महिला अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस': CM सुवेंदु अधिकारी ने कूच बिहार दौरे पर दिए कड़े निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 22 सितंबर 2026 को कूच बिहार जिले के आधिकारिक दौरे के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को पुनः दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार नाबालिग हो या वयस्क, किसी भी महिला के खिलाफ अपराध के दोषी को कानून के तहत कड़ी सज़ा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला सुरक्षा पर कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी माँ या बहन — नाबालिग अथवा वयस्क — के खिलाफ उंगली भी उठाता है, तो उसकी उंगलियाँ तोड़ दी जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया।
साथ ही, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की पूरी लगन से जाँच करने और न्यायिक प्रक्रिया में त्वरित सज़ा सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता के निर्देश
चूँकि कूच बिहार की सीमा पड़ोसी देश बांग्लादेश से लगती है, इसलिए मुख्यमंत्री ने जिला पुलिस को सीमा संबंधी अपराधों पर विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में गांजा और अफीम जैसे मादक पदार्थों की खेती को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिले में किसी भी प्रकार के माफिया या जबरन वसूली गिरोह को पनपने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में तस्करी और संगठित अपराध की घटनाएँ पूर्व में भी चिंता का विषय रही हैं।
राजबंग्शी समुदाय और कामतापुर मांग
कूच बिहार जिले के एक वर्ग, विशेषकर राजबंग्शी समुदाय, की अलग कामतापुर राज्य की लंबे समय से चली आ रही माँग के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में राजबंग्शी मतदाताओं ने BJP को भारी समर्थन दिया है।
उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि समुदाय ने उन्हें भारी संख्या में वोट दिए हैं और उनकी माँगों व अधिकारों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने राजबंग्शी भाषा अकादमी के लिए ₹50 करोड़ की राशि आवंटित किए जाने की घोषणा भी की।
काफिले पर हमले का किया जिक्र
मुख्यमंत्री अधिकारी ने इस दौरे पर यह भी याद किया कि पिछले वर्ष, जब वे पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता थे, तब कूच बिहार में उनके काफिले पर हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि वे ईश्वर और दैवीय न्याय में विश्वास रखते हैं।
यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अधिकारी की सत्ता में वापसी और उसी जिले का दौरा उनके राजनीतिक सफर में एक प्रतीकात्मक पड़ाव है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि महिला सुरक्षा के इन निर्देशों को ज़मीनी स्तर पर किस हद तक लागू किया जाता है।