सूरत में ₹232 करोड़ का ESIC अस्पताल: PM मोदी करेंगे वर्चुअल उद्घाटन, 3.80 लाख श्रमिकों को मिलेगा मुफ्त इलाज
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूरत के सिविल चार रास्ता क्षेत्र में ₹232 करोड़ की लागत से निर्मित 220 बेड वाले अत्याधुनिक ईएसआईसी (ESIC) मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का वर्चुअल उद्घाटन करने जा रहे हैं। इस अस्पताल के संचालन में आने से सूरत क्षेत्र के करीब 3.80 लाख बीमाधारक श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों को निःशुल्क और उन्नत चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध होंगी। यह पहल 'विकसित गुजरात से विकसित भारत' के संकल्प के अंतर्गत की जा रही है।
पुराने अस्पताल से कितना बड़ा बदलाव
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस स्थान पर पहले केवल 100 बेड का अस्पताल संचालित होता था। अब इसे दोगुने से अधिक क्षमता वाले 220 बेड के मल्टीस्पेशलिटी एवं रेफरल अस्पताल के रूप में पुनर्विकसित किया गया है। विशेष रूप से, इस बार संस्थान में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी जोड़ी गई है, जो इसे केवल एक उपचार केंद्र से आगे एक चिकित्सा शिक्षा संस्थान का दर्जा देती है।
श्रमिकों को क्या-क्या मिलेगा मुफ्त
अस्पताल की डीन इंचार्ज डॉ. बिंदी भटियानी ने बताया कि यहाँ भर्ती मरीजों को दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा मोतियाबिंद ऑपरेशन से लेकर जटिल सर्जरी और इम्प्लांटेशन जैसी महँगी चिकित्सा प्रक्रियाएँ भी बिना किसी शुल्क के की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि श्रमिकों के बच्चों के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर सुलभ होंगे।
किन सेवाओं से होगी शुरुआत
अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विकल्प शास्त्री के अनुसार, प्रारंभिक चरण में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएँ शुरू की जाएंगी। इसके बाद चरणबद्ध ढंग से मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, बाल रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विभागों की सेवाएँ आरंभ की जाएंगी।
उन्नत तकनीक और भविष्य की सुविधाएँ
अस्पताल को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। आने वाले समय में यहाँ सीटी स्कैन, एमआरआई, एडवांस अल्ट्रासाउंड, आईसीयू और सेकेंडरी व टर्शियरी केयर जैसी उन्नत सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में श्रमिक वर्ग के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की माँग लगातार बढ़ रही है।
आम जनता और श्रमिकों पर असर
गौरतलब है कि सूरत देश के प्रमुख वस्त्र और हीरा उद्योग केंद्रों में से एक है, जहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी और स्थानीय श्रमिक कार्यरत हैं। इस अस्पताल के संचालन से न केवल इन श्रमिकों को बल्कि उनके परिवारों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक सीधी पहुँच मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि यह संस्थान भविष्य में श्रमिक परिवारों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य एवं शिक्षा केंद्र के रूप में उभरेगा।