा से काम करेंगे।

इसी पद पर चयनित जतिन ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्ति के साथ एक नई जिम्मेदारी आई है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'कर्मयोगी' विचार के अनुरूप काम करने और आयकर विभाग के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति में सीधे योगदान देने का संकल्प लिया।

चयनित रितिक कुमार ने कहा कि जनसेवा और राष्ट्रहित की भावना के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं, रोहित साहू ने भारत सरकार के अंतर्गत काम करने को गर्व का विषय बताते हुए ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और गरिमा के साथ देश की सेवा करने की प्रतिबद्धता जताई।

आम जनता और युवाओं पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा बेरोजगारी एक संवेदनशील विषय बना हुआ है। रोजगार मेलों की यह श्रृंखला सरकारी भर्तियों को एक केंद्रीकृत, पारदर्शी और त्वरित मंच देती है, जिससे न केवल उम्मीदवारों को बल्कि नियोक्ता विभागों को भी समयबद्ध कार्यबल मिलता है। 20 मेलों में कुल 12.75 लाख से अधिक नियुक्तियाँ इस पहल की व्यापकता का प्रमाण हैं।

आगे भी ऐसे मेलों की श्रृंखला जारी रहने की उम्मीद है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी सेवा में प्रवेश का मौका मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितनी नियुक्तियाँ नए पदों पर हुईं और कितनी पहले से रिक्त पदों को भरना मात्र था। सीआर पाटिल का सेवा विस्तार विरोध नीतिगत रूप से सही दिशा में संकेत देता है, पर इसे कानूनी ढाँचे में कब और कैसे बदला जाएगा, यह अस्पष्ट है। रोजगार मेलों की भव्यता और नियुक्त युवाओं की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाएँ एक सकारात्मक तस्वीर पेश करती हैं, लेकिन सरकारी रोजगार सृजन की दीर्घकालिक टिकाऊता तभी सिद्ध होगी जब निजी क्षेत्र के समानांतर एक मजबूत सार्वजनिक भर्ती पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20वाँ राष्ट्रीय रोजगार मेला क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
20वाँ राष्ट्रीय रोजगार मेला 19 सितंबर 2026 को सूरत के सरसाना स्थित एसजीसीसीआई डोम में आयोजित हुआ, जिसमें 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। यह केंद्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत पात्र उम्मीदवारों को एक ही मंच पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे जाते हैं।
अब तक कितने युवाओं को रोजगार मेलों के माध्यम से नौकरी मिली है?
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल के अनुसार, अब तक आयोजित रोजगार मेलों के जरिए करीब 12.75 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। 20वें मेले में 51 हजार नई नियुक्तियाँ इसी आँकड़े में जुड़ी हैं।
सीआर पाटिल ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा अवधि विस्तार पर क्या कहा?
सीआर पाटिल ने स्पष्ट कहा कि सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ाने की व्यवस्था का विरोध किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे नई पीढ़ी के रोजगार के अवसर सीमित होते हैं। उनका जोर था कि युवाओं को योग्यता और क्षमता के आधार पर सरकारी सेवाओं में प्रवेश का मौका मिलना जरूरी है।
इस रोजगार मेले में किन विभागों में नियुक्तियाँ हुईं?
मेले में आयकर विभाग सहित विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों में नियुक्तियाँ की गईं। आयकर विभाग में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के पद पर कई उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र मिले, जिनमें गोरखपुर के मोहम्मद जद, जतिन, रितिक कुमार और रोहित साहू शामिल हैं।
रोजगार मेलों में चयन प्रक्रिया कैसी होती है?
सीआर पाटिल के अनुसार, रोजगार मेलों में युवाओं का चयन उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर पारदर्शी तरीके से किया जाता है। इस पारदर्शी प्रक्रिया के कारण चयनित उम्मीदवारों में संतोष की भावना देखी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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