सूरत में 15 जुलाई से फ्लैट्स 5-10% महंगे, क्रेडाई ने बताई सीमेंट-स्टील की बढ़ती लागत की वजह
सारांश
मुख्य बातें
सूरत में घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए 15 जुलाई 2025 से रियल एस्टेट बाज़ार में बड़ा बदलाव आने वाला है। क्रेडाई सूरत ने संकेत दिया है कि शहर के आवासीय प्रोजेक्ट्स की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। निर्माण सामग्री की आसमान छूती कीमतें और कुशल श्रमिकों की घटती उपलब्धता इस निर्णय की मुख्य वजह बताई जा रही है।
मूल्य वृद्धि की वजह
क्रेडाई सूरत के चेयरमैन संजय मांगुकिया ने कहा कि सूरत का रियल एस्टेट बाज़ार अब तक 'वैल्यू फॉर मनी' की पहचान रखता था और डेवलपर्स का लाभ मार्जिन भी सीमित रहता था। उन्होंने बताया कि हाल के वैश्विक तनावों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उतार-चढ़ाव के चलते सीमेंट, स्टील और एल्युमिनियम जैसी ज़रूरी निर्माण सामग्री की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई है। इसी कारण फ्लैट्स की कीमतों में लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है, जो प्रोजेक्ट की स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
निर्माण लागत का संकट
क्रेडाई सूरत के अध्यक्ष डॉ. दिनेश पटेल ने बताया कि निर्माण क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत तक प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग होता है। पिछले कुछ समय में अकेले एल्युमिनियम की कीमतों में करीब 200 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही टाइल्स और अन्य निर्माण सामग्री की आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हुई है, जिससे समग्र निर्माण लागत में भारी इज़ाफ़ा हुआ है।
श्रमिक संकट और छोटे बिल्डरों पर असर
डॉ. पटेल ने यह भी बताया कि गैस और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कई श्रमिक अपने गृह राज्यों की ओर लौट गए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे विकास कार्यों के कारण सूरत में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता कम हो गई है, जिससे लेबर कॉस्ट में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इस स्थिति में छोटे और मध्यम स्तर के बिल्डर्स के लिए प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है और कुछ प्रोजेक्ट्स ठप होने की कगार पर हैं।
आधुनिक तकनीक की ओर रुख
इस संकट से निपटने के लिए डेवलपर्स अब पारंपरिक निर्माण तकनीकों के बजाय रेडी-मिक्स कंक्रीट और एल्युमिनियम फॉर्मवर्क जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं। हालाँकि इन तरीकों से निर्माण की गुणवत्ता और गति बेहतर हो रही है, लेकिन लागत भी बढ़ रही है, जिसका सीधा असर घरों की कीमतों पर पड़ रहा है।
घर खरीदारों के लिए क्या करें
क्रेडाई पदाधिकारियों ने सुझाव दिया है कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य आधा हो चुका है, वे अभी अपेक्षाकृत कम कीमत या सीमित बढ़ोतरी के साथ उपलब्ध हो सकती हैं। आने वाले नए प्रोजेक्ट्स की कीमतें अधिक होने की संभावना है, इसलिए घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह समय निर्णय लेने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। 15 जुलाई की समयसीमा से पहले बुकिंग करने वाले खरीदारों को मौजूदा दरों का लाभ मिल सकता है।